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पर्वतों के निर्माण (Geography Notes - part 06)

पर्वतों के निर्माण  प्रस्तावना "पर्वत हमारी पृथ्वी की सबसे भव्य और प्रभावशाली संरचनाओं में से एक हैं। ये न केवल हमारे भूगोल को तय करते हैं, बल्कि मौसम से लेकर हमारी नदियों तक सब कुछ बदलते हैं। लेकिन इनकी उत्पत्ति के पीछे की कहानी उतनी ही जटिल और दिलचस्प है। इस अध्याय में हम बेहद आसान भाषा में समझेंगे कि प्लेटों के टकराने, ज़मीन के फटने और ज्वालामुखी के विस्फोट से इन पर्वतों का जन्म कैसे होता है।" पर्वतों के निर्माण पर्वतों के निर्माण का मुख्य आधार टेक्टोनिक प्लेटों की गति है। हमारी पृथ्वी का सबसे ऊपरी हिस्सा (स्थलमंडल) कई टुकड़ों में टूटा हुआ है जिन्हें 'टेक्टोनिक प्लेट्स' कहते हैं। ये प्लेटें मेंटल की अर्ध-तरल परत (एस्थेनोस्फीयर) पर बहुत धीमी गति (सालाना 1 से 10 सेमी) से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें एक-दूसरे की ओर बढ़ती हैं, दूर जाती हैं या आपस में रगड़ खाती हैं, तो पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) पर भीषण तनाव और दबाव बनता है। इसी हलचल के कारण ज़मीन का हिस्सा या तो ऊपर उठ जाता है या फिर ज्वालामुखी के मैग्मा के जमाव से पहाड़ का रूप ले लेता है। पर्वतों के मुख्य प्रकार पर्...

तुमरिया बांध : काशीपुर

      तुमरिया बांध : काशीपुर

 Tumariya dam : Solar Power Project     


हरिपुरा डैम के  भांति एक डैम और भी है जिसमें "सोलर पावर प्रोजेक्ट" बनाने की घोषणा की गई है,  वह है "तुमरिया डैम" दोस्तों आपने मेरे पिछले आर्टिकल में हरिपुरा डैम के बारे में विस्तार पूर्वक पड़ा होगा।  यदि आपने नहीं पढ़ा है तो इस लिंक में (हरिपुरा डैम (गूलरभोज) जाकर आप पढ़ सकते हैं । 
                  यूं तो आपने बड़े-बड़े डैमों के बारे में  सुना होगा।  जैसे- टिहरी डैम (उत्तराखंड),  भाखड़ा नांगल (पंजाब) , हीराकुंड (ओड़िशा) आदि के बारे में पढ़ा होगा ।  उन्हीं कुछ डेमो में से   छोटे - छोटे डैम समेटे हुए है "उधम सिंह नगर" ( उत्तराखंड) । 5 डैम अपने आप में समेटे हुए पर्यटक स्थल का मुख्य केंद्र बनने में सक्षम कृषि और मत्स्य पालन की दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है।  5 डेमों की सीरीज में आज हम बात करेंगे "तुमरिया डैम"


 विशेषताएं

भारत एक समृद्ध देश होने के बावजूद पर्यटक सूची  विश्व में 34 वॉ स्थान पर है (140 देशों में) । जो अभी भी बहुत कम है । भारत इतना बड़ा देश है। भारत के कोने कोने में पर्यटक स्थलों के विकास की संभावना  है उन्हीं में से एक ऐसे स्थल की पहचान की गई है "तुमरिया डैम" जो कि "काशीपुर"  में स्थित है। सिंचाई की दृष्टि से तुमरिया डैम सबसे अधिक महत्वपूर्ण है इसमें से दो नेहरे निकाली गई है ।

