उत्तराखंड करेंट अफेयर्स (मई 2026) नमस्कार मित्रों, जैसा कि आप सभी जानते हैं 14 जून को उत्तराखंड स्नातक स्तरीय परीक्षा होने वाली जिसमें 6-7 करेंट अफेयर्स प्रश्न पूछे जाते हैं। उन्हीं प्रश्नों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान परीक्षा पैटर्न पर आधारित 22 बहुविकल्पीय प्रश्न तैयार किए गये हैं जिसमें सभी प्रश्नों की व्याख्या भी की गई है। जो आपके वर्ष 2026 और 2027 में होने वाली सभी एग्जाम में सहायक सिद्ध होंगे। अतः सभी प्रश्नों को ध्यान पढ़ें । और स्वयं के शार्ट नोट्स तैयार करें। Uttrakhand Current Affairs 2026 प्रश्न 1. मई 2026 में प्रदान किए गए 'पंडित भैरव दत्त धुलिया पुरस्कार 2026' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: इस वर्ष यह पुरस्कार '12मासा' डिजिटल चैनल से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार श्री राहुल कोठियाल को प्रदान किया गया। इस पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2023 में 'कर्मभूमि फाउंडेशन' द्वारा की गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) 1 और 2 दोनों (D) न तो 1 और न ही 2 उत्तर: (C) 1 और 2 दोनों व्याख्या: '12मासा' डिजिटल चैनल स...
भूमि बंदोबस्त व्यवस्था उत्तराखंड का इतिहास भूमि बंदोबस्त आवश्यकता क्यों ? जब देश में उद्योगों का विकास नहीं हुआ था तो समस्त अर्थव्यवस्था कृषि पर निर्भर थी। उस समय राजा को सर्वाधिक कर की प्राप्ति कृषि से होती थी। अतः भू राजस्व आय प्राप्त करने के लिए भूमि बंदोबस्त व्यवस्था लागू की जाती थी । दरअसल जब भी कोई राजवंश का अंत होता है तब एक नया राजवंश नयी बंदोबस्ती लाता है। हालांकि ब्रिटिश शासन से पहले सभी शासकों ने मनुस्मृति में उल्लेखित भूमि बंदोबस्त व्यवस्था का प्रयोग किया था । ब्रिटिश काल के प्रारंभिक समय में पहला भूमि बंदोबस्त 1815 में लाया गया। तब से लेकर अब तक कुल 12 भूमि बंदोबस्त उत्तराखंड में हो चुके हैं। हालांकि गोरखाओ द्वारा सन 1812 में भी भूमि बंदोबस्त का कार्य किया गया था। लेकिन गोरखाओं द्वारा लागू बन्दोबस्त को अंग्रेजों ने स्वीकार नहीं किया। ब्रिटिश काल में भूमि को कुमाऊं में थात कहा जाता था। और कृषक को थातवान कहा जाता था। जहां पूरे भारत में स्थायी बंदोबस्त, रैयतवाड़ी बंदोबस्त और महालवाड़ी बंदोबस्त व्यवस्था लागू थी। वही ब्रिटिश अधिकारियों ...
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