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गजानन माधव मुक्तिबोध : Biography

हिन्दी भाषा के प्रमुख साहित्यकार  नमस्कार दोस्तों आज हम हिंदी साहित्य के सिलेबस के अनुसार बाहरी राज्यों में जन्म लेने वाले साहित्यकारों का अध्ययन करेंगे।‌ जो उत्तराखंड की परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं आज के लेख में गजानन माधव मुक्तिबोध के जीवन परिचय और उनकी प्रमुख सभी रचनाओं के बारे में विस्तार से जानेंगे । इससे पूर्व हम सुमित्रानंदन पंत, राहुल सांकृत्यायन, महादेवी वर्मा, शैलेश मटियानी और मंगलेश डबराल के बारे में विस्तार से पढ़ चुके हैं। जिनके लिंक लेख के अंत में नीचे दिए गए हैं। तो आईए जानते हैं गजानन मुक्तिबोध के बारे में विस्तार से - गजानन माधव मुक्तिबोध  हिंदी साहित्य में 'अंधेरे के कवि' और फेंटेसी के बेजोड़ शिल्पी के रूप में विख्यात गजानन माधव मुक्तिबोध का नाम आधुनिक हिंदी काव्य के इतिहास में सबसे अलग और चमकीला है । वे प्रगतिशील चेतना और प्रयोगवाद के एक ऐसे अनूठे सेतु थे, जिन्होंने कविता को आत्म संघर्ष, आत्मा खोज और व्यवस्था के खिलाफ एक तीव्र बौद्धिक हथियार बनाया।  जीवन परिचय  गजानन माधव मुक्तिबोध का जन्म 13 नवंबर, 1917 को मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के 'श्...

बक्सर का युद्ध -1764

 बक्सर का युद्ध -1764

बक्सर के युद्ध की पृष्ठभूमि

1757 की प्लासी की जंग के बाद बंगाल का नवाब मीर जाफर को बनाया गया । जो कि वह अंग्रेजों का एक कठपुतली था। कंपनी के अधिकारियों द्वारा उपहार और रिश्वत संबंधी मांगों ने जल्दी बंगाल का खजाना खाली कर दिया। कंपनी भारत के साथ व्यापार के स्थान पर नवाब पर नियंत्रण करके बंगाल को लूट रही थी। खजाना खाली हो जाने के कारण मीर जाफर ने जनता पर अधिक कर लगा दिए। इससे जनता परेशान हो गई। अंग्रेजों को डर था कि जनता विद्रोह ना कर दे । तो उन्होंने मीर जाफर को मजबूर किया कि वह अपने दामाद मीर कासिम को गद्दी दे दें। इस तरह 1760 में मीर कासिम बंगाल का नवाब बना। मीर कासिम योग्य एवं कुशल शासक था। मीर कासिम के नवाब बनने पर अंग्रेजों ने कुछ मांगे रखी:-
  • बर्दवान, मिदनापुर और चटगांव जिले की जमींदारी मांगी की। 
  • बंगाल में प्रसिद्ध चूना व्यापार में 50% की दावेदारी मांग की। 
  • मीर कासिम नवाब बनने की खुशी में कंपनी को सब कुछ दे दिया, साथ ही बड़े अंग्रेज अधिकारियों को अच्छे-अच्छे उपहार दिए । जिनकी कुल कीमत ₹29 लाख थी। लेकिन बदले में मीर कासिम ने अंग्रेजों से दो ही शर्त रखी  :- पहली यह थी कि समय आने पर सैनिक सहायता मिलेगी। और दूसरी यह थी कि प्रांत के आंतरिक मामलों में अंग्रेज अधिकारी हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
(प्रमुख तथ्य - वर्तमान समय में बक्सर का मैदान बिहार राज्य में स्थित है। यह भारत के पूर्वी प्रदेश बिहार के पश्चिम भाग में गंगा नदी के तट पर स्थित एक ऐतिहासिक शहर बन चुका है। यह बिहार की राजधानी पटना से लगभग 120 किलोमीटर दूर स्थित है। प्राचीन काल में इसका नाम व्याघ्रश्वर था। )

बक्सर के युद्ध के कारण

  • बक्सर के युद्ध होने का मुख्य कारण मीर कासिम की बढ़ती ताकत थी । सबसे पहले मीर कासिम ने अंग्रेजों से दूर मुर्शिदाबाद को राजधानी बदलकर मुंगेर कर दी। कुछ समय बाद सुरक्षा की दृष्टि से किलेबंदी शुरू कर दी।
  • मीर कासिम ने सबसे पहले सेना का पुनर्गठन किया। सेना को प्रशिक्षण दिया । आधुनिक हत्यारों और नयी तकनीकी पद्धति का प्रयोग किया। साथ ही तोपखनों का निर्माण और नई तकनीकी वाली बंदूओं को बनाने के कारखाने बनाएं। अंग्रेज उसकी बढ़ती शक्ति देख रहे थे उन्हें डरता संपूर्ण बंगाल पर अधिकार ना कर ले।
  • सबसे ज्यादा बात तब बिगड़ी जब 1717 में फर्रुखयार से प्राप्त फरमान पर मीर कासिम ने रोक लगा दी। क्योंकि अंग्रेज फरमान का डुप्लीकेट कॉपी बनाकर दुरुपयोग करते थे।
  • इसके अलावा अंग्रेज बिना चुंगी और कर चुकाए व्यापार करते थे । जबकि भारत के लोगों को कर देना पड़ता था । और अंग्रेज भारतीय दस्तकारों, किसानों और व्यापारियों को अपना माल अंग्रेजों को संस्ता बेचते तथा अंग्रेजों का माल महंगा खरीदने पर मजबूर करते थे।
  • मीर कासिम ने एक बड़  गलती यह कर दी । पटना के जमींदर रामनारायण की हत्या करवा दी ।  जिससे पटना का प्रांत खाली हो गया था। तब अंग्रेजों ने पटना पर अधिकार कर लिया। जबकि शुरुआत में ही अंग्रेजों से आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप ना करने को कहा गया था लेकिन अंग्रेज नहीं माने। फिर मीर कासिम ने अंग्रेज अधिकारी एलिस सहित 148 अंग्रेजों को गिरफ्तार कर लिया गया ।
  • यह देखकर अंग्रेजो को अवसर मिल गया मीर कासिम को गद्दी से हटाने का। अंग्रेजो ने मीर कासिम के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया। उस समय एडम्स ने कूटनीति चाल चली और सेना को 3 भागों में बांट दिया। जिससे काफी दिनों तक लड़ाई चली । सबसे पहले गिरिया का युद्ध हुआ, फिर सूती का और उदय नाला में मीर कासिम और एडम आमने सामने आ गए। जिसमें मीर कासिम की बुरी तरह हार हुई और वह जान बचाते हुए पटना में गिरफ्तार एलिस सहित 148 अंग्रेजों को मौत के घाट उतार दिया। जिसका परिणाम बक्सर का युद्ध निकल कर आया।

