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पर्वतों के निर्माण (Geography Notes - part 06)

पर्वतों के निर्माण  प्रस्तावना "पर्वत हमारी पृथ्वी की सबसे भव्य और प्रभावशाली संरचनाओं में से एक हैं। ये न केवल हमारे भूगोल को तय करते हैं, बल्कि मौसम से लेकर हमारी नदियों तक सब कुछ बदलते हैं। लेकिन इनकी उत्पत्ति के पीछे की कहानी उतनी ही जटिल और दिलचस्प है। इस अध्याय में हम बेहद आसान भाषा में समझेंगे कि प्लेटों के टकराने, ज़मीन के फटने और ज्वालामुखी के विस्फोट से इन पर्वतों का जन्म कैसे होता है।" पर्वतों के निर्माण पर्वतों के निर्माण का मुख्य आधार टेक्टोनिक प्लेटों की गति है। हमारी पृथ्वी का सबसे ऊपरी हिस्सा (स्थलमंडल) कई टुकड़ों में टूटा हुआ है जिन्हें 'टेक्टोनिक प्लेट्स' कहते हैं। ये प्लेटें मेंटल की अर्ध-तरल परत (एस्थेनोस्फीयर) पर बहुत धीमी गति (सालाना 1 से 10 सेमी) से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें एक-दूसरे की ओर बढ़ती हैं, दूर जाती हैं या आपस में रगड़ खाती हैं, तो पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) पर भीषण तनाव और दबाव बनता है। इसी हलचल के कारण ज़मीन का हिस्सा या तो ऊपर उठ जाता है या फिर ज्वालामुखी के मैग्मा के जमाव से पहाड़ का रूप ले लेता है। पर्वतों के मुख्य प्रकार पर्...

मेहरबानी : काव्य संग्रह by sunil

मेहरबानी : काव्य संग्रह

प्रिय मित्रोंमुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि कड़ी मेहनत के बाद मेरी वेबसाइट देवभूमिउत्तराखंड.com में earning शुरू हो गई है। तो इस उपलक्ष्य में एक स्पेशल थैंक्स तो आप सबके लिए बनता है। आप सभी का  दिल से बहुत-बहुत धन्यवाद। आपने मेरे द्वारा लिखी गई कविताएं ध्यानपूर्वक पढा और लोगों तक भी पहुंचाया। उम्मीद है यदि आप सभी का सहयोग रहा तो -3 महीनों में यूट्यूब चैनल से भी earning शुरू हो सकती हैै। तो  जिसने भी मेरा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब नहीं किया है तो सब्सक्राइब कर लें। आप सभी के सहयोग के उपलक्ष्य में इन्हीं शब्दों से प्रेरित आप सभी दोस्तों के धन्यवाद  लिए मैंने एक कविता लिखी है।

जरा गौर फरमाना........।

मेहरबानी 


दोस्तों,
आप सभी की मेहरबानी है,
आप लोगों से जुड़ी जिंदगानी है,
आपके प्यार और सहयोग से ,
मेरे अरमानों में तूफानी है ,
थोड़े से शब्द है, थोड़ी-सी जुबानी है 
थोड़ी हकीकत है , छोटी-सी कहानी है
चुरा सकूं मैं ! वो लम्हे दुनिया से,
जो बच्चों को सुनानी है ,
दिन भी गजब के है,  रातें भी सुहानी है।
कोई इंतजार करें ना करें,  मेरे आंखों में रवानी है।
मंजिल मुझे मिले या आपको,
दोस्ती तो हर हाल में निभानी है ।
स्वार्थ का भावना ना रखो - मेरे यारों,
हर शख्स ! देवभूमि की रूहानी है।

दिल से शुक्रिया............. Sunil

नया साल मुबारक हो

दोस्तों देर से ही सही पर नए साल बधाई तो बनती ही है। दरअसल कविता तो मैंने पहले ही लिख दी थी लेकिन किसी कारणवश पोस्ट नहीं कर पाया तो वह नए साल की कविता कुछ इस प्रकार थी।

सफर ए जिंदगी

बीस था,  बीत गया,
 बीस को जाने दो,
सफर ए जिंदगी
 मुबारक हो ,

कोई दोस्ती के लिए जिए,
 कोई मोहब्बत के लिए जिए,
कोई ठहर गया है , कोई चल रहा है ,
गमों का सफर, फिर भी बढ़ रहा है।
 सफ़र-ऐ-जिंदगी, मुबारक हो सबको।
 2021 का नया साल प्यारा हो सबको।

कोई उम्मीद से हारा ,
कोई जज्बातों से हारा ,
जैसे - तैसे 2020 बीत गया,
 ना कोई हमारा , ना कोई तुम्हारा।
कोई गरीबी से हारा ,
कोई नीति से हारा ,
सरकार के नुमाइंदे खुश रहे हैं,
क्योंकि 2021 है हमारा।

By : sunil

दोस्तों ! यहां पर मैं एक बात कहना चाहूंगा। आपका 2020 कैसा भी रहा हो। बीस था  बीत गया तो उसे जाने दो। मैंने भी अभी शुरू किया है। आप भी कर सकते हैं , अपने लक्ष्य तक बढ़ सकते हैं। अब 2021 में नयी सांस भरो,  नए  इरादे करो और अपने लक्ष्य तक पहुंचने तक तब तक मत रुको । जब तक लक्ष्य प्राप्त ना हो जाए । विवेकानंद जयंती पर सभी दोस्तों को हार्दिक बधाइयां।

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