उत्तराखंड करेंट अफेयर्स 2026 मार्च माह के सभी महत्वपूर्ण उत्तराखंड करेंट अफेयर्स 2026 प्रश्न 1. मार्च 2026 में 'उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान' से किसे सम्मानित किया गया है? (A) सुभाष पंत (B) डॉ. जितेंद्र ठाकुर (C) डॉ. रेनू धसमाना (D) किशन सिंह मलड़ा उत्तर: (B) डॉ. जितेंद्र ठाकुर व्याख्या: प्रसिद्ध कथाकार डॉ. जितेंद्र ठाकुर को साहित्य के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए 2026 का 'साहित्य भूषण सम्मान' दिया गया है। गौरतलब है कि 2025 का यह सम्मान सुभाष पंत को मिला था। इस पुरस्कार की शुरुआत 2024 में की गई थी। उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान (मार्च 2026) मार्च 2026 के अंत में देहरादून के मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्तराखंड भाषा संस्थान द्वारा 'उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान समारोह' का भव्य आयोजन किया गया। इस समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान 'उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान' प्रसिद्ध कथाकार डॉ. जितेंद्र ठाकुर को उनके आजीवन उत्कृष्ट साहित्य सृजन और हिंदी साहित्य जगत में विशेष योगदान के लिए प्रदान क...
भूमि बंदोबस्त व्यवस्था उत्तराखंड का इतिहास भूमि बंदोबस्त आवश्यकता क्यों ? जब देश में उद्योगों का विकास नहीं हुआ था तो समस्त अर्थव्यवस्था कृषि पर निर्भर थी। उस समय राजा को सर्वाधिक कर की प्राप्ति कृषि से होती थी। अतः भू राजस्व आय प्राप्त करने के लिए भूमि बंदोबस्त व्यवस्था लागू की जाती थी । दरअसल जब भी कोई राजवंश का अंत होता है तब एक नया राजवंश नयी बंदोबस्ती लाता है। हालांकि ब्रिटिश शासन से पहले सभी शासकों ने मनुस्मृति में उल्लेखित भूमि बंदोबस्त व्यवस्था का प्रयोग किया था । ब्रिटिश काल के प्रारंभिक समय में पहला भूमि बंदोबस्त 1815 में लाया गया। तब से लेकर अब तक कुल 12 भूमि बंदोबस्त उत्तराखंड में हो चुके हैं। हालांकि गोरखाओ द्वारा सन 1812 में भी भूमि बंदोबस्त का कार्य किया गया था। लेकिन गोरखाओं द्वारा लागू बन्दोबस्त को अंग्रेजों ने स्वीकार नहीं किया। ब्रिटिश काल में भूमि को कुमाऊं में थात कहा जाता था। और कृषक को थातवान कहा जाता था। जहां पूरे भारत में स्थायी बंदोबस्त, रैयतवाड़ी बंदोबस्त और महालवाड़ी बंदोबस्त व्यवस्था लागू थी। वही ब्रिटिश अधिकारियों ...
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