बक्सर के युद्ध के परिणाम

मीर कासिम जान बचाते हुए अवध पहुंचा और अवध के नवाब को सारी व्यथा सुनाई। अवध के नवाब शुजाउदौला और मुगल शासक शाहआलम द्वितीय के साथ मिलकर मीर कासिम ने संयुक्त सेना बनाई और अंग्रेजों ने कैप्टन हेक्टर मुनरो के नेतृत्व में बक्सर के मैदान में 1764 में बक्सर का युद्ध लडा़ गया। इसमें तीनों भारतीय शासकों की  हार हुई । अंग्रेज इसमें विजयी हुए। युद्ध हार जाने के बाद मुगल शासक शाह आलम द्वितीय और अंग्रेजों के बीच 1765 में इलाहाबाद की संधि हुई। जिसमें बिहार, बंगाल, उड़ीसा की दीवानी अंग्रेजों ने ले ली। साथ ही कड़ा और इलाहाबाद भी मांग लिया। 1764 के बक्सर के युद्ध के बाद ही अंग्रेजों का संपूर्ण भारत पर नियंत्रण हो गया। क्योंकि उन्होंने दिल्ली के सुल्तान शाहआलम द्वितीय को हरा दिया था।

बक्सर के युद्ध से संबंधित प्रश्न:-

(1) किस युद्ध के बाद अंग्रेजों का भारत में पूर्ण रूप से अधिकार हो गया ?
(a) आंग्ल मैसूर युद्ध
(b) बक्सर का युद्ध
(c) प्लासी का युद्ध
(d) हल्दीघाटी का युद्ध

(2) शाहआलम द्वितीय और अंग्रेजों के बीच इलाहाबाद की संधि कब हुई थी । 
(a) 1757
(b) 1764
(c) 1765
(d) 1773

(3) प्लासी का युद्ध कब व किसके बीच लड़ा गया ?
(a) मीर जाफर और अंग्रेजों के बीच
(b) मीर कासिम और अंग्रेजों के बीच
(c) सिराजुद्दौला और अंग्रेजों के बीच
(d) टीपू सुल्तान और अंग्रेजों के बीच

(4) सिराजुद्दौला की मृत्यु के पश्चात बंगाल का नवाब किसे बनाया गया ?
(a) मीर कासिम
(b) अली वर्दी खां
(c) मीर जाफर
(d) मुर्शीद कुली खान

(5) बक्सर के युद्ध के समय बंगाल का नवाब कौन था ?
(a) सिराजुद्दौला
(b) मीर कासिम
(c) मुर्शीद कुली खान
(d) अलीवर्दी खां

(6) 1764 में बक्सर के युद्ध के दौरान ब्रिटिश सेना का नेतृत्व कौन कर रहा था ?
(a) रॉबर्ट क्लाइव
(b) वारेन हेस्टिंग्स
(c) लॉर्ड कार्नवालिस
(d) हेक्टर मुनरो 

(7) 1764 में बक्सर के युद्ध के दौरान  दिल्ली की राजगद्दी पर किसका शासन था ?
(a) फर्रुखयार
(b) शाह आलम द्वितीय
(c) अकबर द्वितीय
(d) मोहम्मद शाह

(8) बंगाल के किस नवाब ने राजधानी मुर्शिदाबाद से बदलकर मुंगेर कर दी थी ?
(a) मुर्शीद कुली खां
(b) मीर कासिम
(c) अलीवर्दी खां
(d) मीर जाफर

(9) 1764 में हेक्टर मुनरो के नेतृत्व में अंग्रेजों और मीर कासिम,  शाहआलम द्वितीय व शुजाऊदौला तीनों ने मिलकर बक्सर के मैदान में युद्ध लड़ा था वर्तमान समय में यह मैदान कहां है ?
(a) पश्चिम बंगाल 
(b) मध्य प्रदेश
(c) उत्तर प्रदेश
(c) बिहार

(10) किस मुगल शासक ने अंग्रेजों को 1717 में बंगाल में व्यापार करने का फरमान जारी किया था ?
(a) फर्रुखयार
(b) शाह आलम द्वितीय
(c) अकबर द्वितीय
(d) मोहम्मद शाह

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स्रोत : claas 12 th ncert Book indian history
By Vipin Chandra pal

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