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पर्वतों के निर्माण (Geography Notes - part 06)

पर्वतों के निर्माण  प्रस्तावना "पर्वत हमारी पृथ्वी की सबसे भव्य और प्रभावशाली संरचनाओं में से एक हैं। ये न केवल हमारे भूगोल को तय करते हैं, बल्कि मौसम से लेकर हमारी नदियों तक सब कुछ बदलते हैं। लेकिन इनकी उत्पत्ति के पीछे की कहानी उतनी ही जटिल और दिलचस्प है। इस अध्याय में हम बेहद आसान भाषा में समझेंगे कि प्लेटों के टकराने, ज़मीन के फटने और ज्वालामुखी के विस्फोट से इन पर्वतों का जन्म कैसे होता है।" पर्वतों के निर्माण पर्वतों के निर्माण का मुख्य आधार टेक्टोनिक प्लेटों की गति है। हमारी पृथ्वी का सबसे ऊपरी हिस्सा (स्थलमंडल) कई टुकड़ों में टूटा हुआ है जिन्हें 'टेक्टोनिक प्लेट्स' कहते हैं। ये प्लेटें मेंटल की अर्ध-तरल परत (एस्थेनोस्फीयर) पर बहुत धीमी गति (सालाना 1 से 10 सेमी) से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें एक-दूसरे की ओर बढ़ती हैं, दूर जाती हैं या आपस में रगड़ खाती हैं, तो पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) पर भीषण तनाव और दबाव बनता है। इसी हलचल के कारण ज़मीन का हिस्सा या तो ऊपर उठ जाता है या फिर ज्वालामुखी के मैग्मा के जमाव से पहाड़ का रूप ले लेता है। पर्वतों के मुख्य प्रकार पर्...

इंटरनेट से पैसे कैसे कमाएं ?

 वेबसाइट कैसे बनाये ?

          यह कहानी एक वर्तमान समय के लालची लड़के से प्रेरित है जो इंटरनेट की दुनिया से पैसा कमाना चाहता है । यह एक सच्ची घटना पर आधारित है ।

 जो भी इंटरनेट में वेबसाइट यूट्यूब अन्य सोशल मीडिया द्वारा पैसा कमाना चाहते हैं , तो उसके पास धैर्य होना जरूरी है। साथ ही विषय की पूर्ण जानकारी । तभी संभव होगा, जो कार्य आपने  प्रारंभ किया है । उस कार्य में सफलता मिल सके। लेकिन इस कहानी का मुख्य पात्र इंटरनेट पर कार्य प्रारंभ  तो कर देता है, लेकिन धीरज खो बैठता है । और जल्दी पैसा कमाने के उद्देश्य से   गलती कर बैठता है। अतः जिन व्यक्तियों में धीरज की कमी है या इंटरनेट के माध्यम से पैसा कमाना चाहते हैं , उन से विशेष अनुरोध है की कहानी पूरी पढ़ें । साथ ही इंटरनेट पर लोग पैसा कैसे कमाते हैं ? क्या करना पड़ता है? सारी प्रक्रिया को एक कहानी के माध्यम से समझ सकते हैं ।

भूमिका

 यह कहानी एक ऐसे लड़के की है जो किशनपुर नाम के छोटे से गांव में रहता है । जिसके पिता एक साधारण किसान हैं।  बचपन से ही वह लड़का बड़े सपने, बड़ा स्कूल, बड़ा घर और बड़ी कामयाबी के बारे में सोचता रहता है।  खास बात यह है कि वह किसी स्कूल का टॉपर नहीं था ,  एक  औसत दर्जे का विद्यार्थी जीवन रहा है । अनुशासन और ईमानदारी उसे एक विशेष पहचान दिलाती है।  कोई भी कार्य हो पूरी लगन से करता है ।  लेकिन वह थोड़ा लालची हैं और स्वयं पर नियंत्रण नहीं रख पाता था,  या यूं कहो मंजिल से भटक जाता है। जिस कारण कामयाबी मिलते-मिलते रह जाती है। उसने अपने जीवन में सबसे बड़ी कामयाबी हासिल  नवोदय विद्यालय की परीक्षा प्रवेश परीक्षा पास की।  कॉलेज लाइफ, जहां से क्रिएटिविटी प्रारंभ हुई सबसे पहले एक 2G मोबाइल खरीदा और वहां से एक बड़े लक्ष्य की ओर यात्रा प्रारंभ की । कॉलेज के दिनों में कड़ी मेहनत और संघर्ष किया। टाटा और अशोका जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियों में काम भी किया। और अपने संघर्षों को दिन-रात सोचता एक छोटी सी डायरी में लिखता चला गया । लिखने का सिलसिला यूं ही चलता रहा। जब खबर मिली कि नेट में लिखकर पैसा कमाया जा सकता है। तो शौक तो लिखने का बचपन से ही था । बस खोजबीन शुरू कर दी। कहां, कब और कैसे लिखते हैं?

