Uksssc Mock Test - 217 हमारे द्वारा पिछले 5 वर्षों से निरंतर फ्री टेस्ट और करेंट अफेयर्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही विषयवार टेस्ट और नोट्स। हमारे साथ अनुभवी शिक्षक और अलग अलग विषयों के विषेषज्ञ जुड़े हैं। हमसे जुड़ने के लिए संपर्क करें। 9568166280 Uksssc Vdo/Vpdo Mock Test - 17 (1) निम्नलिखित में से कौन-सा वर्ण घोष, अल्पप्राण, स्पर्श और तालव्य है? (A) च (B) ज (C) ट (D) ग (2) कुमाऊँ के किस लोकनाट्य में हास्य-व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक विषयों को प्रस्तुत किया जाता है? (A) रासलीला (B) जागर (C) चौंफला (D) स्वांग (3) क' व्यंजन के विषय में निम्न में से कौन-सा सही है ? (a) महाप्राण, अघोष, संघर्षी, कण्ठ्य ध्वनि (b) अल्पप्राण, घोष, संघर्षी, तालव्य ध्वनि (c) महाप्राण, घोष, स्पर्शी, कण्ठ्य श्वनि (d) अल्पप्राण, अघोष, स्पर्शी, कण्ठ्य ध्वनि (4) कुमाऊँनी – "भूख्याली का बटुवा" का मतलब क्या है? (A) अमीर व्यक्ति (B) भूखा दिखने वाला लेकिन चालाक (C) भूखा मगर दिखावे में अमीर (D) प्यासा इंसान (5). निम्न में से कौन-सा सर्वनाम नपुंसक लिंग का नहीं है? (a) यह (b) वह (c) कोई (d) तुम (6) सूच...
उत्तराखंड के लोकगीत और लोक नृत्य पहाड़ की अपनी ही बोली और संस्कृति है यहाँ के लोक गीतों का विस्तृत स्वरूप मुक्तको के रूप में मिलता है। विभिन्न अवसरों तथा विविध प्रसंगी में मुक्तकों का व्यवहार होता है, पहाड़ी समाज में अपनी विशिष्ट संस्कृति पौराणिक काल से रही है. न्यौली इसे न्यौली, न्यौल्या या वनगीत के नामों से पुकारा जाता है, न्यौली का अर्थ किसी नवीन स्त्री को नवीन रुप में सम्बोधन करना और स्वर बदल बदलकर प्रेम परक अनुभूतियों को व्यक्त करना है। न्यौली प्रेम परक संगीत प्रधान गीत है जिसमें दो-दो पंक्ति होती है। पहली पंक्ति प्रायः तुक मिलाने के लिए होती है। न्यौली में जीवन चिन्तन की प्रधानता का भाव होता है। ब्योली ब्योली रैना, मेरो मन बस्यो परदेश, कब आलो मेरो सैंया, मेरो मन लियो हदेश। (अर्थ: रात बीत रही है, मेरा मन परदेश में बसा है। कब आएगा मेरा प्रिय, जिसने मेरा मन ले लिया।) "सबै फूल फुली यौछ मैथा फुलौ ज्ञान, भैर जूँला भितर भूला माया भूलै जन, न्यौली मया भूलै जन", बैरा (नृत्य गीत) बैरा का शाब्दिक अर्थ संघर्ष है जो गीत युद्ध के रूप में गायकों के बीच होता है। अर्थात् यह कुमाऊं क्षे...