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हिन्दी वर्णमाला (Hindi Notes part - 02)

हिन्दी वर्णमाला (देवनागरी लिपि) हिंदी शब्द फारसी ईरानी भाषा का शब्द है। भाषा - भाष् (संस्कृत) की धातु से उत्पन्न होकर बनी है, जिसका का अर्थ है. 'प्रकट करना' । हिंदी सहित सभी भाषाओं की जननी संस्कृत को माना जाता है. भाषा का विकास  1. वैदिक संस्कृत (1500 ई.पू. से 1000 ई. पू.) 2. लौकिक संस्कृत (1000 ई.पू. से 500 ई. पू.) 3. पाली (500 ई.पू. से 1 ई.पू. - बौद्ध ग्रंथ ) 4. प्राकृत (1 ई.पू. से 500 ई. - जैन ग्रंथ) 5. अपभ्रंश (शोरसैनी) (500 ई से 1000 ई.) 6. हिंदी (1000 ई. से वर्तमान समय में) *1100 ई. को हिंदी भाषा का मानक समय माना जाता है वर्णमाला वर्ण क्या है?  उच्चारित ध्वनियों को जब लिखकर बताना होता है तब उनके लिए कुछ लिखित चिन्ह बनाएं जाते हैं ध्वनियों को व्यक्त करने वाले ये लिपि - चिन्ह ही वर्ण कहलाते हैं। हिन्दी में इन वर्णों को 'अक्षर' कहा जाता है। वर्णमाला वर्णों की व्यवस्थित समूह को वर्णमाला कहते हैं। हिंदी की वर्णमाला में पहले 'स्वर वर्णों तथा बाद में व्यंजन वर्णों' की व्यवस्था है। हिंदी लिपि के चिन्ह अ आ इ ई उ ऊ ऋ  ए ऐ ओ औ अं अः क ख ग घ ङ  च छ ज झ ञ ट ठ ड ढ ण त थ

Ukpsc modal paper -06

  Ukpsc modal paper -06 देवभूमि उत्तराखंड द्वारा ukpsc RO/ARO परीक्षा 2023 के लिए  test series प्रारंभ की गई है। सभी टेस्ट pdf file में उपलब्ध कराए जाएंगे। टेस्ट पीडीएफ फाइल में प्राप्त करने के लिए ₹49 फीस के रूप में सहायता राशि देनी होगी। टेस्ट संबंधी विशेष सूचना   सभी टेस्ट में बीते वर्षों में हो चुकी लोकसेवा सेवा आयोग के सभी प्रश्न पत्रों के गहन अध्ययन के बाद तैयार किए गए हैं। जिसमें वर्तमान सिलेबस के अनुसार 25% पूर्व परीक्षाओं में आए प्रश्न, 40% अन्य राज्यों में आयोजित समस्त समूह ग के प्रश्न पत्रों और 10% अपटेड करेंट अफेयर्स के संयोजन के साथ तैयार किए गए हैं। और देवभूमि उत्तराखंड की टीम द्वारा अन्तिम 25% प्रश्न एक लम्बे समय से पैटर्न में हुए बदलाव को देखते हुए नये प्रश्न जोड़े गये  हैं । कृपया टेस्ट सीरीज के मूल्य पर न जाएं। यह देवभूमि उत्तराखंड द्वारा संचालित एक प्रकार का समाजिक कार्य है। हमारा मुख्य उद्देश्य है पहाड़ के उस अन्तिम छोर तक पहुंचना जो आर्थिक स्थिति कमजोर रहने के कारण शहर में कोचिंग नहीं कर सकता है और विभिन्न प्रकार की किताबें नहीं खरीद सकता है। कुछ महान लोग मूल्य से