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पृथ्वी की आंतरिक संरचना (Part - 05)

पृथ्वी की आंतरिक संरचना  "नमस्कार साथियों/छात्रों,   आज के इस लेख में हम पृथ्वी की आंतरिक संरचना पढ़ने वाले हैं। यह अध्याय परीक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है प्रत्येक परीक्षा में 2-3 प्रश्न यहां से अवश्य पूछे जाते हैं। देवभूमि उत्तराखंड द्वारा यह प्रयास किया गया है कि सभी तथ्यों को आसान भाषा में परिभाषित किया जा सके। इस लेख में दिए गए सभी तथ्य 6-12 तक की एनसीईआरटी पुस्तक और माजिद हुसैन की भूगोल से लिए गए हैं।  प्रस्तावना, जिस पृथ्वी पर हम रहते हैं, उसके बाहरी रूप—जैसे ऊंचे पर्वत, गहरी नदियाँ, विशाल महासागर और हरे-भरे मैदानों से तो हम भली-भांति परिचित हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस ठोस जमीन पर हम खड़े हैं, उसके हजारों किलोमीटर नीचे पैर पसारकर बैठी दुनिया कैसी दिखती होगी? जैसे एक पके हुए आम का सबसे बाहरी हिस्सा उसका पतला छिलका होता है, बीच में उसका रसदार गूदा और सबसे अंदर एक ठोस गुठली होती है; या जैसे एक उबले हुए अंडे में सबसे बाहर एक पतला सफेद छिलका, फिर सफेद भाग और केंद्र में पीला भाग (Yolk) होता है—ठीक वैसे ही हमारी पृथ्वी भी परतों में बंटी हुई है। भले ...

संघ लोक सेवा आयोग अध्यक्ष : प्रीति सूदन

 संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) 

चर्चा में क्यों ?


प्रीति सूदन ने 1 अगस्त को चेयरपर्सन के तौर पर कार्यभार संभाला। 1983 बैच की आईएएस अधिकारी और पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन (Preeti Sudan) को UPSC को नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इससे पूर्व एक महीने पहले संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष मनोज सोनी ने अपना कार्यकाल खत्म होने पहले ही इस्तीफा दे दिया था। 


संघ लोक सेवा आयोग 


संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की स्थापना 1 अक्टूबर, 1926 को हुई थी।


संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission, UPSC) भारत सरकार का एक संवैधानिक निकाय है जिसकी स्थापना भारत के संविधान के अनुच्छेद 315 के तहत की गई थी। यह आयोग भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में अधिकारियों की भर्ती के लिए प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करता है।

यूपीएससी का मुख्य कार्य


  • भर्ती : यूपीएससी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों की भर्ती करता है। इसके अलावा, यह कई अन्य केंद्र सरकार के पदों के लिए भी भर्ती प्रक्रिया आयोजित करता है।

  • परीक्षाएं : यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा, भारतीय वन सेवा परीक्षा, संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा आदि जैसी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करता है।

  • परामर्श : यूपीएससी केंद्र सरकार को विभिन्न मामलों पर परामर्श भी देता है, जैसे कि सेवा शर्तें, पदोन्नति, आदि।

यूपीएससी की संरचना


संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) में अध्यक्ष समेत आमतौर पर 9 से 11 सदस्य होते हैं. हालांकि, आयोग की स्वीकृत सदस्य संख्या 10 है. फ़िलहाल, आयोग में एक अध्यक्ष और 10 सदस्य हैं. भारत के राष्ट्रपति, UPSC के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति करते हैं. हर सदस्य का कार्यकाल 6 साल का होता है या फिर वह 65 साल की उम्र तक पद पर रह सकता है, जो भी पहले हो जाए. संविधान में दी गई प्रक्रिया के बाद, राष्ट्रपति किसी सदस्य को हटा भी सकते हैं.


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