उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन और संघर्ष उत्तराखंड राज्य का निर्माण कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि यह दशकों लंबे संघर्ष, बलिदान और जन-आंदोलन का परिणाम था । हालांकि अलग राज्य की मांग 1897 से ही समय-समय पर उठती रही थी, लेकिन 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद इस संघर्ष ने एक नया मोड़ लिया । जब आप उत्तराखंड का आंदोलन ध्यानपूर्वक पढ़ रहे होंगे तो आपको आभास होगा जिस प्रकार भारत ने अंग्रेजों से आजादी पाई ठीक उसी प्रकार उत्तराखंड राज्य को बनाने में संघर्ष हुए। यह बात तो सच है की उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर में बांध बनाने के अलावा कोई भी कार्य नहीं किए। न सड़कें बनवायी न ही पर्यटन में विकास किया और बिजली तो पहाड़ों में दूर दूर तक नहीं पहुंची । जबकि दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश काफी आगे बढ़ गया। तो जरूरत तो थी एक नये राज्य की इसलिए तो संघर्ष हुआ। आप जब उत्तराखंड निर्माण आंदोलन के बारे में पढ़ें तो स्वतंत्र भारत आंदोलन से तुलना करें। जैसे भारत आजाद करने की प्रथम लड़ाई 1857 का स्वतंत्रता संग्राम वैसे ही उत्तराखंड की प्रथम लड़ाई 1947 से तुलना करें। ये बात अलग है कि भारत का वह संग्राम असफल हुआ औ...
हिन्दी प्रश्नोत्तरी (भाग -02) हिन्दी वर्णमाला से सम्बंधित महत्त्वपूर्ण प्रश्न वर्तमान परिक्षा के पैटर्न को देखते हुए दिए गए लेख में हिंदी वर्णमाला (हिन्दी नोट्स भाग -02) से 40+ बहुविकल्पीय प्रश्नों को तैयार किया गया है। इस प्रश्नोत्तरी में तार्किक प्रश्न, सुमेलित, कथन-कारक वाले बहुविकल्पीय प्रश्नों को तैयार किया गया है। उम्मीद करते हैं इन प्रश्नों के हल करने से आपके हिन्दी वर्णमाला से सम्बंधित सभी प्रश्नों के उत्तर सही करने में मदद मिलेगी। हिन्दी वर्णमाला से सम्बंधित 40+ बहुविकल्पीय प्रश्न (1) नीचे दिए गए कथनों में से कौन सा कथन सही है? 1. जिव्हा का अग्र भाग क्रियाशील रहता है अग्र स्वर के उच्चारण में। 2. जिव्हा का पिछला भाग क्रियाशील रहता है मध्य स्वर के उच्चारण में। (A) केवल कथन 1 सही है। (B) केवल कथन 2 सही है। (C) दोनों कथन सही हैं। (D) दोनों कथन गलत हैं। (2) निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? 1. अ और आ को अर्धविवृत स्वर माना जाता है। 2. इ, ई, उ, ऊ संवृत स्वर हैं। (A) केवल कथन 1 सही है। (B) केवल कथन 2 सही है। (C) दोनों कथन सही हैं। (D) दोनों कथन गलत हैं। (3) इनमें से कौन...