पर्वतों के निर्माण प्रस्तावना "पर्वत हमारी पृथ्वी की सबसे भव्य और प्रभावशाली संरचनाओं में से एक हैं। ये न केवल हमारे भूगोल को तय करते हैं, बल्कि मौसम से लेकर हमारी नदियों तक सब कुछ बदलते हैं। लेकिन इनकी उत्पत्ति के पीछे की कहानी उतनी ही जटिल और दिलचस्प है। इस अध्याय में हम बेहद आसान भाषा में समझेंगे कि प्लेटों के टकराने, ज़मीन के फटने और ज्वालामुखी के विस्फोट से इन पर्वतों का जन्म कैसे होता है।" पर्वतों के निर्माण पर्वतों के निर्माण का मुख्य आधार टेक्टोनिक प्लेटों की गति है। हमारी पृथ्वी का सबसे ऊपरी हिस्सा (स्थलमंडल) कई टुकड़ों में टूटा हुआ है जिन्हें 'टेक्टोनिक प्लेट्स' कहते हैं। ये प्लेटें मेंटल की अर्ध-तरल परत (एस्थेनोस्फीयर) पर बहुत धीमी गति (सालाना 1 से 10 सेमी) से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें एक-दूसरे की ओर बढ़ती हैं, दूर जाती हैं या आपस में रगड़ खाती हैं, तो पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) पर भीषण तनाव और दबाव बनता है। इसी हलचल के कारण ज़मीन का हिस्सा या तो ऊपर उठ जाता है या फिर ज्वालामुखी के मैग्मा के जमाव से पहाड़ का रूप ले लेता है। पर्वतों के मुख्य प्रकार पर्...
Uksssc secretarial Guard 2021 प्रश्न पत्र हल - समूह-ग 2021 ( सचिवालय रक्षक सुरक्षा संवर्ग) वर्ग अ (हिन्दी ) - (कुल प्रश्न -20) आज 26 सितंबर 2021 को Uksssc 2021 सचिवालय रक्षक सुरक्षा संवर्ग की परीक्षा आयोजित की गई । जिसमें 20 प्रश्न हिंदी, 40 प्रश्न उत्तराखंड , व सामान्य ज्ञान से 40 प्रश्न से पूछे गए हैं। प्रथम पृष्ठ में हिंदी के 20 प्रश्नों का उल्लेख उत्तर सहित किया गया है और सभी प्रश्नों के उत्तर की व्याख्या की गई है। Part - 1 (हिंदी) (1) शुद्ध वर्तनी है- (a) संश्लिस्ट (b) संश्लिष्ट (c) संस्लिष्ट (d) संष्लिष्ठ Answer - b (2) निम्न में से घोष वर्ण हैं - (a) ख (b) च (c) म (d) ठ Answer - (c) व्याख्या - कंपन के आधार पर हिंदी वर्णमाला के दो भेद होते हैं। घोष (सघोष) और अघोष । अघोष - जिन वर्णों के उच्चारण में आवाज की जगह केवल सांस का उपयोग होता है उन्हें अघोष वर्ण कहते हैं। जैसे - क, ख, च, छ, ट, ठ, त, थ, प, फ, श, ष, से। इन वर्गो की कुल संख्या 13 होती है। घोष - जिन वर्णों के उच्चारण में केवल आवाज उपयोग होता है उन्हें घोष या सघोष वर्ण कहते हैं । जैसे - ग, घ, ड़, ...