उत्तराखंड करेंट अफेयर्स (मई 2026) नमस्कार मित्रों, जैसा कि आप सभी जानते हैं 14 जून को उत्तराखंड स्नातक स्तरीय परीक्षा होने वाली जिसमें 6-7 करेंट अफेयर्स प्रश्न पूछे जाते हैं। उन्हीं प्रश्नों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान परीक्षा पैटर्न पर आधारित 22 बहुविकल्पीय प्रश्न तैयार किए गये हैं जिसमें सभी प्रश्नों की व्याख्या भी की गई है। जो आपके वर्ष 2026 और 2027 में होने वाली सभी एग्जाम में सहायक सिद्ध होंगे। अतः सभी प्रश्नों को ध्यान पढ़ें । और स्वयं के शार्ट नोट्स तैयार करें। Uttrakhand Current Affairs 2026 प्रश्न 1. मई 2026 में प्रदान किए गए 'पंडित भैरव दत्त धुलिया पुरस्कार 2026' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: इस वर्ष यह पुरस्कार '12मासा' डिजिटल चैनल से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार श्री राहुल कोठियाल को प्रदान किया गया। इस पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2023 में 'कर्मभूमि फाउंडेशन' द्वारा की गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (A) केवल 1 (B) केवल 2 (C) 1 और 2 दोनों (D) न तो 1 और न ही 2 उत्तर: (C) 1 और 2 दोनों व्याख्या: '12मासा' डिजिटल चैनल स...
Happy New Year 2023
देवभूमि उत्तराखंड की तरफ से सभी देशवासियों को वर्ष 2023 की हार्दिक शुभकामनाएं। बीता वर्ष बीते साल आपके जैसे भी गए वो तो गए। अच्छे गए बुरे गए फर्क नहीं पड़ता। फर्क पड़ता है आने वाला साल कैसा हो ? तो आशा करते हैं आपका आने वाला साल सभी वर्षों से बेहतर हो । आने वाले नये साल में बूढ़ों को बच्चों से की गयी उम्मीद से ज्यादा सुख मिले। देवभूमि उत्तराखंड के चारों धामों की यात्रा करने का सौभाग्य मिले। और युवाओं ने अभी तक जितनी भी मेहनत की है उसका फल मिले। साथ ही अविवाहितों को मनपसंद का वर मिले। नव वर्ष के उपलक्ष में देवभूमि उत्तराखंड आप सभी के सामने एक कविता प्रस्तुत करता है जिसका शीर्षक है - "अब के बरस"
अल्फ़ाज़ अनकहे : शब्दालय
शीर्षक : अब के बरस
इश्क मुकम्मल हो गर,
हमको भी पता दीजिए,
वो सोए हैं अरसों से,
जरा उनको भी जगा दीजिए।
नया साल आया है,
जरा उनको भी आगाह कीजिए।
बैचैनी से भरा है आलम,
शरमो हया के परदे गिरा दीजिए,
रूत-ए-इश्क का
आईना उनको भी दिखा दीजिए।
गुज़ारिश है खुदा से
अब के बरस हमको भी मिला दीजिए।
पहाड़ी बन्दे : देवभूमि उत्तराखंड
देवभूमि उत्तराखंड के हमारे स्थायी भाइयों के लिए समर्पित मेरी कविता - पहाड़ी बंदे। जो अभी भी पहाड़ों को देश की शान बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जो पलायन करने के स्थान पर पहाड़ में ही रोजगार की नई जगह बना रहे हैं।
हम आजाद परिंदे ठहरे
पहाड़ों में हमारा बसेरा है,
झरने, नदियां हमारे खेल खिलौने
सफेद चादर, मखमली घास पर
हमारा बिछौना है ।
भूस्खलन देखा, भूकंप देखा
तनिक मन न भयभीत होता,
हम पहाड़ के बंदे ठहरे,
बादलों में हमारा बसेरा है ।
ऊंचे पर्वत, गहरे दर्रे
हिमनदों से होकर राह बनायी है।
फूलों की घाटी से लेकर,
चार धाम की यात्रा करवायी है ।
शब्दालय : काव्य संग्रह
और कुछ शब्द उन मित्रों, रिश्तेदारों, परिवार वालों, गांवों वालों, शहर वालों के लिए जो हमारे शब्दों को समझ न सके।
काश ! तुम समझ पाते,
मेरे शब्दालय के शब्दों को,
सब समझ गए,
एक तुम न समझे,
मेरे हृदय में बसे प्रेम की,
अविरल धारा को,
हमारी कविताओं को पढ़ने के लिए धन्यवाद यदि आपको हमारी कविताएं पसंद आती है तो अपनी राय व्यक्त कीजिए। और अधिक से अधिक शेयर कीजिए। अंत में एक बार मैं फिर से आप सभी को नववर्ष की हार्दिक बधाईयां। आपका जीवन मंगलमय हो।

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