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गजानन माधव मुक्तिबोध : Biography

हिन्दी भाषा के प्रमुख साहित्यकार  नमस्कार दोस्तों आज हम हिंदी साहित्य के सिलेबस के अनुसार बाहरी राज्यों में जन्म लेने वाले साहित्यकारों का अध्ययन करेंगे।‌ जो उत्तराखंड की परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं आज के लेख में गजानन माधव मुक्तिबोध के जीवन परिचय और उनकी प्रमुख सभी रचनाओं के बारे में विस्तार से जानेंगे । इससे पूर्व हम सुमित्रानंदन पंत, राहुल सांकृत्यायन, महादेवी वर्मा, शैलेश मटियानी और मंगलेश डबराल के बारे में विस्तार से पढ़ चुके हैं। जिनके लिंक लेख के अंत में नीचे दिए गए हैं। तो आईए जानते हैं गजानन मुक्तिबोध के बारे में विस्तार से - गजानन माधव मुक्तिबोध  हिंदी साहित्य में 'अंधेरे के कवि' और फेंटेसी के बेजोड़ शिल्पी के रूप में विख्यात गजानन माधव मुक्तिबोध का नाम आधुनिक हिंदी काव्य के इतिहास में सबसे अलग और चमकीला है । वे प्रगतिशील चेतना और प्रयोगवाद के एक ऐसे अनूठे सेतु थे, जिन्होंने कविता को आत्म संघर्ष, आत्मा खोज और व्यवस्था के खिलाफ एक तीव्र बौद्धिक हथियार बनाया।  जीवन परिचय  गजानन माधव मुक्तिबोध का जन्म 13 नवंबर, 1917 को मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के 'श्...

केन्द्रीय बजट 2023-24 (भाग -02)

भाग -02

केन्द्रीय बजट 2023-24

केंद्रीय बजट 2023-24 की प्रमुख विशेषताएं 

बजट में प्रत्येक वर्ष नई योजनाओं की घोषणा की जाती है और टैक्स में संशोधन किया जाता है जिसका सीधा प्रभाव जनता पर पड़ता है। केंद्रीय बजट 2023-24 के वित्तीय वर्ष में सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में कुल जीडीपी का 2.1% खर्च करेगी तथा शिक्षा के क्षेत्र में कुल जीडीपी का 2.9% खर्च करेगी।

बजट में सात प्राथमिकताओं को चिन्हित किया गया है जिन्हें सप्त ऋषि का नाम दिया गया है।

  1. समावेशी विकास
  2. अंतिम व्यक्ति तक पहुंच 
  3. अवसंरचना विकास एवं निवेश
  4. सामर्थ्य को प्रकट करना 
  5. हरित विकास 
  6. युवा शक्ति
  7. वित्तीय श्रेत्र

1. समावेशी विकास (कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा)

  • किसानों के लिए सुलभ समावेशी और शिक्षाप्रद समाधान के लिए "डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना" का निर्माण किया जाएगा।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में नवाचार स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि गतिवर्धक कोष की स्थापना की जाएगी।
  • उच्च मूल्य की बागवानी फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए "आत्मनिर्भर बागवानी स्वच्छ पौध कार्यक्रम" की शुरुआत की जाएगी जिसके लिए बजट में ₹2200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है ।
  • बजट में मोटे अनाज (मिलेट) को "श्री अन्न" नाम दिया गया है। मोटे अनाज में ज्वार, रागी, बाजरा, कुटकी, सामा को शामिल हैं। भारत मोटे अनाज का सबसे बड़ा उत्पादक और दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक देश है। मोटे अनाज के लिए हैदराबाद में भारतीय बाजार अनुसंधान संस्थान की स्थापना की जाएगी।
  • अर्थव्यवस्था के प्राथमिक क्षेत्र (कृषि, डेयरी, मत्स्य) के लिए ₹20 लाख करोड रुपए का आवंटन किया गया है।
  • स्वास्थ्य के क्षेत्र में 2047 तक "सिकल सैल एनीमिया उन्मूलन" का लक्ष्य रखा गया है। (एनीमिया - रक्त की कमी)
  • शिक्षा के क्षेत्र में अध्यापकों के प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षण संस्थान एवं बच्चों एवं किशोरों के लिए "राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय" की स्थापना की जाएगी।

2. अंतिम व्यक्ति तक पहुंच 

  • अंतिम व्यक्ति के पास का अर्थ है - जमीनी स्तर तक सुधार । इसलिए 500 ब्लॉक में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा में सुधार हेतु आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
  • पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान (PM-VIKAS) योजना की शुरुआत की जाएगी।
  • सभी शहरों और कस्बों में सेप्टिक टैंक और शिविरों की सफाई पूरी तरह मशीनों से की जाएगी।
  • जनजातियों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री PVTG विकास मिशन की शुरुआत की जाएगी। इसके अन्तर्गत विशेष रूप से संवेदनशील जनजाति समूह का विकास किया जाएगा। जैसे - आदिम जनजाति 
  • कर्नाटक में सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए "ऊपरी भद्रा योजना" के तहत 5300 करोड रुपए की सहायता का प्रावधान किया है।
  • भारतीय प्राचीन पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण हेतु "भारत श्री" अर्थात् भारत साक्षा पुरालेख की शुरुआत की जाएगी .

