उत्तराखंड समूह ग मॉडल पेपर 2026 देवभूमि उत्तराखंड द्वारा वर्ष 2026 में एक बार पुनः टेस्ट सीरीज प्रारंभ कर रहा है। जिसमें सभी टेस्ट वर्तमान में होने वाली परीक्षाओं का अन्वेषण कर तैयार किए गये हैं। जो उत्तराखंड की आगामी सभी समूह ग की परीक्षाओं हेतु तैयार किए गये हैं। Uksssc Mock Test -234 (1) सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियां के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए। सूची-I सूची-II A. दो पंक्तियों के बीच 1. हजारी प्रसाद द्विवेदी B. आलोक पर्व 2. माखनलाल चतुर्वेदी C. हम जो देखते हैं 3. राजेश जोशी D. हिमतरंगिणी 4. मंगलेश डबराल कूट : A B C D (a) 1 2 3 4 (b) 2 1 4 3 (c) 3 1 4 2 (d) 3 2 4 1 (2) गढ़वाली मुहावरा “पितली गिच्ची करण” - का अर्थ है? (A) पीतल को पतला करना (B) पीत...
कुर्मांचल केसरी : बद्रीदत्त पांडे - एक निर्भीक क्रांतिकारी का अमर गान बद्रीदत्त पांडे, जिन्हें 'कुर्मांचल केसरी' के नाम से जाना जाता है, कुमाऊं की धरती के एक ऐसे सपूत थे जिन्होंने ब्रिटिश राज के खिलाफ अपनी कलम और वाणी को हथियार बनाया। उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और परिवर्तन की एक प्रेरणादायक गाथा है। आइए, उनके जीवन के प्रमुख अध्यायों को मुख्य बिंदुओं और उप-बिंदुओं के माध्यम से जीवंत रूप से देखें, जो न केवल इतिहास को उजागर करते हैं बल्कि आज भी प्रेरणा का स्रोत बने रहते हैं। बद्रीदत्त पांडे का सम्पूर्ण परिचय हिमालय की गोद में, भागीरथी के पवित्र तट पर कनखल में 15 फरवरी 1882 को जन्मे बद्रीदत्त पांडे, मात्र सात वर्ष की कोमल अवस्था में ही अभिभावकों के आकस्मिक निधन की कठोर परीक्षा से गुजरे, फिर भी वे टूटे नहीं, बल्कि अल्मोड़ा पहुँचकर जिला स्कूल में ज्ञान की ज्योति प्रज्वलित की। स्वामी विवेकानंद के ओजस्वी व्याख्यानों ने उनके हृदय में राष्ट्रीय ज्वाला जलाई, जो कभी बुझी नहीं। 1902 में बड़े भाई हरिदत्त के असमय विदा होने पर शिक्षा का मार्ग त्यागकर उन्होंने जीवन की जंग लड़नी शुरू की—नैनीताल क...