हिन्दी भाषा के प्रमुख साहित्यकार नमस्कार दोस्तों आज हम हिंदी साहित्य के सिलेबस के अनुसार बाहरी राज्यों में जन्म लेने वाले साहित्यकारों का अध्ययन करेंगे। जो उत्तराखंड की परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं आज के लेख में गजानन माधव मुक्तिबोध के जीवन परिचय और उनकी प्रमुख सभी रचनाओं के बारे में विस्तार से जानेंगे । इससे पूर्व हम सुमित्रानंदन पंत, राहुल सांकृत्यायन, महादेवी वर्मा, शैलेश मटियानी और मंगलेश डबराल के बारे में विस्तार से पढ़ चुके हैं। जिनके लिंक लेख के अंत में नीचे दिए गए हैं। तो आईए जानते हैं गजानन मुक्तिबोध के बारे में विस्तार से - गजानन माधव मुक्तिबोध हिंदी साहित्य में 'अंधेरे के कवि' और फेंटेसी के बेजोड़ शिल्पी के रूप में विख्यात गजानन माधव मुक्तिबोध का नाम आधुनिक हिंदी काव्य के इतिहास में सबसे अलग और चमकीला है । वे प्रगतिशील चेतना और प्रयोगवाद के एक ऐसे अनूठे सेतु थे, जिन्होंने कविता को आत्म संघर्ष, आत्मा खोज और व्यवस्था के खिलाफ एक तीव्र बौद्धिक हथियार बनाया। जीवन परिचय गजानन माधव मुक्तिबोध का जन्म 13 नवंबर, 1917 को मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के 'श्...
उत्तराखंड गौरव सम्मान 2024 राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर देहरादून में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पांच विभूतियों को उत्तराखंड गौरव सम्मान से सम्मानित किया। साथ ही 14 पुलिसकर्मियों को पुलिस पदक, राष्ट्रपति पुलिस पदक और जीवन रक्षक पदक से सम्मानित किया गया। अनिल चौहान (पौड़ी गढ़वाल) प्रीतम भरतवाण (टिहरी गढ़वाल) हेमंत पांडेय (पिथौरागढ़) मंगला देवी (पौड़ी गढ़वाल) महेश कुड़ियाल (टिहरी गढ़वाल) अनिल चौहान पौड़ी जिले के गयाणा गांव निवासी अनिल चौहान देश के दूसरे सीडीएस हैं। वे परम विशिष्ट सेवा मेडल, उत्तम युद्ध सेवा मेडल, अत्ति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल से सम्मानित हो चुके हैं। उन्होंने 30 सितंबर 2022 को सीडीएस (चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ) का पदभार संभाला। बीते दो वर्ष में उन्होंने तीनों सेनाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने में विशेष योगदान दिया। प्रीतम भरतवाण (लोकगायक) टिहरी जिले के रायपुर ब्लॉक के सिला गांव निवासी लीक गायक प्रीतम भरतवाण का उत्तराखंड की लोककलाओं, गीतों और जागरों को प्रोत्साहित करने में विशेष योगदान है।...