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Uksssc Mock Test 2026

उत्तराखंड समूह ग मॉडल पेपर Uksssc Mock Test - 231 (1) 'स्मृति की रेखाएं' और 'अतीत के चलचित्र' किसकी प्रसिद्ध गद्य रचनाएँ हैं? A. सुमित्रानंदन नंदन पंत  B. गजानन मुक्तबोध C. महादेवी वर्मा D. मन्नू भण्डारी  (2) प्रारूपण है - a) अंतिम दस्तावेज़ जारी करना और प्रिंट के लिए भेजना  b) विचारों को व्यवस्थित रूप देना और संरचना प्रदान करना c) मीडिया को सूचना देना और जनता तक पहुंचाना  d) गोपनीय पत्र लिखना  (3) निम्न को सुमेलित कीजिए        (a) बिजली        (1) सुरभि  (b) यमुना          (2) तरुणी (c) गाय            (3) अर्कजा (d) स्त्री            (4) वितुंडा कूट  :      (a)   (b)    (c)   (d) (A)  3     2      4     1                 (B)  2     3...

काव्य रचना by sunil

   काव्य रचना 

                      पार्ट - 1

कभी तेरे कभी मेरे,
 शब्दों के लम्हे पिरोने हैं,
 बनी ऐसी काव्य रचना,
 जो सभी के जीने में है,

 पत्थर दिल हो गए हैं जिनके 
उनके भी हृदय में ,
प्रेम के बीज बोने हैं।
 रूठ गए हैं जो अपनों से,
 टूट चुके हैं जो सपनों से ।
आशा की एक किरण,
 जीवन में उनके सिरोने हैं।
बने ऐसी काव्य रचना ,
जो सभी के जीने में है ।

एक पंक्ति तेरी हो ,
एक पंक्ति मेरी हो,
 भावनाओं का समंदर हो ,
उमंगों की बारिश हो ,
पढ़े जो हमारी काव्य रचना,
 दिल उसका भी आभारी हो।।

 इश्क की गलियां

                          पार्ट - 2


आसान नहीं है "इश्क की गलियां"!
 यहां सजदा करना पड़ता है,
 वक्त - वक्त की बात है - यारा
 वक्त के आगे झुकना पड़ता है।
 पहचानना उनको आसान नहीं ,
जिनके दिलों के राज बहुत हैं, 
मिले रहा में, राही - अकेला 
साथ चलने की कोशिश करना।
 शायद सफर हम सफर बन जाए ।
मोहब्बत का कब कोई सिकंदर बन जाए।

 आसान नहीं है इश्क की गलियां
यहां धैर्य रखना पड़ता है ।
जीवन कोई गुड़िया - गुड्डे का खेल नहीं ,
यहां सारा गम सहना पड़ता है। 
बहुत खूब होते हैं वह लोग।
 जिनका खुद पर बस चलता है,
 आसान नहीं है इश्क की गलियां ।
यहां सजदा करना पड़ता है।

काव्य संग्रह

सांसे भी आवाज देती?

सांसे भी आवाज देती,
 तो कितना अच्छा होता ।
किसका दिल क्या बोल रहा है ?
सबको पता चला होता ,
कोई दिल बेईमान ना होता?
 किसी के साथ धोखा ना होता,
 कसूर सब सांसो का है ?
सांसे भी आवाज देती ,
तो कितना अच्छा होता !
कमबख्त बिना बोलकर रुक जाती हैं।
 अच्छी खासी हंसती खेलती ,जिंदगी
 बेरंग कर जाती है।
अक्सर दिल देर कर जाते हैं
मोहब्बत का पैगाम पहुंचाने में।
सांसे तो पल-पल चलती है
तो कितना अच्छा होता ?
सांसे भी आवाज देती ।

               रहस्यमयी जीवन


बेवक्त सा हो गया हूं मैं।
 ना सुबह का पता ना शाम का,
 एक अंदेशा है मन में ?
क्या रहस्य छुपा है जीवन में?
 जितना समझाता हूं उतना ही
 उलझता जाता हूं !
हर बार कुछ छूट-सा जाता है ।
कोई ना कोई अपना रूठ से जाता है।
 बेवस  हूं मैं अपनों के आगे ,
बेवास हूं मैं सपनों के आगे ,
रातों को भी मैं पैगाम लिखता हूं।
 इस जन्म में मोहब्बत मुमकिन नहीं यारा
 क्योंकि मैं यह जिंदगी,
 यूपीएससी के नाम लिखता हूं।
         

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