पर्वतों के निर्माण प्रस्तावना "पर्वत हमारी पृथ्वी की सबसे भव्य और प्रभावशाली संरचनाओं में से एक हैं। ये न केवल हमारे भूगोल को तय करते हैं, बल्कि मौसम से लेकर हमारी नदियों तक सब कुछ बदलते हैं। लेकिन इनकी उत्पत्ति के पीछे की कहानी उतनी ही जटिल और दिलचस्प है। इस अध्याय में हम बेहद आसान भाषा में समझेंगे कि प्लेटों के टकराने, ज़मीन के फटने और ज्वालामुखी के विस्फोट से इन पर्वतों का जन्म कैसे होता है।" पर्वतों के निर्माण पर्वतों के निर्माण का मुख्य आधार टेक्टोनिक प्लेटों की गति है। हमारी पृथ्वी का सबसे ऊपरी हिस्सा (स्थलमंडल) कई टुकड़ों में टूटा हुआ है जिन्हें 'टेक्टोनिक प्लेट्स' कहते हैं। ये प्लेटें मेंटल की अर्ध-तरल परत (एस्थेनोस्फीयर) पर बहुत धीमी गति (सालाना 1 से 10 सेमी) से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें एक-दूसरे की ओर बढ़ती हैं, दूर जाती हैं या आपस में रगड़ खाती हैं, तो पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) पर भीषण तनाव और दबाव बनता है। इसी हलचल के कारण ज़मीन का हिस्सा या तो ऊपर उठ जाता है या फिर ज्वालामुखी के मैग्मा के जमाव से पहाड़ का रूप ले लेता है। पर्वतों के मुख्य प्रकार पर्...
उत्तराखंड गौरव सम्मान 2024 राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर देहरादून में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पांच विभूतियों को उत्तराखंड गौरव सम्मान से सम्मानित किया। साथ ही 14 पुलिसकर्मियों को पुलिस पदक, राष्ट्रपति पुलिस पदक और जीवन रक्षक पदक से सम्मानित किया गया। अनिल चौहान (पौड़ी गढ़वाल) प्रीतम भरतवाण (टिहरी गढ़वाल) हेमंत पांडेय (पिथौरागढ़) मंगला देवी (पौड़ी गढ़वाल) महेश कुड़ियाल (टिहरी गढ़वाल) अनिल चौहान पौड़ी जिले के गयाणा गांव निवासी अनिल चौहान देश के दूसरे सीडीएस हैं। वे परम विशिष्ट सेवा मेडल, उत्तम युद्ध सेवा मेडल, अत्ति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल से सम्मानित हो चुके हैं। उन्होंने 30 सितंबर 2022 को सीडीएस (चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ) का पदभार संभाला। बीते दो वर्ष में उन्होंने तीनों सेनाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने में विशेष योगदान दिया। प्रीतम भरतवाण (लोकगायक) टिहरी जिले के रायपुर ब्लॉक के सिला गांव निवासी लीक गायक प्रीतम भरतवाण का उत्तराखंड की लोककलाओं, गीतों और जागरों को प्रोत्साहित करने में विशेष योगदान है।...