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दिसंबर, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

हिन्दी वर्णमाला (Hindi Notes part - 02)

हिन्दी वर्णमाला (देवनागरी लिपि) हिंदी शब्द फारसी ईरानी भाषा का शब्द है। भाषा - भाष् (संस्कृत) की धातु से उत्पन्न होकर बनी है, जिसका का अर्थ है. 'प्रकट करना' । हिंदी सहित सभी भाषाओं की जननी संस्कृत को माना जाता है. भाषा का विकास  1. वैदिक संस्कृत (1500 ई.पू. से 1000 ई. पू.) 2. लौकिक संस्कृत (1000 ई.पू. से 500 ई. पू.) 3. पाली (500 ई.पू. से 1 ई.पू. - बौद्ध ग्रंथ ) 4. प्राकृत (1 ई.पू. से 500 ई. - जैन ग्रंथ) 5. अपभ्रंश (शोरसैनी) (500 ई से 1000 ई.) 6. हिंदी (1000 ई. से वर्तमान समय में) *1100 ई. को हिंदी भाषा का मानक समय माना जाता है वर्णमाला वर्ण क्या है?  उच्चारित ध्वनियों को जब लिखकर बताना होता है तब उनके लिए कुछ लिखित चिन्ह बनाएं जाते हैं ध्वनियों को व्यक्त करने वाले ये लिपि - चिन्ह ही वर्ण कहलाते हैं। हिन्दी में इन वर्णों को 'अक्षर' कहा जाता है। वर्णमाला वर्णों की व्यवस्थित समूह को वर्णमाला कहते हैं। हिंदी की वर्णमाला में पहले 'स्वर वर्णों तथा बाद में व्यंजन वर्णों' की व्यवस्था है। हिंदी लिपि के चिन्ह अ आ इ ई उ ऊ ऋ  ए ऐ ओ औ अं अः क ख ग घ ङ  च छ ज झ ञ ट ठ ड ढ ण त थ

यादों का घर - कविता संग्रह

           कविता संग्रह रूक जाना नहीं अगर नसीब में तुम हो, तो हम जरूर मिलेंगे। ये वक्त एक दिलाशा है, ये दिल , ये दिल‌ नसीं वक्त का ही तमाशा है। रूक जाना जिंदगी नहीं है। यूं ही चलते रहे तो साथ मेरे हम नये साल पर हर बार मिलेंगे। Happy new year 2022 इन्हींं पंक्तियों के साथ आप  सभी को देवभूमि उत्तराखंड की ओर से अंग्रेजी कलेंडर के अनुसार नये साल 2022 की दिल से हार्दिक शुभकामनाएं । हम आशा करते हैं इस वर्ष जितनी भी विज्ञप्ति निकाली गयी हैं। वो समय से पूर्ण हो जाए और दिल से तैयारी करने वाले आप सभी साहसियों का सिलेक्शन हो जाए।  और पढ़ें.......... दोस्तों मैं न तो कोई शायर हूं न ही कोई कवि। बस जो करता हूं दिल से करता हूं। जो दिल से पढ़ाई करते हैं तो उनके मन में विचार आना तो लाजिमी बस फर्क इतना है। कुछ शब्दों में पिरों लेते हैं। कुछ दिलों में रख लेते हैं। ऐसे ही मैंने भी एक कविता लिखने का प्रयास किया हैं। कविता बहुत ही साधारण शब्दों में हैं। यदि आपको मेरे द्वारा स्वरचित कविता पसंद आए तो अपनी राय जरुर व्यक्त करना। यादों का घर सुनो......... चलो धड़कते दिल को और धडकाते है कुछ लम्हे प्यार के,  कुछ स

Uttrakhand pcs test series 2022

       Ukpcs 2022 Uttrakhand pcs test series पटवारी/ लेखपाल, नायब तहसीलदार, समीक्षा अधिकारी/सहायता समीक्षा अधिकारी,  उत्तराखंड ग्रुप -C और lower pcs के सम्पूर्ण नोट्स एवं मॉक टेस्ट सीरीज से जुड़ने के लिए whatsapp group से जुड़े।  लिंक  Join whatsapp group - click here यहां प्रत्येक सप्ताह 2-3 मॉक टेस्ट सीरीज उपलब्ध करायी जा रही है।  टेलीग्राम चैनल से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें -  Join telegram channel - click here Ukpcs test series 2022 -  Mock test - 01 (1) संयुक्त राष्ट्रीय संघ ने किस वर्ष को 'मोटे अनाजों का अंतर्राष्ट्रीय' वर्ष घोषित किया है ? (a) 2020 (b) 2021 (c) 2022 (d) 2023 (2) निम्नलिखित में से किसे वर्ष 2021 का पदम विभूषण पुरस्कार नहीं मिला ? (a) शिंजो आबे (b) सुदर्शन साहू (c) नरिंदर सिंह कपानी (d) रामविलास पासवान (3) ऑस्ट्रेलिया ओपन टेनिस 2021 का महिला एकल खिताब किसने हासिल किया ? (a) नाओमी ओसाका (b) जेनिफर ब्राडी (c) एलिस मर्टेंस (d) आर्यना सबालेंका (4) किस नगर में विश्व का सबसे बड़ा हाथी चिकित्सा केंद्र विकसित किया जा रहा है? (a) लखनऊ (b) भुवनेश्वर (c) कोट्टर (d

उत्तराखंड प्रश्नोत्तरी -16 (जनसंचार माध्यम और पत्रकारिता से संबंधित प्रश्न)

जनसंचार माध्यम एवं पत्रकारिता (भाग -02) उत्तराखंड प्रश्नोत्तरी -16 उत्तराखंड के प्रमुख समाचार पत्र एवं जनसंचार माध्यम से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न लेख में दिए गए अधिकांश प्रश्न समूह-ग की पुरानी परीक्षाओं में पूछे गए हैं। और कुछ प्रश्न वर्तमान उत्तराखंड की परीक्षाओं को देखते हुए  के जनसंचार माध्यम और पत्रकारिता से संबंधित 25+ प्रश्न तैयार किए गए हैं। जो आगामी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। बता दें की उत्तराखंड के 20 प्रश्नों में से 3-4 प्रश्न उत्तराखंड की समूह-ग परीक्षण में  जनसंचार माध्यम और पत्रकारिता से पूछे जाते हैं। अतः लेख को ध्यानपूर्वक पढ़े।  जनसंचार माध्यम एवं पत्रकारिता से संबंधित प्रश्न (1) स्रोत भाषा में व्यक्त विचारों को लक्ष्य भाषा में अभिव्यक्त करने की प्रतिक्रिया को कहते हैं। (a) संक्षेपण (b) पल्लवन (c) प्रेषण (d) अनुवाद  व्याख्या :-  किसी भाषा में अभिव्यक्ति विचारों को दूसरी भाषा में यथावत प्रस्तुत करना अनुवाद कहलाता है। इस विशेष अर्थ में ही अनुवाद शब्द का अभिप्राय सुनिश्चित है। जिस भाषा का अनुवाद किया जाता है उसे मूल भाषा या स्रोत भाषा कहते हैं। जिस नयी भाषा