लोककथा : खरिया और भरिया नमस्कार दोस्तों आज हम थारू जनजाति कि संस्कृति के संरक्षण के लिए सदियों से प्रचलित लोककथाओं और लोकगीतों को शुरू करने जा रहे हैं। यूं तो थारू जनजाति के लोगों की अपनी कोई भाषा नहीं है। लेकिन सर्वाधिक प्रभाव ब्रजभाषा का देखने को मिलता है। किंतु समय परिर्वतन के साथ पहाड़ी, खड़ी बोली और हिन्दी का प्रभाव देखने को मिलता है। यदि हमारे द्वारा लिखी यह कहानी आपने कभी सुनी हो तो कमेंट अवश्य करें। खरिया और भरिया : लोककथा यह कहानी दो भाइयों की है - खरिया और भरिया। इस कहानी में खरिया बड़ा भाई और थोड़ा चालक था वहीं बढ़िया छोटा भाई और बहुत सीधा साधा था। यह कथा थारू समाज के उसे समय की है जब उनके पास धन के रूप में केवल खेती और मवेशी हुआ करते थे। एक गांव में दो भाई रहा करते थे। दोनों भाई बहुत मेहनती थे लेकिन अक्सर वे आपस के छोटे छोटे विवादों में फंस जाया करते थे। एक दिन अचानक पिता की मृत्यु जाती है। उनके पिता की मृत्यु के बाद, खरिया ने चालाकी से घर की संपत्तियों का बंटवारा कुछ इस तरह किया : कंबल का बंटवारा : खरिया ने कहा, "भाई, यह कंबल दिन में मेरा रहेगा और रात में तुम्...
7 days challenge Top 10 weekly current affair in hindi 1 March to 7 March (top 10 quiz ) 7 days challenge के अंतर्गत यहां देवभूमिउत्तराखंड.com के द्वारा सप्ताह के most important Top 10 weekly current affair हिंदी में तैयार किए जाते हैं। जिनकी 2021 में होने वाली आगामी परीक्षाओं शत-प्रतिशत आने की संभावना होती है। यहां से आप जनवरी 2021 से फरवरी तक के प्रत्येक सप्ताह के करंट अफेयर पढ़ सकते हैं। (1) हाल ही में 30वां बिहारी पुरस्कार किसको प्रदान किया गया है ? (a) कुमार विश्वास (b) मोहन कृष्णा बोहरा (c) मृदुला भंडारी (d) अमिताभ बच्चन व्याख्या : मोहन कृष्णा बोहरा को तसलीम : संघर्ष और साहित्य की नामक रचना के उपलक्ष में के. के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया गया है । यह पुरस्कार प्रसिद्ध कवि बिहारी के नाम पर के के बिरला द्वारा 1991 में साहित्यिक रचनाओं के सम्मान के लिए बिहारी पुरस्कार की स्थापना की गई थी। इसमें अवार्ड के साथ 2.5 लाख नकद पुरस्कार एक पट्टीका और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है । मोहन कृष्ण बोहरा एक प्रसिद्ध साहित्यकार है । इनका जन्म 27 जुलाई 1939 को रा...