भारती चंद की अमर गाथा आज हम इस लेख में चंद राजाओं के बारे में विस्तार से पढ़ने वाले हैं। हालांकि चंद राजवंश केवल उत्तराखंड तक ही सीमित था और बहुत बड़ा साम्राज्य नहीं था लेकिन चंद राजवंश का सम्पूर्ण इतिहास रोचकमय है और यह हमें सिखाता है जिंदगी में उतार चढ़ाव आते हैं लेकिन उस उतार चढ़ाव में संतुलन किस प्रकार स्थापित करना होता है। इतने उतार चढ़ाव के बाद भी चंद राजवंश 700 वर्ष शासन किया। तीन राजाओं की तिकड़ी भारती चंद - रत्न चंद - कीर्ति चंद चंद वंश की स्थापना के 400 साल बीत चुके थे लेकिन चंद शासक फिर भी पूर्ण रूप से आजाद नहीं थे वो अभी डोटी (नेपाल) के राजा को कर दे रहे थे, हालांकि इससे पूर्व 26वें चंद शासक ने थोहर चंद स्वयं को स्वतंत्र राजा घोषित कर दिया और 31वें चंद शासक गरुड़ ज्ञान चंद ने सोर और सीरा क्षेत्रों को जीत लिया था फिर भी चंद वंश अधीन था डोटी राजाओं के, कितने राजा आए और गये लेकिन किसी ने डोटी पर आक्रमण करने का दुस्साहस नहीं किया। ऐसे में जन्म होता है एक वीर का जिसका नाम भारती चंद होता है और वह चंद वंश का 35वां शासक बनता है और वो डोटी पर आक्रमण करने वाला पहला र...
उत्तराखंड करेंट अफेयर्स 2026 मार्च माह के सभी महत्वपूर्ण उत्तराखंड करेंट अफेयर्स 2026 प्रश्न 1. मार्च 2026 में 'उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान' से किसे सम्मानित किया गया है? (A) सुभाष पंत (B) डॉ. जितेंद्र ठाकुर (C) डॉ. रेनू धसमाना (D) किशन सिंह मलड़ा उत्तर: (B) डॉ. जितेंद्र ठाकुर व्याख्या: प्रसिद्ध कथाकार डॉ. जितेंद्र ठाकुर को साहित्य के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए 2026 का 'साहित्य भूषण सम्मान' दिया गया है। गौरतलब है कि 2025 का यह सम्मान सुभाष पंत को मिला था। इस पुरस्कार की शुरुआत 2024 में की गई थी। उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान (मार्च 2026) मार्च 2026 के अंत में देहरादून के मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में उत्तराखंड भाषा संस्थान द्वारा 'उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान समारोह' का भव्य आयोजन किया गया। इस समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान 'उत्तराखंड साहित्य भूषण सम्मान' प्रसिद्ध कथाकार डॉ. जितेंद्र ठाकुर को उनके आजीवन उत्कृष्ट साहित्य सृजन और हिंदी साहित्य जगत में विशेष योगदान के लिए प्रदान क...