उत्तराखंड के प्रसिद्ध साहित्यकार : राहुल सांकृत्यायन जैसा कि आप जानते हैं इस लेख से पूर्व सुमित्रानंदन के जीवन परिचय और उनकी प्रमुख रचनाओं के बारे में पढ़ चुके हैं। आज हम राहुल सांकृत्यायन के जीवन परिचय और उनकी सभी रचनाओं के बारे में विस्तार से जानेंगे। अतः ध्यानपूर्वक पूरा लेख पढ़ें। हिंदी साहित्य में 'महापंडित' और 'घुमक्कड़ शास्त्र के जनक' के रूप में विख्यात राहुल सांकृत्यायन का नाम आधुनिक हिंदी गद्य के इतिहास में सबसे अनूठा है। वे केवल एक लेखक या कवि नहीं थे, बल्कि एक असाधारण भाषाविद्, इतिहासकार, पुरातत्वविद् और स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने ज्ञान की खोज में अपना पूरा जीवन यात्राओं में समर्पित कर दिया। आइए, उनके संपूर्ण जीवन और अद्वितीय साहित्य को विस्तार से समझते हैं। जीवन परिचय, राहुल सांकृत्यायन का जन्म 9 अप्रैल, 1893 को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के 'पंदहा' नामक गांव (उनके ननिहाल) में हुआ था। उनका पैतृक गांव आजमगढ़ का 'कनैला' था। उनके बचपन का नाम केदारनाथ पांडेय था। उनका शुरुआती जीवन बहुत सरल नहीं था; बचपन में ही उनकी माता कुलवंती देवी का निध...
हिन्दी साहित्य "नमस्कार दोस्तों, आज हम इस लेख से हिन्दी साहित्य के सभी प्रमुख साहित्यकारों की एक श्रृंखला शुरू कर रहे हैं। जिसमें प्रत्येक साहित्यकार के बारे में विस्तार से बताया गया है। और इसके साथ ही शार्ट नोट्स हमारे टेलीग्राम चैनल पर उपलब्ध कराए जाएंगे। और अन्त में 200 बहुविकल्पीय प्रश्न तैयार किए जाएंगे। यदि आप सभी साहित्यकारों के बारे में पढ़ना चाहते हैं तो संपर्क करें। आज के इस आर्टिकल में हम उत्तराखंड समूह ग और उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं के हिंदी पाठ्यक्रम के अंतर्गत आने वाले सुकुमार सुमित्रानंदन पंत के जीवन परिचय और उनकी सभी प्रमुख रचनाओं के बारे में पढ़ेंगे। सुमित्रानंदन पंत हिंदी साहित्य के 'सुकुमार कवि' और छायावाद के प्रमुख स्तंभ सुमित्रानंदन पंत का जीवन और उनकी रचनाएँ हिंदी जगत की अनमोल धरोहर हैं। अल्मोड़ा की वादियों से निकलकर ज्ञानपीठ पुरस्कार तक पहुँचने का उनका सफर बेहद प्रेरणादायक है। आइए, उनके जीवन, शिक्षा और साहित्य के हर पहलू को विस्तार से समझते हैं। जीवन परिचय और बचपन का संघर्ष सुमित्रानंदन पंत का जन्म 20 मई, 1900 को कौसानी (अब जिला बागेश्वर,...