उत्तराखंड समूह ग मॉडल पेपर Uksssc Mock Test - 231 (1) 'स्मृति की रेखाएं' और 'अतीत के चलचित्र' किसकी प्रसिद्ध गद्य रचनाएँ हैं? A. सुमित्रानंदन नंदन पंत B. गजानन मुक्तबोध C. महादेवी वर्मा D. मन्नू भण्डारी (2) प्रारूपण है - a) अंतिम दस्तावेज़ जारी करना और प्रिंट के लिए भेजना b) विचारों को व्यवस्थित रूप देना और संरचना प्रदान करना c) मीडिया को सूचना देना और जनता तक पहुंचाना d) गोपनीय पत्र लिखना (3) निम्न को सुमेलित कीजिए (a) बिजली (1) सुरभि (b) यमुना (2) तरुणी (c) गाय (3) अर्कजा (d) स्त्री (4) वितुंडा कूट : (a) (b) (c) (d) (A) 3 2 4 1 (B) 2 3...
काव्य : संग्रह
हेलो दोस्तों ,
कविताओं का सफर जारी है । कविताएं कब दिल पर उतर जाए जानें कब रूह में समा जाएं, जानें कब संगीत बन जाए। यह तो लिखने वाला भी नहीं जानता बस वो दिल की सच्चाई , विचार , फीलिंग लिखते हैं और चंद शब्दों के सामने प्रस्तुत करते हैं। कोई गायक उन शब्दों को समझ लें तब एक संगीत निकलता है। पहला प्रयास मेरी डायरी से , अपनी कविता को गाने का रूप देने की पहली दफा कोशिश की है। वैसे तो यह एक गाना है। जिसे अगला भाग कह सकते हैं "हंसू जब मैं गाऊ तुझे " धुन तो वहीं से मिली है। लेकिन रचना अलग है। शीर्षक है "मैं तेरा इंतजार करूं"
मैं तेरा इंतजार करूं
बात आधी है अधूरी ,
कैसे तुझे मैं बताऊं।
बात-करते, बात-करते,
तुझ में ही खो जाऊं।।
मिटा दे जो फासले है ये ,
बता दे कोई बात है अगर
दिला दे जो राहत मुझे,
मैं तेरा दीदार करूं,
मैं तेरा इंतजार करूं ।
रात आधी है अधूरी ,
चलने को है लंबी दूरी।
बिन तेरे कदम कैसे बढ़ाऊ?
तुझे-देखते, तुझे देखते
सफर यूं ही कट जाए।
दे दे कोई साथ मेरा,
थाम ले जो हाथ मेरा ।
मोहब्बत आधी है अधूरी ,
कैसे मैं यह निभाऊं,
कहने को तो साथ है तेरा,
पर क्यों नहीं है तू हर जगह।।
तू आजा मेरी बाहों में,
बता दे मुझे है जो गिलेे।
तू बस चल दे साथ मेरे।
चलो कहीं हम तुम मिले ।
मैं तेरा दीदार करूं,
मैं तेरा इंतजार करूं।।
By : sunil
उम्मीदें
अब मैं खुश हूं ,
अब मैं उम्मीद नहीं रखता
मैंने अक्सर यह पाया है,
उम्मीदें टूट जाया करती हैं।
शायद उतना दुख न हो जिंदगी में,
उम्मीदों का टुटना ही बड़ा दुःख बन जाता है।
अब मैं हंसता बहूत हूं,
अब मैं नफरतों के बीज नहीं बोता।
दुनिया मनचली है, बस प्रेम की ही कमी है,
बिखर गए हैं मोती इन्हें कवि पिरोएगा,
द्वेष भरा है जिनके मन में, प्रेम-बीज बोएगा।
ना तो मुझे मशहूर होने का शौक है ,
ना तो मशहूर होने का कोई इरादा।
मैं बस अपना काम करता हूं ,
मैं तो बस अल्फाज लिखता हूं।
दिल की गहराइयों को छूने की चाह रखता हूं .
साहिल पहुंचे मंजिल तक ऐसा पैगाम लिखता हूं।
By : sunil
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Very nice
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