उत्तराखंड का प्रागैतिहासिक काल उत्तराखंड का प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Era) अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली है। इस काल का कोई लिखित प्रमाण नहीं है, इसलिए इसका इतिहास गुफाओं में मिले शैल-चित्रों (Rock Paintings), पत्थरों के औजारों और प्राचीन कंकालों के आधार पर लिखा गया है। आइए जानते हैं विस्तार से - “धूल से भरी राहें और तपता हुआ सूरज... उत्तर भारत के एक गुमनाम गाँव के किनारे एक ऊँचा सा मिट्टी का टीला था। लोग वहाँ से ईंटें उखाड़ रहे थे, कोई अपने घर की दीवार बना रहा था, तो कोई उन पत्थरों को कचरा समझकर फेंक रहा था। वहीं दूर खड़ा एक अंग्रेज अफसर, जिसका नाम अलेक्जेंडर कनिंघम था, यह सब बड़े गौर से देख रहा था। उसके पास एक पुरानी किताब थी—चीनी यात्री ह्वेनसांग की डायरी। कनिंघम को यकीन था कि जिस टीले को लोग 'कचरा' समझ रहे हैं, उसके नीचे सम्राट अशोक का कोई महान शहर या बुद्ध का कोई पवित्र मठ दफन है। वो बेचैनी और वो खत कनिंघम रात भर सो नहीं पाए। उन्हें लग रहा था जैसे वो दफन शहर उन्हें पुकार रहे हों। उन्होंने सोचा, "अगर आज मैंने इन पत्थरों को नहीं बचाया, तो आने वाली पीढ़ियाँ कभी नहीं...
7 days challenge Top 10 weekly current affair in hindi 1 March to 7 March (top 10 quiz ) 7 days challenge के अंतर्गत यहां देवभूमिउत्तराखंड.com के द्वारा सप्ताह के most important Top 10 weekly current affair हिंदी में तैयार किए जाते हैं। जिनकी 2021 में होने वाली आगामी परीक्षाओं शत-प्रतिशत आने की संभावना होती है। यहां से आप जनवरी 2021 से फरवरी तक के प्रत्येक सप्ताह के करंट अफेयर पढ़ सकते हैं। (1) हाल ही में 30वां बिहारी पुरस्कार किसको प्रदान किया गया है ? (a) कुमार विश्वास (b) मोहन कृष्णा बोहरा (c) मृदुला भंडारी (d) अमिताभ बच्चन व्याख्या : मोहन कृष्णा बोहरा को तसलीम : संघर्ष और साहित्य की नामक रचना के उपलक्ष में के. के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया है । यह पुरस्कार प्रसिद्ध कवि बिहारी के नाम पर के के बिरला द्वारा 1991 में साहित्यिक रचनाओं के सम्मान के लिए बिहारी पुरस्कार की स्थापना की गई थी। इसमें अवार्ड के साथ 2.5 लाख नकद पुरस्कार एक पट्टीका और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है । मोहन कृष्ण बोहरा एक प्रसिद्ध साहित्यकार है । इनका जन्म 27 जुलाई 1939 को रा...