उत्तराखंड का प्रागैतिहासिक काल उत्तराखंड का प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Era) अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली है। इस काल का कोई लिखित प्रमाण नहीं है, इसलिए इसका इतिहास गुफाओं में मिले शैल-चित्रों (Rock Paintings), पत्थरों के औजारों और प्राचीन कंकालों के आधार पर लिखा गया है। आइए जानते हैं विस्तार से - “धूल से भरी राहें और तपता हुआ सूरज... उत्तर भारत के एक गुमनाम गाँव के किनारे एक ऊँचा सा मिट्टी का टीला था। लोग वहाँ से ईंटें उखाड़ रहे थे, कोई अपने घर की दीवार बना रहा था, तो कोई उन पत्थरों को कचरा समझकर फेंक रहा था। वहीं दूर खड़ा एक अंग्रेज अफसर, जिसका नाम अलेक्जेंडर कनिंघम था, यह सब बड़े गौर से देख रहा था। उसके पास एक पुरानी किताब थी—चीनी यात्री ह्वेनसांग की डायरी। कनिंघम को यकीन था कि जिस टीले को लोग 'कचरा' समझ रहे हैं, उसके नीचे सम्राट अशोक का कोई महान शहर या बुद्ध का कोई पवित्र मठ दफन है। वो बेचैनी और वो खत कनिंघम रात भर सो नहीं पाए। उन्हें लग रहा था जैसे वो दफन शहर उन्हें पुकार रहे हों। उन्होंने सोचा, "अगर आज मैंने इन पत्थरों को नहीं बचाया, तो आने वाली पीढ़ियाँ कभी नहीं...
7 days challenge Weekly current affair in hindi 1 February to 7 February (1) हाल ही में भारत का पहला आद्र भूमि संरक्षण एवं प्रबंधन केंद्र चेन्नई में स्थापित की जाने की घोषणा की है तो आद्र भूमि दिवस प्रतिवर्ष कब मनाया जाता है? (a) 30 जनवरी (b) 2 फरवरी (c) 4 फरवरी (d) 1 फरवरी व्याख्या : आद्र भूमि किसे कहते हैं ? आर्द्र भूमि एक ऐसा भूभग होता है जिसका अधिकांश हिस्सा पानी में वर्ष भर डूबा रहता है। साधारण शब्दों में कह तो दलदली भूमि जो जलमग्न है उसे आद्र भूमि कहते हैं। आर्द्र भूमि पारितंत्र को अनुकूल बनाए रखने में बाहुल्य योगदान देती है। इसे अंग्रेजी में wetlands कहते हैं। विश्व आर्द्रभूमि दिवस पहली बार 2 फरवरी 1997 को रामसर सम्मेलन के 16 वर्ष पूर्ण होने पर मनाया गया था । भारत की 42 आर्द्र भूमियों रामसर साइट के रूप में नामित है । इस वर्ष 2021 की थीम है " आर्द्र भूमि और जल "। (2) हाल ही में किस की आत्मकथा "By Many Happy Accident" लांच की गई है (a) एम वेंकैया नायडू (b) श्री रामनाथ कोविंद (c) मनोहर पारिकर (d) हामिद अंसारी व्याख्या : हामिद अंसारी ने भारत के 13वें उपराष्ट्र...