हिन्दी भाषा के प्रमुख साहित्यकार नमस्कार दोस्तों आज हम हिंदी साहित्य के सिलेबस के अनुसार बाहरी राज्यों में जन्म लेने वाले साहित्यकारों का अध्ययन करेंगे। जो उत्तराखंड की परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं आज के लेख में गजानन माधव मुक्तिबोध के जीवन परिचय और उनकी प्रमुख सभी रचनाओं के बारे में विस्तार से जानेंगे । इससे पूर्व हम सुमित्रानंदन पंत, राहुल सांकृत्यायन, महादेवी वर्मा, शैलेश मटियानी और मंगलेश डबराल के बारे में विस्तार से पढ़ चुके हैं। जिनके लिंक लेख के अंत में नीचे दिए गए हैं। तो आईए जानते हैं गजानन मुक्तिबोध के बारे में विस्तार से - गजानन माधव मुक्तिबोध हिंदी साहित्य में 'अंधेरे के कवि' और फेंटेसी के बेजोड़ शिल्पी के रूप में विख्यात गजानन माधव मुक्तिबोध का नाम आधुनिक हिंदी काव्य के इतिहास में सबसे अलग और चमकीला है । वे प्रगतिशील चेतना और प्रयोगवाद के एक ऐसे अनूठे सेतु थे, जिन्होंने कविता को आत्म संघर्ष, आत्मा खोज और व्यवस्था के खिलाफ एक तीव्र बौद्धिक हथियार बनाया। जीवन परिचय गजानन माधव मुक्तिबोध का जन्म 13 नवंबर, 1917 को मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के 'श्...
भारत का इतिहास संक्षिप्त परिचय भारत का सम्पूर्ण इतिहास -(प्राचीन इतिहास से लेकर आधुनिक इतिहास तक) जैसा कि आप सभी को पता है कि उत्तराखंड के आगामी सभी परीक्षाओं का पैटर्न एक समान हो गया है। जिसमें उत्तराखंड सामान्य ज्ञान से 40 प्रश्न , हिन्दी से 20 प्रश्न, रिजनिंग से 10 प्रश्न, और सामान्य विज्ञान से 30 प्रश्न (इतिहास, भूगोल, संविधान, अर्थशास्त्र) पूछे जाएंगे। इसलिए उत्तराखंड का अध्ययन सर्वाधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। क्योंकि उत्तराखंड से 40 प्रश्न पूछे जाएंगे। अब वो उत्तराखंड पुलिस भर्ती हो या पटवारी एवं लेखपाल चाहे हो फोरेस्ट गार्ड और बंदीरक्षक। उत्तराखंड का अध्ययन बेहतर ढंग से करने के लिए आपको भारत का सम्पूर्ण इतिहास का ज्ञान होना अति आवश्यक है। यदि आपको भारत के इतिहास के बारे में कुछ भी पता नहीं होगा तो आप सभी उत्तराखंड का इतिहास रटने की कोशिश करेंगें। और जहां रटने की बात आ जाए । तो मात्र तीन महीने में ही रटा हुआ भूल जाते हैं। इसलिए देवभूमि उत...