(1) तुमरिया प्रेसार नहर 
(2) बहला फीडर नहर तुमरिया 

 तुमरिया प्रेसार नहर लगभग 88 किलोमीटर लंबी है जबकि बेला फीडर नहर छोटी है,   वह लगभग 20 किलोमीटर लंबी हैl दोनों नेहरू से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लगभग 28000 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की जाती है । तुमडिया बांध का निर्माण आजादी के बाद 1962 से प्रारंभ हुआ था। जिस समय भारत चीन(1962) और पाकिस्तान (1965) से युद्ध लड़ रहा था। उस समय उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में डेमो का निर्माण कार्य चल रहा था।  1969 में डैम का निर्माण कार्य पूरा हुआ। इसकी लंबाई 20 किलोमीटर है । इसमें "कोसी नदी" "ठेला नदी" और "फिका नदी" का पानी सम्मिलित होता है जो एक प्रकार की मौसमी नदी है जिस कारण गर्मी के दिनों में पानी का स्तर कम हो जाता है। काशीपुर में तुमरिया डैम के अलावा अनेक पर्यटक स्थल हैं जैसे कि द्रोण सागर,  "गोविषाण का किला",  "गिरी ताल" "बाला सुंदरी मंदिर"  । काशीपुर एक ऐतिहासिक शहर जो पर्यटक स्थल की दृष्टि से महत्वपूर्ण है जिसके लिए यहां के प्रत्येक आकर्षक स्थलों का विकास अति आवश्यक है।


तुमरिया बांध की समस्या

तुमरिया बांध की  मुख्य समस्या यह है कि- 
  • तुमरिया प्रसार नहर के गेट जल का स्तर बढ़ने से लीक हो जाता है लगभग 25% जल बह जाता है। जिससे  डैम खाली सा हो जाता है।
  •  दूसरी समस्या नदियों का पानी वर्षा पर निर्भर करता है। जुलाई-अगस्त सितंबर में अच्छी बारिश होती है जिससे यह डैम पूरी तरह भर जाता है लेकिन मई -जून के महीने में सारा मंजर सूखा नजर आता है।
  • तीसरी समस्या जो किसान नेहरों  के भरोसे खेती करते हैं। उन्हें पानी की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इसके अलावा गन्ना,  चारा और चैनी धान (फऱवरी से जून)  की फसले खतरे में आ जाती हैं और सूखा पड़ने की संभावना बनी रहती है।

आगे की राह

देश के विकास के लिए सरकार अनेकों योजनाएं पर काम कर रही है और देश में उपलब्ध संसाधनों का कुशलतम प्रयोग की ओर विशेष ध्यान दे रही हैं। फरवरी 2020 में मुख्यमंत्री द्वारा डेमो का दौरा किया गया । जिसमें मुख्यत है "तुमरिया डैम और हरीपुरा डैम " शामिल किए गए । मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र रावत जी द्वारा बताया गया कि तुमरिया डैम और हरिपुरा डैम में 40 मेगावाट क्षमता के सोलर पावर प्रोजेक्ट की स्थापना की जाएगी। जिससे 6.8 करोड़ यूनिट बिजली प्रतिवर्ष उत्पादित की जाएगी । समय- समय पर वाटर स्पोर्ट्स गेम की प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। और साथ ही साथ पर्यटक के रूप में नई पहचान बनाने को लेकर कार्य किए जाएंगे। सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए बजट में 1290 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। उपयुक्त दी गई समस्याओं का निजात पाने के लिए सिंचाई विभाग के द्वारा मरम्मत का कार्य जारी है जल्द ही सूखे की समस्या का समाधान संभव होगा। और पर्यटक स्थल के रूप में काशीपुर शहर  एक विशेष पहचान बना पाएगा।


विशेष तथ्य

वर्ल्ड इकोनामिक फोरम  द्वारा "ट्रैवल एंड टूरिज्म  रिपोर्ट"  2 वर्षों के अंतराल प्रस्तुत की जाती है। इसका प्रारंभ सन 2007 से किया गया था। शुरुआत में 124 देशों को शामिल किया गया  था। और 2011 में 139 देश शामिल किए गए थे। वर्तमान समय में ट्रैवल एंड टूरिज्म रिपोर्ट के अनुसार 2019 में 140 देशों में 6 अंको के सुधार के साथ भारत का स्थान 34 वॉ रहा है 2017 में  भारत 40 वें  स्थान पर था । रिपोर्ट के अनुसार भारत मैं टूरिज्म 8.1 प्रतिशत रोजगार उपलब्ध कराता है। 2019 में टूरिज्म से कुल आय की प्राप्ति 268.29 billion-dollar है,   वहीं _2018 में 247.37 billion dollar थी। उपयुक्त आंकड़े नीचे दिए गए लिंक से लिए गए हैं।

उधम सिंह नगर जिले के अन्य पर्यटक स्थलों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए मेरी वेबसाइट को फॉलो करें

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