हिन्दी भाषा के प्रमुख साहित्यकार नमस्कार दोस्तों आज हम हिंदी साहित्य के सिलेबस के अनुसार बाहरी राज्यों में जन्म लेने वाले साहित्यकारों का अध्ययन करेंगे। जो उत्तराखंड की परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं आज के लेख में गजानन माधव मुक्तिबोध के जीवन परिचय और उनकी प्रमुख सभी रचनाओं के बारे में विस्तार से जानेंगे । इससे पूर्व हम सुमित्रानंदन पंत, राहुल सांकृत्यायन, महादेवी वर्मा, शैलेश मटियानी और मंगलेश डबराल के बारे में विस्तार से पढ़ चुके हैं। जिनके लिंक लेख के अंत में नीचे दिए गए हैं। तो आईए जानते हैं गजानन मुक्तिबोध के बारे में विस्तार से - गजानन माधव मुक्तिबोध हिंदी साहित्य में 'अंधेरे के कवि' और फेंटेसी के बेजोड़ शिल्पी के रूप में विख्यात गजानन माधव मुक्तिबोध का नाम आधुनिक हिंदी काव्य के इतिहास में सबसे अलग और चमकीला है । वे प्रगतिशील चेतना और प्रयोगवाद के एक ऐसे अनूठे सेतु थे, जिन्होंने कविता को आत्म संघर्ष, आत्मा खोज और व्यवस्था के खिलाफ एक तीव्र बौद्धिक हथियार बनाया। जीवन परिचय गजानन माधव मुक्तिबोध का जन्म 13 नवंबर, 1917 को मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के 'श्...
ट्रैक ऑफ द ईयर -2024 हाल ही में उत्तराखण्ड के सिनला पास और सरुताल बुग्याल को “ट्रैक ऑफ द ईयर” घोषित किया गया। जिसका उत्तराखण्ड पर्यटन मंत्रालय द्वारा 25 सितम्बर में आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया जायेगा। उद्देश्य ट्रेक ऑफ द ईयर द्वारा, स्थानीय संस्कृतियों एवं पर्यावरणीय गतिविधियों के सम्बन्ध जागरूकता प्रदान की जा सकती है, इसी प्रकार पर्यटन को बढावा देकर राज्य की G.D.P. में अहम् योगदान दिया जा सकता है। महत्व ट्रैक ऑफ द ईयर उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग द्वारा संचालित पहल है जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य के पर्यटन स्थलों को विकसित करना एवं वैश्विक स्तर पर इन स्थलों का प्रचार-प्रसार करना है। जिससे की मुख्य रूप से स्थानीय पर्यटन एवं रोजगार को बढ़ावा मिलता है। सिनला पास (पिथौरागढ़) पिथौरागढ़ जिले में उपस्थित स्थित सिन-ला दर्रा (पास) दारमा और व्यास घाटियों को जोड़ता है, जिसके अन्तर्गत बर्फ से ढके क्षेत्रों में पार्वती कुंड, कैलाश, ओम पर्वत और पंचाचूली बेस कैंप जैसे रमणीय स्थल सम्मिलित हैं। सरुताल बुग्याल (उत्तरकाशी) उत्तरकाशी जनपद के बड़कोट तहसील में स्थित सरुताल बुग्याल गोविन्द राष्ट्रीय उद...