3. अवसंरचना विकास एवं निवेश

  • भारत के बुनियादी ढांचागत विकास एवं विनिर्माण के लिए बजट 2023-24 में पूंजीगत व्यय में 33% की वृद्धि कर 10 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है जो सकल घरेलू उत्पाद का 3.3% होगा।
  • प्रभावी पूंजीगत व्यय 13.7 लाख करोड़ रुपए होगा जो जीडीपी का 4.5% होगा।
  • रेलवे के लिए 2.40 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान है । जो अब तक का सर्वाधिक व्यय है।
  • शहरी अवसंरचना विकास निधि की स्थापना की जाएगी। जिसके प्रबंधन का दायित्व राष्ट्रीय आवास बैंक को दिया गया है।
4. सामर्थ्य को प्रकट करना 
  • क्षमताओं को विकसित करने के लिए सिविल सेवकों के ऑनलाईन प्रशिक्षण के लिए "आई गोट कर्मयोगी" की शुरुआत की जाएगी।
  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता (artificial intelligence) के लिए 3 उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की जाएगी।
  • कारगर न्याय प्रशासन के लिए 7000 करोड रुपए के व्यय से ई-न्यायालय परियोजना का चरण-3 शुरू किया जाएगा।
  • 5जी सेवा आधारित एप्लीकेशन विकास के लिए 100 प्रयोगशालाओं का निर्माण करने का प्रावधान किया गया है। भारत में 5G की शुरुआत 1 अक्टूबर 2022 से शुरू की गई।

5. हरित विकास 

  • केंद्रीय बजट 2023-24 में सर्वाधिक बल हरित विकास पर दिया गया है। देश में 2070 तक निवल शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए मिशन लाइफ एवं मिशन पंचामृत की शुरुआत की गई है।
  • हरित हाइड्रोजन मिशन के लिए 19700 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। इस मिशन के तहत 2030 तक 5 मिट्रिक मिलियन वार्षिक हरित हाइड्रोजन का उत्पादन करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • मृदा की उर्वरता एवं मृदा के पोषक तत्वों का संरक्षण हेतु "पीएम प्रणाम कार्यक्रम" चलाया जाएगा। जिसके तहत रासायनिक उर्वरकों का सीमित उपयोग व जैविक ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • गोबरधन योजना के तहत 500 में अपशिष्ट से आमदनी संयंत्रों को स्थापित किया जाएगा।
  • मिस्टी योजना के तहत तटीय रेखा पर मैंग्रोव वनों के पौधारोपण की शुरुआत की जाएगी।
  • आर्द्र भूमि के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए अगले 3 वर्षों में अमृत धरोहर योजना को लागू किया जाएगा। भारत में कुल 75 आद्र भूमि स्थल हैं। तमिलनाडु में सर्वाधिक हैं।

6. युवा शक्ति

  • युवाओं में कौशल विकास के लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 के तहत "30 स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर" स्थापित किए जाएंगे। जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी (AI) जैसे कोर्स कराए जाएंगे।

7. वित्तीय श्रेत्र

  • ऋण का कुशल प्रवाह एवं वित्तीय स्थिरता के लिए राष्ट्रीय वित्तीय सूचना रजिस्टर तैयार किया जाएगा।
  • महिला सम्मान बचत पत्र योजना के तहत महिलाओं को 2 लाख तक जमा सुविधा पर 2 वर्ष के लिए 7.5% ब्याज दर का प्रावधान किया गया है।
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए बचत योजना के तहत अधिकतम जमा सीमा 15 लाख से बढ़ाकर ₹30 लाख किया जाएगा।

कराधान (व्यक्तिगत आयकर)

रिबेट की छूट को ₹5 लाख रुपए से बढ़ाकर ₹7 लाख रुपए कर दिया गया है। अर्थात् यदि किसी व्यक्ति आमदनी ₹7 लाख है तो उसे किसी भी प्रकार आयकर कर नहीं देना पड़ेगा।

नए व्यक्तिगत आयकर की प्रणाली में बदलाव किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 से पूर्व कर स्लैब की सीमा 6 थी। जो केन्द्रीय बजट 2023-24 के तहत कर स्लैब सीमा घटाकर 5 कर दी है। जिसमें कर छूट सीमा को बढ़ाकर 3 लाख रुपए कर दिया गया है।

कर स्लैब (लाख रुपए में)          कर दर (% में ) 

  1. 3-6                                 5
  2. 6-9                                10   
  3. 9-12                              15        
  4. 12-15                            20      
  5. 15 से ऊपर                      30         
केंद्रीय बजट 2023-24 भाग -03 में बजट से संबंधित सभी महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे जाएंगे। अतः सभी तथ्यों को ध्यान पूर्वक पढ़ें।

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