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नवंबर, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

उत्तराखंड करेंट अफेयर्स (May 2026)

उत्तराखंड करेंट अफेयर्स (मई 2026) नमस्कार मित्रों, जैसा कि आप सभी जानते हैं 14 जून को उत्तराखंड स्नातक स्तरीय परीक्षा होने वाली जिसमें 6-7 करेंट अफेयर्स प्रश्न पूछे जाते हैं। उन्हीं प्रश्नों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान परीक्षा पैटर्न पर आधारित 22 बहुविकल्पीय प्रश्न तैयार किए गये हैं जिसमें सभी प्रश्नों की व्याख्या भी की गई है। जो आपके वर्ष 2026 और 2027 में होने वाली सभी एग्जाम में सहायक सिद्ध होंगे। अतः सभी प्रश्नों को ध्यान पढ़ें । और स्वयं के शार्ट नोट्स तैयार करें।  Uttrakhand Current Affairs 2026 प्रश्न 1. मई 2026 में प्रदान किए गए 'पंडित भैरव दत्त धुलिया पुरस्कार 2026' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: इस वर्ष यह पुरस्कार '12मासा' डिजिटल चैनल से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार श्री राहुल कोठियाल को प्रदान किया गया। इस पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2023 में 'कर्मभूमि फाउंडेशन' द्वारा की गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) 1 और 2 दोनों (D) न तो 1 और न ही 2 उत्तर: (C) 1 और 2 दोनों व्याख्या:  '12मासा' डिजिटल चैनल स...

मेरे सपनों का भारत

       मेरे सपनों का भारत सकारात्मक सोच का नजरिया "भारत की खोज पुस्तक" सबने पड़ी होगी। उस पुस्तक के लेखक भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जी हैं। उन्होंने आजादी के बाद मेरे सपनों का भारत की कल्पना की थी और अपनी इच्छा अनुसार रखने की कोशिश भी की थी , इसलिए तो  और पाकिस्तान दो भागों में बंट गए । उस समय की परिस्थितियों के अनुसार उनको जैसा ठीक लगा  ।  उन्होंने किए जिनके कुछ परिणाम काफी महत्वपूर्ण साबित हुए। वहीं कुछ कदमों के चलते जम्मू-कश्मीर हाथों से आधा निकल गया। लेकिन फिर भी सब कुछ ठीक रहा उसके बाद मिसाइल मैन के नाम से कुख्यात डॉ एपीजे अब्दुल कलाम । उन्होंने भी अपनी खुली आंखों से भारत को सजाया । अब्दुल कलाम जी 2002 से 2007 के बीच भारत के राष्ट्रपति रहे और उन्होंने 2020 तक एक सक्षम भारत होने की कल्पना की थी। यूं तो सभी आज़ादी के परवानोंं- क्या महात्मा गांधी, क्या वल्लभभई पटेल और क्या विवेकानंद जी सभी ने एक महान भारत की कल्पना की और अनेकों कदम उठाएं। भारत की विकास प्रक्रिया भारत को विदेशी शक्तियों ने इतना अधिक कमजोर कर दिया था। कि 70 साल लग गए भ...

RCEP : मेगा मुक्त व्यापार समझौता

  क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी(RCEP)  क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी से भारत के बाहर रहने के कारण और निहितार्थ का विश्लेषण कीजिए.  क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी वैश्विक स्तर पर मेगा मुक्त व्यापार समझौता है। जिसका प्रारंभ 21 वें आसियान शिखर सम्मेलन में कंबोडिया की राजधानी नोमपेन्ह   में 2012 में हुआ था। वैश्विक स्तर में कुल जीडीपी का 30 % का योगदान करता है। एक प्रकार से यह कहा जा सकता है कि दुनिया का सबसे बड़ा व्यापार समझौता है। अगर इसके सदस्य देशों की बात करें तो 10 आसियान देशों तथा 5 देशों का समूह है। आस्ट्रेलिया, चीन, जापान,दक्षिण कोरिया और न्यूजीलैंड इन सभी देशों का मानना था कि वस्तुओं एवं सेवाओं बौद्धिक संपदा ई-कॉमर्स और कम्युनिकेशन के साथ-साथ छोटे और मध्य व्यापार को बढ़ावा मिले। जिससे सभी देश आपस में एक दूसरे के बाजार में सरलता से प्रवेश कर सकें। इसीलिए प्रत्येक वर्ष सभी सदस्य दे  देश और आरसीएपी में हस्ताक्षर करते हैं।  वर्तमान समय में 15 नवंबर को 15 देशों ने वियतनाम के हनोई शहर में RCEP में हस्ताक्षर किए हैं । लेकिन भारत ने इस समझ...