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नवंबर, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Uksssc MCQ (विगत 5 वर्षों में अर्थशास्त्र से पूछे गये सभी महत्वपूर्ण प्रश्न)

Economics Important MCQ अर्थशास्त्र विषय से विगत 5 वर्षों के दौरान उत्तराखंड समूह ग की सभी परीक्षाओं में पूछे गये महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न :- अर्थशास्त्र के महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न :- प्रश्न 1. निम्न कथनों में से कौन-सा कथन सही है/हैं?  कथन - I : मुद्रा बैंक की स्थापना प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अधीन 2020 में की गई थी।  कथन - II : 'मुद्रा' ऋण शिशु, किशोर और तरुण स्कीम के अन्तर्गत प्रदान किये जाते हैं।  (A) केवल कथन - I           (B) केवल कथन – II  (C) दोनों कथन I और II     (D) न कथन - I और न कथन – II उत्तर: (B) केवल कथन – II व्याख्या: प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) की शुरुआत 8 अप्रैल 2015 को हुई थी, न कि 2020 में। इस योजना के तहत गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि लघु/सूक्ष्म उद्यमों को 10 लाख तक का ऋण दिया जाता है, जिसे तीन श्रेणियों: शिशु (50,000 तक), किशोर (5 लाख तक) और तरुण (10 लाख तक) में विभाजित किया गया है। प्रश्न 2. निम्नलिखित में से कौन-सा एक मानव पूँजी निर्माण का उपयुक्त घटक नहीं है?  (A) शिक्षा पर व्यय   ...

मेरे सपनों का भारत

       मेरे सपनों का भारत सकारात्मक सोच का नजरिया "भारत की खोज पुस्तक" सबने पड़ी होगी। उस पुस्तक के लेखक भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जी हैं। उन्होंने आजादी के बाद मेरे सपनों का भारत की कल्पना की थी और अपनी इच्छा अनुसार रखने की कोशिश भी की थी , इसलिए तो  और पाकिस्तान दो भागों में बंट गए । उस समय की परिस्थितियों के अनुसार उनको जैसा ठीक लगा  ।  उन्होंने किए जिनके कुछ परिणाम काफी महत्वपूर्ण साबित हुए। वहीं कुछ कदमों के चलते जम्मू-कश्मीर हाथों से आधा निकल गया। लेकिन फिर भी सब कुछ ठीक रहा उसके बाद मिसाइल मैन के नाम से कुख्यात डॉ एपीजे अब्दुल कलाम । उन्होंने भी अपनी खुली आंखों से भारत को सजाया । अब्दुल कलाम जी 2002 से 2007 के बीच भारत के राष्ट्रपति रहे और उन्होंने 2020 तक एक सक्षम भारत होने की कल्पना की थी। यूं तो सभी आज़ादी के परवानोंं- क्या महात्मा गांधी, क्या वल्लभभई पटेल और क्या विवेकानंद जी सभी ने एक महान भारत की कल्पना की और अनेकों कदम उठाएं। भारत की विकास प्रक्रिया भारत को विदेशी शक्तियों ने इतना अधिक कमजोर कर दिया था। कि 70 साल लग गए भ...

RCEP : मेगा मुक्त व्यापार समझौता

  क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी(RCEP)  क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी से भारत के बाहर रहने के कारण और निहितार्थ का विश्लेषण कीजिए.  क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी वैश्विक स्तर पर मेगा मुक्त व्यापार समझौता है। जिसका प्रारंभ 21 वें आसियान शिखर सम्मेलन में कंबोडिया की राजधानी नोमपेन्ह   में 2012 में हुआ था। वैश्विक स्तर में कुल जीडीपी का 30 % का योगदान करता है। एक प्रकार से यह कहा जा सकता है कि दुनिया का सबसे बड़ा व्यापार समझौता है। अगर इसके सदस्य देशों की बात करें तो 10 आसियान देशों तथा 5 देशों का समूह है। आस्ट्रेलिया, चीन, जापान,दक्षिण कोरिया और न्यूजीलैंड इन सभी देशों का मानना था कि वस्तुओं एवं सेवाओं बौद्धिक संपदा ई-कॉमर्स और कम्युनिकेशन के साथ-साथ छोटे और मध्य व्यापार को बढ़ावा मिले। जिससे सभी देश आपस में एक दूसरे के बाजार में सरलता से प्रवेश कर सकें। इसीलिए प्रत्येक वर्ष सभी सदस्य दे  देश और आरसीएपी में हस्ताक्षर करते हैं।  वर्तमान समय में 15 नवंबर को 15 देशों ने वियतनाम के हनोई शहर में RCEP में हस्ताक्षर किए हैं । लेकिन भारत ने इस समझ...