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गजानन माधव मुक्तिबोध : Biography

हिन्दी भाषा के प्रमुख साहित्यकार  नमस्कार दोस्तों आज हम हिंदी साहित्य के सिलेबस के अनुसार बाहरी राज्यों में जन्म लेने वाले साहित्यकारों का अध्ययन करेंगे।‌ जो उत्तराखंड की परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं आज के लेख में गजानन माधव मुक्तिबोध के जीवन परिचय और उनकी प्रमुख सभी रचनाओं के बारे में विस्तार से जानेंगे । इससे पूर्व हम सुमित्रानंदन पंत, राहुल सांकृत्यायन, महादेवी वर्मा, शैलेश मटियानी और मंगलेश डबराल के बारे में विस्तार से पढ़ चुके हैं। जिनके लिंक लेख के अंत में नीचे दिए गए हैं। तो आईए जानते हैं गजानन मुक्तिबोध के बारे में विस्तार से - गजानन माधव मुक्तिबोध  हिंदी साहित्य में 'अंधेरे के कवि' और फेंटेसी के बेजोड़ शिल्पी के रूप में विख्यात गजानन माधव मुक्तिबोध का नाम आधुनिक हिंदी काव्य के इतिहास में सबसे अलग और चमकीला है । वे प्रगतिशील चेतना और प्रयोगवाद के एक ऐसे अनूठे सेतु थे, जिन्होंने कविता को आत्म संघर्ष, आत्मा खोज और व्यवस्था के खिलाफ एक तीव्र बौद्धिक हथियार बनाया।  जीवन परिचय  गजानन माधव मुक्तिबोध का जन्म 13 नवंबर, 1917 को मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के 'श्...

उत्तराखंड स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण (रजत जयंती)

उत्तराखंड स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण (रजत जयंती)

हिमालय की गोद में बसी देवभूमि उत्तराखंड आज अपने राज्य स्थापना दिवस पर 25वीं वर्षगांठ, यानी रजत जयंती मना रही है। 9 नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश से अलग होकर अस्तित्व में आया यह राज्य, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एक लंबे आंदोलन का परिणाम था। 25 वर्षों में उत्तराखंड ने न केवल प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित किया, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति भी हासिल की। इस रजत जयंती के अवसर पर देहरादून में आयोजित भव्य समारोहों ने राज्य की एकजुटता और भविष्य की आकांक्षाओं को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।

एक नजर में 25 वर्षों का सफर

उत्तराखंड का गठन राज्य आंदोलनकारियों के बलिदान और जनता की एकजुटता का प्रतीक है। चिपको आंदोलन से लेकर राज्य निर्माण तक, यह भूमि पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और लोकतांत्रिक संघर्ष की कहानी कहती है। पिछले 25 वर्षों में राज्य की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (सीएजीआर) 12.69 प्रतिशत रही, जो राष्ट्रीय औसत से चार गुना अधिक है। किसानों की आय वृद्धि में देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने के साथ-साथ युवाओं को रोजगार प्रदान करने में भी उत्तराखंड अग्रणी रहा। पर्यटन, फिल्म उद्योग (मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट अवॉर्ड) और वैलनेस डेस्टिनेशन के रूप में वैश्विक पहचान हासिल की गई। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में मातृ शक्ति का योगदान उल्लेखनीय रहा, जबकि स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के मंत्र ने राज्य को विकसित भारत का मजबूत स्तंभ बनाया।

देहरादून में भव्य समारोह : रैतिक परेड का शानदार प्रदर्शन

7 नवंबर 2025 को देहरादून की पुलिस लाइन में राज्य स्तरीय रजत जयंती समारोह का शुभारंभ 'रैतिक परेड' से हुआ। वंदे मातरम के गान से प्रारंभ हुई यह परेड राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संयुक्त निरीक्षण में संपन्न हुई। राज्यपाल ने परेड की सलामी ली, जबकि मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी। इस अवसर पर उत्तराखंड पुलिस पत्रिका का विमोचन और रजत जयंती पदक के प्रतीकात्मक चिह्न का अनावरण किया गया।

