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पर्वतों के निर्माण (Geography Notes - part 06)

पर्वतों के निर्माण  प्रस्तावना "पर्वत हमारी पृथ्वी की सबसे भव्य और प्रभावशाली संरचनाओं में से एक हैं। ये न केवल हमारे भूगोल को तय करते हैं, बल्कि मौसम से लेकर हमारी नदियों तक सब कुछ बदलते हैं। लेकिन इनकी उत्पत्ति के पीछे की कहानी उतनी ही जटिल और दिलचस्प है। इस अध्याय में हम बेहद आसान भाषा में समझेंगे कि प्लेटों के टकराने, ज़मीन के फटने और ज्वालामुखी के विस्फोट से इन पर्वतों का जन्म कैसे होता है।" पर्वतों के निर्माण पर्वतों के निर्माण का मुख्य आधार टेक्टोनिक प्लेटों की गति है। हमारी पृथ्वी का सबसे ऊपरी हिस्सा (स्थलमंडल) कई टुकड़ों में टूटा हुआ है जिन्हें 'टेक्टोनिक प्लेट्स' कहते हैं। ये प्लेटें मेंटल की अर्ध-तरल परत (एस्थेनोस्फीयर) पर बहुत धीमी गति (सालाना 1 से 10 सेमी) से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें एक-दूसरे की ओर बढ़ती हैं, दूर जाती हैं या आपस में रगड़ खाती हैं, तो पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) पर भीषण तनाव और दबाव बनता है। इसी हलचल के कारण ज़मीन का हिस्सा या तो ऊपर उठ जाता है या फिर ज्वालामुखी के मैग्मा के जमाव से पहाड़ का रूप ले लेता है। पर्वतों के मुख्य प्रकार पर्...

संघ लोक सेवा आयोग अध्यक्ष : प्रीति सूदन

 संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) 

चर्चा में क्यों ?


प्रीति सूदन ने 1 अगस्त को चेयरपर्सन के तौर पर कार्यभार संभाला। 1983 बैच की आईएएस अधिकारी और पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन (Preeti Sudan) को UPSC को नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इससे पूर्व एक महीने पहले संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष मनोज सोनी ने अपना कार्यकाल खत्म होने पहले ही इस्तीफा दे दिया था। 


संघ लोक सेवा आयोग 


संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की स्थापना 1 अक्टूबर, 1926 को हुई थी।


संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission, UPSC) भारत सरकार का एक संवैधानिक निकाय है जिसकी स्थापना भारत के संविधान के अनुच्छेद 315 के तहत की गई थी। यह आयोग भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में अधिकारियों की भर्ती के लिए प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करता है।

यूपीएससी का मुख्य कार्य


  • भर्ती : यूपीएससी भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अधिकारियों की भर्ती करता है। इसके अलावा, यह कई अन्य केंद्र सरकार के पदों के लिए भी भर्ती प्रक्रिया आयोजित करता है।

  • परीक्षाएं : यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा, भारतीय वन सेवा परीक्षा, संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा आदि जैसी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करता है।

  • परामर्श : यूपीएससी केंद्र सरकार को विभिन्न मामलों पर परामर्श भी देता है, जैसे कि सेवा शर्तें, पदोन्नति, आदि।

यूपीएससी की संरचना


संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) में अध्यक्ष समेत आमतौर पर 9 से 11 सदस्य होते हैं. हालांकि, आयोग की स्वीकृत सदस्य संख्या 10 है. फ़िलहाल, आयोग में एक अध्यक्ष और 10 सदस्य हैं. भारत के राष्ट्रपति, UPSC के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति करते हैं. हर सदस्य का कार्यकाल 6 साल का होता है या फिर वह 65 साल की उम्र तक पद पर रह सकता है, जो भी पहले हो जाए. संविधान में दी गई प्रक्रिया के बाद, राष्ट्रपति किसी सदस्य को हटा भी सकते हैं.


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