उत्तराखंड समूह ग मॉडल पेपर 2026 देवभूमि उत्तराखंड द्वारा वर्ष 2026 में एक बार पुनः टेस्ट सीरीज प्रारंभ कर रहा है। जिसमें सभी टेस्ट वर्तमान में होने वाली परीक्षाओं का अन्वेषण कर तैयार किए गये हैं। जो उत्तराखंड की आगामी सभी समूह ग की परीक्षाओं हेतु तैयार किए गये हैं। Uksssc Mock Test -234 (1) सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियां के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए। सूची-I सूची-II A. दो पंक्तियों के बीच 1. हजारी प्रसाद द्विवेदी B. आलोक पर्व 2. माखनलाल चतुर्वेदी C. हम जो देखते हैं 3. राजेश जोशी D. हिमतरंगिणी 4. मंगलेश डबराल कूट : A B C D (a) 1 2 3 4 (b) 2 1 4 3 (c) 3 1 4 2 (d) 3 2 4 1 (2) गढ़वाली मुहावरा “पितली गिच्ची करण” - का अर्थ है? (A) पीतल को पतला करना (B) पीत...
उत्तराखंड का इतिहास पौरव राजवंश अल्मोड़ा जनपद के तालेश्वर नामक (वर्तमान पिथौरागढ़) स्थान से तांबे एवं अष्टधातु के अभिलेख प्राप्त हुए हैं। जिसमें यह उल्लेख मिलता है कि छठी शताब्दी में ब्रह्मपुर में पौरवों का शासन था। इस वंश के प्रमुख शासकों में विष्णुवर्मन प्रथम, वृषवर्मन, अग्निवर्मन, धुतिवर्मन तथा विष्णुवर्मन द्वितीय का नाम आता है। इसके अतिरिक्त मार्कंडेय पुराण में भी पौरवों का उल्लेख मिलता है। तालेश्वर ताम्रपत्रों में कत्यूरियों की राजधानी कार्तिकेयपुर का उल्लेख एक ग्राम के रूप में हुआ है। पौरव वंश की पृष्ठभूमि उम्मीद है आपने उत्तराखंड के इतिहास की अध्ययन सीरीज में कुणिंद वंश का इतिहास विस्तार पूर्वक पढ़ लिया होगा। जैसा कि आप जानते हैं कि उत्तराखंड में शासन करने वाली पहली राजनीतिक शक्ति कुणिंद थी जिसका सबसे शक्तिशाली शासक अमोघभूति था। अमोघभूति की मृत्यु के पश्चात कुणिंद शासकों का विघटन प्रारंभ हो गया। जहां एक तरफ कुणिंद शासकों का साम्राज्य सिकुड़ता जा रहा था। वहीं दूसरी तरफ बाहरी शक्तियों का आक्रमण बढ़ता जा रहा था। उत्तरवर्ती कुणिंदो के समकालीन कुणिंदों के आधे भाग पर ...