इंटरनेट का सफर

वेबसाइट कैसे बनाएं?

सबसे पहले उसने यूट्यूब में ब्लॉग (blog) कैसे लिखें सर्च किया ? वहां से पता चला बड़ा सरल है। निबंध के भांति लिख दो । फिर जरूरत थी कहा  लिखें ? वेबसाइट कैसे बनाएं ? तो पता चला कि ब्लॉगर(blogger) में आईडी मुफ्त में बन जाती है । फिर उसने जी-मेल (gmail) अकाउंट से blogger की वेबसाइट पर आईडी जोड दी और एक आर्टिकल लिख दिया ।व्हाट्सएप और फेसबुक में शेयर भी कर दियाा। पहले दिन आर्टिकल में क्वालिटी अच्छी नहीं थी इसलिए कुछ खास लाइक नहीं आए । लेकिन पढ़ने वालों ने तारीफ की। फिर उसने दूसरे आर्टिकल को व्यवस्थित तरीके से हेडिंग(heading) और subheading का प्रयोग करके  आर्टिकल लिख दिया। तो दूसरे दिन पढ़ने वालों की संख्या में वृद्धि मिली । इस तरह उत्साह बड़ा और तीसरी पोस्ट ने लिखने को मजबूर कर दिया। क्योंकि पोस्ट को 500   से भी अधिक पढ़ चुके थे । तब शुरू होता है । गूगल और यूट्यूब की मदद से वेबसाइट बनाने का पूरा प्रोसेस सीखा । सबसे पहले एक डोमेन खरीदा। डोमेन(domain) किसी भी कंपनी जैसे -(GoDaddy)  कंपनियों से ऑनलाइन खरीद सकते हैं। देवभूमिउत्तराखंड.com नाम की वेबसाइट बनाकर लिखना प्रारंभ कर दिया और प्रतिदिन एक आर्टिकल लिखने लगा। खोजबीन के दौरान पता चला कि कम से कम 30 पोस्ट लिखने के बाद ही earning की संभावना की जा सकती है । क्योंकि earning प्राप्त करने के लिए सबसे पहले Google Adsense से Approval लेना पड़ता है। और यह approval मिलने का कुछ नियम थे । सबसे महत्वपूर्ण बात आपकी वेबसाइट में  traffic होना जरूरी है। से उम्मीद थी कि 3 महीनों के अंतराल अप्रूवल मिल जाएगा। लेकिन किसी कारण बस अप्रूवल नहीं मिला । कारण विभिन्न प्रकार के हो सकते थे। जैसे - ट्रैफिक का कम आना, वेबसाइट का खराब सेटिंग और content में कमी । क्योंकि केवल वेबसाइट बनाने से समस्या खत्म नहीं होती है। इसमें पहले ट्रैफिक लाना होता है अर्थात पढ़ने वालों की संख्या बढ़ाने होती है । 30-35 पोस्ट के बाद अगर पढ़ने वालों की  संख्या बढ़ती है । तब ,, Google Adsense  वाले आपको गूगल ऐडसेंस अकाउंट अप्रूवल देंंगे। जिससे अकाउंट में पैसे आते ads , view, likes  or comment  द्वारा। इस तरह वह  सारे प्रोसेस से गुजरा और गूगल ऐडसेंस अप्रूवल मिलने में उसे कम से कम 6 महीने का समय लगा । शायद जल्दी भी मिल जाता , लेकिन उसका मानना था कि 25 पोस्ट के बाद ही उसे अप्रूवल मिल जाए । जो उसे नहीं  मिला । इसीलिए वह हताश हो गया और 1 महीने कोई पोस्ट नहीं डाली । बस  गलती तो  यहां कर दी। लेकिन एक आशा की किरण फिर भी जाग रही थी। अपनी पोस्ट पर ट्रैफिक प्रतिदिन देखता। फिर 1 महीनेेेे के बाद पोस्ट डाली और पांचवे महीने में चार पोस्ट डाल दी। फिर उसको महसूस हुआ कि एक बार फिर से देखते हैं । इस तरह 2 दिसंबर को बड़ी मुश्किलों से अप्रूवल मिला। और पैसा आना प्रारंभ हो गया । पहले दिन उसने मात्र ₹6 ही कमाए दूसरे ने ₹18  तीसरे दिन उसने ध्यान से देखा की वेबसाइट में ads पर click करने से balance तेजी से बढ़ता है। इस तरह से उसे लालच आ गया और उसने देखा की वेबसाइट में आने वाले advertise पर क्लिक से अधिक ज्यादा earning होती है तो उसने ज्यादा पैसा कमाने की लालच में दूसरों के मोबाइल से क्लिक करने लग गया।  बहुत जल्दी गूगल नहीं है। भाप लिया और पहली बोर्निंग दे दी । लेकिन उसने इस बात  ,, पर गौर नहीं किया। और 4th day की earning 100 रूपए पहुंच दी।  Google-adsense account suspende कर दिया।  और इतने दिनों की मेहनत पानी पानी हो गई । उसने बचपन में पढ़ी  कहानियों का प्रयोग नहीं किया था । जैसे कहानियों में एक सोने अंडा देने वाली मुर्गी जो प्रतिदिन अपनेेेेेेेेेे मालिक को एक सोने का अंडा देती थी। लालचवश उसने ज्यादा सोने की चाह मेंं ,   मुर्गी का गला काट देता है। ठीक उसी प्रकार वह भी अधिक धन की लालच में गलती कर बैठता हैै। 

