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पर्वतों के निर्माण (Geography Notes - part 06)

पर्वतों के निर्माण  प्रस्तावना "पर्वत हमारी पृथ्वी की सबसे भव्य और प्रभावशाली संरचनाओं में से एक हैं। ये न केवल हमारे भूगोल को तय करते हैं, बल्कि मौसम से लेकर हमारी नदियों तक सब कुछ बदलते हैं। लेकिन इनकी उत्पत्ति के पीछे की कहानी उतनी ही जटिल और दिलचस्प है। इस अध्याय में हम बेहद आसान भाषा में समझेंगे कि प्लेटों के टकराने, ज़मीन के फटने और ज्वालामुखी के विस्फोट से इन पर्वतों का जन्म कैसे होता है।" पर्वतों के निर्माण पर्वतों के निर्माण का मुख्य आधार टेक्टोनिक प्लेटों की गति है। हमारी पृथ्वी का सबसे ऊपरी हिस्सा (स्थलमंडल) कई टुकड़ों में टूटा हुआ है जिन्हें 'टेक्टोनिक प्लेट्स' कहते हैं। ये प्लेटें मेंटल की अर्ध-तरल परत (एस्थेनोस्फीयर) पर बहुत धीमी गति (सालाना 1 से 10 सेमी) से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें एक-दूसरे की ओर बढ़ती हैं, दूर जाती हैं या आपस में रगड़ खाती हैं, तो पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) पर भीषण तनाव और दबाव बनता है। इसी हलचल के कारण ज़मीन का हिस्सा या तो ऊपर उठ जाता है या फिर ज्वालामुखी के मैग्मा के जमाव से पहाड़ का रूप ले लेता है। पर्वतों के मुख्य प्रकार पर्...

Top 10 उत्तराखंड प्रश्नोत्तरी 2021 (भाग-06)

 उत्तराखंड प्रश्नोत्तरी 2021

                      भाग - 06

उत्तराखंड की आगामी परीक्षाओं के लिए अति महत्वपूर्ण टॉप 10 प्रश्नोत्तरी तैयार किए गए है । जो समूह-ग, पटवारी एवं लेखपाल, बंदीरक्षक और फॉरेस्ट गार्ड के अनुरूप तैयार की गयी है। आने वाली परीक्षाओं में उत्तराखंड से संबंधित प्रश्नों की भूमिका बढ़ गई है । बता दें कि इन सभी परीक्षाओं में लगभग 100 में से 40 प्रश्न केवल उत्तराखंड से ही पूछे जाएंगे। कहीं ना कहीं उत्तराखंड की जानकारी होना अति आवश्यक है। अतः नीचे दिए गए प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और अधिक से अधिक लाभ उठाएं। देवभूमि उत्तराखंड के द्वारा प्रतिदिन 10 महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे जाएंगे साथ ही व्याख्या सहित उत्तर दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त प्रति सप्ताह 100 marks की मॉक टेस्ट सीरीज उपलब्ध जाएगी है। 

Top 10 most important MCQ (भाग - 06)

(1) भिलंगना नदी का उद्गम स्रोत है ?
(a) चोराबारी ग्लेशियर
(b) सतोपंथ ग्लेशियर
(c) मिलम ग्लेशियर
(d) खतलिंग ग्लेशियर

व्याख्या :-  भिलंगना नदी का उद्गम स्रोत गोमुख से 50 किलोमीटर दक्षिण स्थित खतलिंग ग्लेशियर है। गंगा की सहायक नदी दूध गंगा, बाल गंगा व धर्म गंगा है। भिंलगना नदी गणेश प्रयाग में भागीरथी नदी में मिलती है। प्रयाग में अलकनंदा और भागीरथी का संगम सास-बहू के रूप में होता है। व खतलिंग ग्लेशियर टिहरी में तीन जिलों के संगम पर स्थित है जहां प्राकृतिक शिवलिंग मिलता है। खतलिंग ग्लेशियर की खोज इंद्रमणि बडोनी और सुरेंद्र सिंह पांगती ने की थी।
Answer :-  (d)

(2) पंचेश्वर बांध किस नदी के ऊपर प्रस्तावित है?
(a) गंगा
(b) यमुना
(c) काली
(d) इनमें से कोई नहीं

व्याख्या :-  पंचेश्वर बांध भारत और नेपाल में मध्य स्थित काली के ऊपर प्रस्तावित है। यह भारत तथा नेपाल की संयुक्त बहुद्देशीय परियोजना है।
Answer :- (c)

(3) वीर गब्बर सिंह नेगी  निम्न में से किस पुरस्कार से नवाजा गया था ?
(a) अर्जुन अवॉर्ड
(b) परमवीर चक्र
(c) विक्टोरिया क्रॉस
(d) महावीर चक्र

व्याख्या :-  गबर सिंह नेगी का जन्म 21 अप्रैल, 1895 को चंबा उत्तराखंड में हुआ था। प्रथम विश्व युद्ध 1915 में ये ब्रिटिश इंडिया आर्मी के सिपाही थे, इन्हें विक्टोरिया क्रॉस से नवाजा गया था। गब्बर सिंह 39वीं गढ़वाल राइफल की दूसरी बटालियन में राइफलमैन थे। गबर सिंह स्मारक चंबा की स्थापना दिसंबर 1925 में हुई।
Answer :- (c)

