लोककथा : खरिया और भरिया नमस्कार दोस्तों आज हम थारू जनजाति कि संस्कृति के संरक्षण के लिए सदियों से प्रचलित लोककथाओं और लोकगीतों को शुरू करने जा रहे हैं। यूं तो थारू जनजाति के लोगों की अपनी कोई भाषा नहीं है। लेकिन सर्वाधिक प्रभाव ब्रजभाषा का देखने को मिलता है। किंतु समय परिर्वतन के साथ पहाड़ी, खड़ी बोली और हिन्दी का प्रभाव देखने को मिलता है। यदि हमारे द्वारा लिखी यह कहानी आपने कभी सुनी हो तो कमेंट अवश्य करें। खरिया और भरिया : लोककथा यह कहानी दो भाइयों की है - खरिया और भरिया। इस कहानी में खरिया बड़ा भाई और थोड़ा चालक था वहीं बढ़िया छोटा भाई और बहुत सीधा साधा था। यह कथा थारू समाज के उसे समय की है जब उनके पास धन के रूप में केवल खेती और मवेशी हुआ करते थे। एक गांव में दो भाई रहा करते थे। दोनों भाई बहुत मेहनती थे लेकिन अक्सर वे आपस के छोटे छोटे विवादों में फंस जाया करते थे। एक दिन अचानक पिता की मृत्यु जाती है। उनके पिता की मृत्यु के बाद, खरिया ने चालाकी से घर की संपत्तियों का बंटवारा कुछ इस तरह किया : कंबल का बंटवारा : खरिया ने कहा, "भाई, यह कंबल दिन में मेरा रहेगा और रात में तुम्...
भारत का 43वां विश्व विरासत स्थल : मोइदम (असम) इस लेख में भारत का 43वां विश्व विरासत स्थल मोइदम (असम) के बारे में जानकारी दी गई है। जो सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण करेंट अफेयर्स । अतः लेख को अन्त तक अवश्य पढ़ें। भारत ने पहली बार 21-31 जुलाई 2024 तक नई दिल्ली में यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति की मेजबानी की। नई दिल्ली में 30 जुलाई 2024 को संपन्न यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति के 46वें सत्र में यूनेस्को विरासत सूची में दुनिया भर के 24 नए विरासत स्थलों को शामिल किया गया है। यूनेस्को (UNESCO) का पूर्ण रूप संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 जुलाई को यूनेस्को के महानिदेशक ऑड्रे अज़ोले की उपस्थिति में यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति की बैठक का उद्घाटन किया। और विकासशील देशों में संरक्षण परियोजनाओं का समर्थन करने और क्षमता निर्माण पहल को बढ़ाने के लिए यूनेस्को विश्व विरासत केंद्र को 1 मिलियन डॉलर की सहायता की घोषणा की है। समापन समारोह को 30 जुलाई 2024 को केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने संबोधित क...