लेकिन कुछ घंटों बाद उसके पास गूगल ऐडसेंस (Google Adsense) से एक मैसेज प्राप्त होता है। और उसमें लिखकर आता है कि आपका अकाउंट 30 दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया गया है । वह यह मैसेज देखकर खुश हो जाता है और आगे से ऐसी गलती ना करने का प्रण लेता है।

Domain क्या है?

अपने ब्लॉग और वेबसाइट के नाम के पीछे .com , .in, .net, .org , .nic .edu कुछ इस प्रकार के टाइप देखे होंगे यही डोमेन कहलाते हैं । एक प्रकार से डोमेन नाम आपकी वेबसाइट का नाम होता है या फिर हम कह सकते हैं कि डोमेन नाम वह पता है । जहां इंटरनेट यूजर आपकी वेबसाइट तक पहुंच सकते हैं । अक्सर आपने देखा होगा जब भी गूगल पर कुछ सर्च किया जाता है तो अनेक प्रकार पेज ओपन हो जाते हैं और किसी विशेष प्रकार की वेबसाइट पर दिखाई देते हैं । इसमें सबसे ज्यादा यूज करने वाला डोमेन .com होता है क्योंकि सबसे ज्यादा इंटरनेट पर सर्च करने वाला किसी भी नेम के साथ वेबसाइट के पीछे डॉट कॉम ही डालता है इसे ही टॉप लेवल डोमेन कहा जाता है।

Google Adsense क्या है?

गूगल ऐडसेंस इंटरनेट उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को ऑनलाइन विषय वस्तु प्रदान करने वाले को लाभ पहुंचाता है। जोकि डोमिन खरीद कर एक वेबसाइट का निर्माण करते हैं और गूगल से ऐडसेंस का अप्रूवल लेते हैं । उसके बाद ऐडसेंस वेबसाइट की विषय वस्तु के आधार पर विज्ञापनों को दिखाता है दरअसल विज्ञापन का प्रचार करने वाली कंपनियों से ही गूगल और यूजर्स को आय प्राप्त होती है।

विशेष तथ्य :

 इंटरनेट में कोई भी आय का सही अनुमान नहीं लगा सकता है क्योंकि आय को कैलकुलेट करने के बहुत सारे तथ्योंं- पर-- है। likes, comments, click , ads click , how much times to survive on website, आदि सभी चीजों को देखा जाता है । तब जाकर डॉलर में रुपए भेजे जाते हैं। हां , अनुमान से यह मान सकते हैं कि 1000 view प्रतिदिन आते हैं तो लगभग ₹100 की कमाई हो जाती है जो जो प्रसिद्ध वेबसाइट होती हैं । उनकी बात की जाए तो उनकी वेबसाइट पर प्रतिदिन 10000 तक पढ़ने वालों की संख्या रहती है जिस कारण यदि उनके 1 महीने की कमाई देखें। 25 से 30 हजार रुपए कमा लेते हैं।

दिए गए आर्टिकल में कहानी के माध्यम के द्वारा आपको वेबसाइट बनाने की प्रोसेस को बताया गया है । यदि इंटरनेट के माध्यम से कोई पैसा कमाना चाहता है या मेरे द्वारा किसी प्रकार की हेल्प चाहता है । तो नीचे कमेंट करें और दी गई जानकारी आपको अच्छी लगती है तो अधिक से अधिक शेयर करें।

उपलब्ध जानकारी: technovedant 

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निजीकरण का विरोध क्यों?

देश बदल रहा है

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