हिन्दी भाषा के प्रमुख साहित्यकार नमस्कार दोस्तों आज हम हिंदी साहित्य के सिलेबस के अनुसार बाहरी राज्यों में जन्म लेने वाले साहित्यकारों का अध्ययन करेंगे। जो उत्तराखंड की परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं आज के लेख में गजानन माधव मुक्तिबोध के जीवन परिचय और उनकी प्रमुख सभी रचनाओं के बारे में विस्तार से जानेंगे । इससे पूर्व हम सुमित्रानंदन पंत, राहुल सांकृत्यायन, महादेवी वर्मा, शैलेश मटियानी और मंगलेश डबराल के बारे में विस्तार से पढ़ चुके हैं। जिनके लिंक लेख के अंत में नीचे दिए गए हैं। तो आईए जानते हैं गजानन मुक्तिबोध के बारे में विस्तार से - गजानन माधव मुक्तिबोध हिंदी साहित्य में 'अंधेरे के कवि' और फेंटेसी के बेजोड़ शिल्पी के रूप में विख्यात गजानन माधव मुक्तिबोध का नाम आधुनिक हिंदी काव्य के इतिहास में सबसे अलग और चमकीला है । वे प्रगतिशील चेतना और प्रयोगवाद के एक ऐसे अनूठे सेतु थे, जिन्होंने कविता को आत्म संघर्ष, आत्मा खोज और व्यवस्था के खिलाफ एक तीव्र बौद्धिक हथियार बनाया। जीवन परिचय गजानन माधव मुक्तिबोध का जन्म 13 नवंबर, 1917 को मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के 'श्...
7 days challenge Top 10 weekly current affair in hindi 1 March to 7 March (top 10 quiz ) 7 days challenge के अंतर्गत यहां देवभूमिउत्तराखंड.com के द्वारा सप्ताह के most important Top 10 weekly current affair हिंदी में तैयार किए जाते हैं। जिनकी 2021 में होने वाली आगामी परीक्षाओं शत-प्रतिशत आने की संभावना होती है। यहां से आप जनवरी 2021 से फरवरी तक के प्रत्येक सप्ताह के करंट अफेयर पढ़ सकते हैं। (1) हाल ही में 30वां बिहारी पुरस्कार किसको प्रदान किया गया है ? (a) कुमार विश्वास (b) मोहन कृष्णा बोहरा (c) मृदुला भंडारी (d) अमिताभ बच्चन व्याख्या : मोहन कृष्णा बोहरा को तसलीम : संघर्ष और साहित्य की नामक रचना के उपलक्ष में के. के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया है । यह पुरस्कार प्रसिद्ध कवि बिहारी के नाम पर के के बिरला द्वारा 1991 में साहित्यिक रचनाओं के सम्मान के लिए बिहारी पुरस्कार की स्थापना की गई थी। इसमें अवार्ड के साथ 2.5 लाख नकद पुरस्कार एक पट्टीका और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है । मोहन कृष्ण बोहरा एक प्रसिद्ध साहित्यकार है । इनका जन्म 27 जुलाई 1939 को रा...