भारती चंद की अमर गाथा आज हम इस लेख में चंद राजाओं के बारे में विस्तार से पढ़ने वाले हैं। हालांकि चंद राजवंश केवल उत्तराखंड तक ही सीमित था और बहुत बड़ा साम्राज्य नहीं था लेकिन चंद राजवंश का सम्पूर्ण इतिहास रोचकमय है और यह हमें सिखाता है जिंदगी में उतार चढ़ाव आते हैं लेकिन उस उतार चढ़ाव में संतुलन किस प्रकार स्थापित करना होता है। इतने उतार चढ़ाव के बाद भी चंद राजवंश 700 वर्ष शासन किया। तीन राजाओं की तिकड़ी भारती चंद - रत्न चंद - कीर्ति चंद चंद वंश की स्थापना के 400 साल बीत चुके थे लेकिन चंद शासक फिर भी पूर्ण रूप से आजाद नहीं थे वो अभी डोटी (नेपाल) के राजा को कर दे रहे थे, हालांकि इससे पूर्व 26वें चंद शासक ने थोहर चंद स्वयं को स्वतंत्र राजा घोषित कर दिया और 31वें चंद शासक गरुड़ ज्ञान चंद ने सोर और सीरा क्षेत्रों को जीत लिया था फिर भी चंद वंश अधीन था डोटी राजाओं के, कितने राजा आए और गये लेकिन किसी ने डोटी पर आक्रमण करने का दुस्साहस नहीं किया। ऐसे में जन्म होता है एक वीर का जिसका नाम भारती चंद होता है और वह चंद वंश का 35वां शासक बनता है और वो डोटी पर आक्रमण करने वाला पहला र...
काव्य संग्रह हमसफर मेरे विचार से तो जो आपके साथ चल सके। आपके कामों में मदद कर सके। आपके हर काम में सपोर्ट कर सके । साधारण शब्दों में कहें तो जो जीवन को सरल बना सकें। प्यार तो बहुत सारे करते हैं। प्यार के लिए मर मिटते हैं। लेकिन क्या लगता है? जो दिन रात मोबाइल में आपसे बात करते हैं । जो बाप के पैसों से सपने सजाते हैं। वह आपको पूरी दुनिया की खुशी देंगे। फिर यह 10 th , 12 th का प्यार । बेवजह , बेहिसाब , 4 दिन की चांदनी, पल दो पल का साथ, तनिक धीरज रखिए थोड़ा सपने सजाइए। बिना सपनों के हकीकत में जाओगे तो शायद वह मजा ना आए। थोड़ी बेचैनी बढ़ाइए , थोड़ा दिमाग - थोड़ा दिल की सुनिए। और ग्रेजुएशन के बाद ही दिल लगाई है। वरना अपनी बर्बादी का जश्न बनाइए । फिर सबको दिल टूटने का दुखड़ा सुनाइए। और कहिएगा कभी आपने प्यार किया होता तो पता चलता ? इन्हीं शब्दों से प्रेरित मेरी कविता......... मेरी डायरी से, हमसफ़र कठिन सफर, सरल रास्ते, सबको चाहिए। तलाश तो उस...