(4) गोरी गंगा, काली नदी से मिलती है ?
(a) रुद्रप्रयाग
(b) टिहरी 
(c) बागेश्वर
(d) जौलजीबी

व्याख्या :- गोरी गंगा और काली नदी पिथौरागढ़ के  जौलजीबी नामक स्थान पर मिलती हैं। गोरी नदी मिलम हिमनद से निकलती है। यह नदी रामल व भानुकल्पा गाड़ से मिलकर बनी है। यह भारत और नेपाल की सीमा पर स्थित एक छोटा सा बाजार है। यहां प्रति वर्ष मेले का आयोजन होता है।
Answer :-  (d)

(5) " गेंदा कौथिक" शब्द का अर्थ है -
(a) मेला
(b) नृत्य
(c) एक खाद्य उत्पाद
(d) अनाज एवं मोटे अनाज

व्याख्या :- "गेंदा कौथिक" उत्तराखंड का परंपरागत मेला/महोत्सव है। यह प्रतिवर्ष पौड़ी गढ़वाल में आयोजित होता है। इसका आयोजन उत्तराखंड के अलावा अन्य राज्यों में भी किया जाता है।
Answer :- (a)

(6) उत्तराखंड के कितने जिलों में वृहन्तर हिमालय का फैलाव है?
(a) 3 जिलों में
(b) 4 जिलों में
(c) 6 जिलों में
(d) 5 जिलों में

व्याख्या :- उत्तराखंड में वृहन्तर हिमालय का फैलाव 5 उत्तरी जिलों में है। उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, टिहरी, और रुद्रप्रयाग में वृहत हिमालय का विस्तार है। वृहत हिमालय क्षेत्र के पर्वतों की ऊंचाई 4500 मीटर से 7817 मीटर तक है। वृहद हिमालय को हिमाद्रि या उच्च हिमालय भी कहा जाता है। इस की सर्वोच्च चोटी नंदा देवी है।
Answer :- (d)

(7) फसल कटाई में टिहरी रियासत के अंतर्गत जमीदार जो कर दिया जाता था उसे ........ कहते थे ?
(a) सावनी शेर
(b) राहदारी
(c) प्रभु सेवा
(d) तिहाड़

व्याख्या :- तिहाड़ एक प्रकार का कृषि कर था, जो फसल कटाई के बाद जमीदारों को दिया जाता था। यह व्यवस्था टिहरी रियासत में प्रचलित थी। क्योंकि पंवार शासक कृषि का एक तिहाई कर के रूप में लेते थे। इसलिए इस कर को यह तिहाड़ कहा जाता था। इसके अतिरिक्त औताली एक प्रकार का राजस्व कर था।
Answer :- (d)

(8) उत्तराखंड में सिविल वनों पर किसका नियंत्रण होता है?
(a) जिला दंडाधिकारी
(b) जिला वन अधिकारी
(c) आयुक्त
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं

व्याख्या :- उत्तराखंड में सिविल वनों पर जिला दंडाधिकारी का नियंत्रण होता है, जबकि राजकीय वनों के संरक्षण का उत्तरदायित्व जिला वन अधिकारी पर होता है।
Answer :- (a)

(9) उत्तराखंड में किस पंथ वंश ने कदापि अपनी प्रविष्टि दर्ज नहीं कराई?
(a) कबीर पंथ 
(b) सत्यनाथ पंथ
(c) बैरागी पंथ
(d) नास्तिक बंद

व्याख्या :- कबीर पंथ, सत्यनाथ पंथ, बैरागी पंथ इत्यादि समय-समय पर उत्तराखंड में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं जबकि, नास्तिक पंथ का उत्तराखंड में कोई अस्तित्व नहीं दिखाई पड़ता है।
Answer :- (d)

(10) निम्नलिखित में से कौन स्वतंत्रता सेनानी नहीं था?
(a) गौरा देवी
(b) महावीर त्यागी
(c) गोविंद बल्लभ पंत
(d) एच एन बहुगुणा

व्याख्या :- गौरा देवी ने उत्तराखंड के चिपको आंदोलन का नेतृत्व किया था उन्हें नवंबर 1986 में प्रथम वृक्ष मित्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। शेष सभी व्यक्तित्व स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े हुए थे। गौरा देवी चमोली की रेडी गांव में 1974 को हुए चिपको आंदोलन की सूत्र करता थी। गौरा देवी के साथ गांव की 21 महिलाओं ने वृक्ष कटाव रोकने के लिए चिपको आंदोलन शुरू किया था। 
Answer :- (a)

(11) निम्नलिखित में से कौन सा स्थल प्रसिद्ध मुस्लिम धार्मिक स्थल है?
(a) कैलापीर - बूढ़ाकेदार
(b) पीरगद्दी - देवलगढ़
(c) पिराने कलियर - रुड़की
(d) सिद्धबली - कोटद्वार

व्याख्या :- पीरान कलियर एक मुस्लिम धार्मिक स्थल है जबकि टिहरी गढ़वाल में स्थित बूढ़ाकेदार, पौड़ी गढ़वाल में स्थित सिद्धबली में हनुमान मंदिर तथा देवलगढ़ में राजराजेश्वरी मंदिर स्थित है। हजरत अलाउद्दीन अहमद साबिर की दरगाह को पिराने कलियर कहा जाता है। यह उत्तराखंड के हरिद्वार (रूड़की) जनपद में स्थित है।
Answer :- (c)




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