पर्वतों के निर्माण प्रस्तावना "पर्वत हमारी पृथ्वी की सबसे भव्य और प्रभावशाली संरचनाओं में से एक हैं। ये न केवल हमारे भूगोल को तय करते हैं, बल्कि मौसम से लेकर हमारी नदियों तक सब कुछ बदलते हैं। लेकिन इनकी उत्पत्ति के पीछे की कहानी उतनी ही जटिल और दिलचस्प है। इस अध्याय में हम बेहद आसान भाषा में समझेंगे कि प्लेटों के टकराने, ज़मीन के फटने और ज्वालामुखी के विस्फोट से इन पर्वतों का जन्म कैसे होता है।" पर्वतों के निर्माण पर्वतों के निर्माण का मुख्य आधार टेक्टोनिक प्लेटों की गति है। हमारी पृथ्वी का सबसे ऊपरी हिस्सा (स्थलमंडल) कई टुकड़ों में टूटा हुआ है जिन्हें 'टेक्टोनिक प्लेट्स' कहते हैं। ये प्लेटें मेंटल की अर्ध-तरल परत (एस्थेनोस्फीयर) पर बहुत धीमी गति (सालाना 1 से 10 सेमी) से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें एक-दूसरे की ओर बढ़ती हैं, दूर जाती हैं या आपस में रगड़ खाती हैं, तो पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) पर भीषण तनाव और दबाव बनता है। इसी हलचल के कारण ज़मीन का हिस्सा या तो ऊपर उठ जाता है या फिर ज्वालामुखी के मैग्मा के जमाव से पहाड़ का रूप ले लेता है। पर्वतों के मुख्य प्रकार पर्...
सर्वनाम और उसके भेद (भाग -05)
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सर्वनाम क्या है?
सर्वनाम :- सर्वनाम दो शब्दों से मिलकर बना है। सर्व+नाम (सभी + नाम)। संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्द सर्वनाम कहलाते है। अर्थात किसी वाक्य में एक ही शब्द की बार-बार पुनरावृति न हो, इसके लिए संज्ञा के स्थान पर सर्वनाम शब्दों का प्रयोग किया जाता है। जैसे - मैं, तुम, वह, यह, आप, कौन, कोई, इसका, उसका, तुम्हारा, हमारा और आपका आदि । उदाहरण :-
- अमित दिल्ली रहता है,
- वह नहाँ नौकरी करता है.
- पिताजी विदेश रहते हैं,
- वे वहाँ नौकरी करते है
सर्वनाम के भेद
1. पुरुषवावक
- उत्तम पुरुष -
- मध्यम पुरुष
- अन्य पुरुष
2. निश्चयवाचक
3. अनिश्चयवाचक
4. सम्बधवाचक
5. प्रश्नवाचक
6. निजवाचक
1. पुरुषवाचक सर्वनाम :- वे सर्वनाम शब्द जिनका प्रयोग बोलने वाला व्यक्ति अपने लिए, सुनने वाले के लिए या किसी अन्य के लिए प्रयोग करता है। जैसे - मैं, हम, तू, आप, ये, वे, वह, आदि
जैसे -
- मैं भीमताल रहता हूँ,
- तुम कहाँ रहते हो,
- वे कौन हैं ?
पुरुषवाचक सर्वनाम तीन प्रकार के होते हैं -
उत्तम पुरुष : वे सर्वनाम शब्द जिनका प्रयोग बोलने वाला वक्ता अपने लिए करता उत्तम पुरुष सर्वनाम कहलाते है जैसे - मैं, मुझे. मेरा, मुझको, हम, हमें, हमारा, हमको, आदि
उदाहरण - मैं आपका सम्मान करता हूँ
मध्यम पुरुष :- वे सर्वनाम शब्द जिनका प्रयोग बोलने वाला वक्ता " सुनने वाले व्यक्ति के लिए प्रयोग करता है। मध्यम पुरुष कहलाते है. जैसे : तू, तुझे, तेरा, तुझको, तुम, तुम्हें, तुम्हारा, तुमको, आदि।
अन्य पुरुष :- ये सर्वनाम शब्द जिनका प्रयोग बोलने वाला बाला सुनने वाले व्यक्ति से किसी और के बारे में बात करता है अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम कहलाता है। जैसे : यह, वह, ये, वे आदि।
2. निश्चयवाचक सर्वनाम - ऐसे सर्वनाम जिनसे पास या दूर की वस्तु का निश्चित बोध होता है; जैसे- यह, वह, ये, वे
- यह अच्छा है।
- वह बुरा है।
- ये अच्छे हैं।
- वे बुरे हैं।
3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम :- जो सर्वनाम किसी ऐसे व्यक्ति या पदार्थ का बोध कराये जिसका कोई पता ठिकाना ज्ञात न हो अर्थात् जिस सर्वनाम से किसी व्यक्ति या पदार्थ का निश्चित बोध न हो, उसे अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे- कोई, कुछ थोड़ा । उदाहरण :-
- कोई आया था।
- घर में कुछ नहीं है।
- कुछ दे दो।
4. निजवाचक सर्वनाम - वे सर्वनाम जिनका प्रयोग किसी व्यक्ति के द्वारा स्वयं कार्य करने का बोध कराता है । निजवाचक वाचक सर्वनाम कहलाता है। जैसे :- स्वयं, खुद, स्वतः अपने आप आदि। उदाहरण:-
- वह अपना खाना स्वयं पकाता है,
- मैं अपना गृहकार्य खुद करता हूँ
- वह आप आ जाएगा।
5. सम्बधवाचक सर्वनाम : वे सर्वनाम शब्द जो किसी दो संज्ञाओ के बीच स्पष्ट सम्बंध बोध कराते है। सम्बधवाचक सर्वनाम कहलाते है । जैसे - जो-सो, जिसकी-उसकी, जैसी-वैसी आदि । उदाहरण :-
- जो पढ़ेगा वह पास होगा।
- जैसी करनी वैसी भरनी।
- जिसकी लाठी उसकी भैंस।
- जैसा बोओगे वैसा काटोगो ।
6. प्रश्नवाचक सर्वनाम : - वे सर्वनाम शब्द जो किसी प्रश्न के करने या होने का बोध कराते है प्रश्नवाचक सर्वनाम कहलाते है क्या, कब, कहाँ, कैसे, क्यों, कितना आदि । उदाहरण :-
- आप सभी की तैयारी कैसी चल रही है?
- आप कहाँ रहते हैं?
- वह क्या चाहता है?
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