परेड में वायुसेना के ध्रुव एडवांस हेलीकॉप्टर ने पहली बार भाग लिया, जो 2013 के ऑपरेशन राहत से लेकर हाल की धराली आपदा तक के बचाव कार्यों का जीवंत प्रदर्शन किया। एसडीआरएफ दस्ते ने पहाड़ी क्षेत्रों में बचाव अभियान का मंचन किया, पुलिस के मोटरसाइकिल दल ने जोखिम भरी करतब दिखाए, जबकि महिला अग्निशमन दस्ते ने मात्र 30 सेकंड में उपकरण पहनकर 15 फीट ऊंची इमारत पर चढ़ाई कर 90 किलो वजनी हौज पाइप संभालते हुए रेस्क्यू का प्रदर्शन किया। आतंक विरोधी दस्ते ने जिप्सी से बस में कूदकर आतंकियों पर काबू पाने का धमाकेदार शो किया। राज्यपाल ने पुलिस की आधुनिकता, साइबर कमांडो की तैयारी और सामुदायिक पुलिसिंग की सराहना की, तथा युवाओं से नवाचार और स्टार्टअप की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री धामी की 11 महत्वपूर्ण घोषणाएं : विकास का नया संकल्प

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समारोह को संबोधित करते हुए राज्य निर्माण के नायकों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों को धन्यवाद दिया। उन्होंने राज्य के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए 11 प्रमुख घोषणाएं कीं, जो कृषि, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को मजबूत करेंगी:

1,"प्रदेश की संपूर्ण कृषि भूमि का अगले 5 वर्षों में चरणबद्ध सर्वेक्षण और बंदोबस्त, भूमि विवादों को समाप्त करने के लिए।"

2,साइबर अपराध रोकथाम हेतु स्टेट साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर की स्थापना।

3,"एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का विस्तार, 'ड्रग्स-फ्री उत्तराखंड 2025' लक्ष्य के साथ।"

4,राजकीय विद्यालयों में पीएम पोषण योजना की भोजन माताओं के लिए कल्याण कोष।

5,फार्म फेंसिंग पॉलिसी: जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए आर्थिक सहायता।

6,"पारंपरिक जल स्रोतों (नौले, धारे) के संरक्षण के लिए विशेष योजना।"

7,उच्च शिक्षा में ऑनलाइन स्किल कोर्सेज और सिविल सर्विसेज/बैंकिंग कोचिंग।

8,'केदारखंड माला मिशन': गढ़वाल के धार्मिक स्थलों की बेहतर कनेक्टिविटी।

9,"'आदर्श रुद्रप्रयाग' जनपद का विकास, चंपावत की तर्ज पर।"

10,"शारदा कॉरिडोर, कैलाश आदि को स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन के रूप में विकसित करना।"

11,प्रत्येक जिला अस्पताल में टाइप-1 डायबिटीज क्लीनिक और 15 वर्ष तक बच्चों की मुफ्त स्क्रीनिंग।

ये घोषणाएं राज्य को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।

सम्मान और श्रद्धांजलि: गौरव का सम्मान

समारोह में 'उत्तराखंड गौरव सम्मान-2025' प्रदान किए गए, जिनमें निशानेबाज पद्मश्री जसपाल राणा, उद्यमी देव रतूड़ी, मरणोपरांत अभिनेता टॉम ऑल्टर, आंदोलनकारी सुशीला बलूनी, चिपको आंदोलन की गौरा देवी, भूवैज्ञानिक खड़ग सिंह वल्दिया, वीरांगना तीलू रौतेली और लेखक शैलेश मटियानी शामिल हैं। राष्ट्रपति पुलिस पदक और अन्य सम्मानों से पुलिस अधिकारियों को नवाजा गया। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

अन्य आयोजन: राज्यव्यापी उत्सव

रजत जयंती सप्ताह के तहत 'निनाद उत्सव-2025' और राज्य स्तरीय युवा महोत्सव आयोजित हुए, जिसमें सांस्कृतिक प्रदर्शन, खेल और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम शामिल रहे। वन विभाग ने मसूरी रेंज में पौधारोपण और जागरूकता अभियान चलाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सान्निध्य भी समारोह का हिस्सा रहा, जो राज्य के लिए गौरव का विषय है।

भविष्य की ओर : विकसित उत्तराखंड का सपना

रजत जयंती न केवल अतीत का उत्सव है, बल्कि भविष्य का संकल्प भी। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड वैश्विक योग, आयुर्वेद और पर्यटन हब बनने की राह पर अग्रसर है। राज्यपाल के शब्दों में, "युवा नवाचार से विकसित भारत का निर्माण करें।" दमकल केंद्रों की संख्या 22 से 51 हो चुकी है, साइबर सुरक्षा मजबूत हो रही है, और ड्रग्स-मुक्त अभियान तेज। यह रजत जयंती देवभूमि को नई ऊर्जा प्रदान करती है – जहां परंपरा और प्रगति का संगम हो।

उत्तराखंड स्थापना दिवस की आप सभी को एक बार पुनः हार्दिक शुभकामनाएं।

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