पर्वतों के निर्माण प्रस्तावना "पर्वत हमारी पृथ्वी की सबसे भव्य और प्रभावशाली संरचनाओं में से एक हैं। ये न केवल हमारे भूगोल को तय करते हैं, बल्कि मौसम से लेकर हमारी नदियों तक सब कुछ बदलते हैं। लेकिन इनकी उत्पत्ति के पीछे की कहानी उतनी ही जटिल और दिलचस्प है। इस अध्याय में हम बेहद आसान भाषा में समझेंगे कि प्लेटों के टकराने, ज़मीन के फटने और ज्वालामुखी के विस्फोट से इन पर्वतों का जन्म कैसे होता है।" पर्वतों के निर्माण पर्वतों के निर्माण का मुख्य आधार टेक्टोनिक प्लेटों की गति है। हमारी पृथ्वी का सबसे ऊपरी हिस्सा (स्थलमंडल) कई टुकड़ों में टूटा हुआ है जिन्हें 'टेक्टोनिक प्लेट्स' कहते हैं। ये प्लेटें मेंटल की अर्ध-तरल परत (एस्थेनोस्फीयर) पर बहुत धीमी गति (सालाना 1 से 10 सेमी) से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें एक-दूसरे की ओर बढ़ती हैं, दूर जाती हैं या आपस में रगड़ खाती हैं, तो पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) पर भीषण तनाव और दबाव बनता है। इसी हलचल के कारण ज़मीन का हिस्सा या तो ऊपर उठ जाता है या फिर ज्वालामुखी के मैग्मा के जमाव से पहाड़ का रूप ले लेता है। पर्वतों के मुख्य प्रकार पर्...
कविता संग्रह
रूक जाना नहीं
अगर नसीब में तुम हो,
तो हम जरूर मिलेंगे।
ये वक्त एक दिलाशा है,
ये दिल , ये दिल नसीं
वक्त का ही तमाशा है।
रूक जाना जिंदगी नहीं है।
यूं ही चलते रहे तो साथ मेरे
हम नये साल पर हर बार मिलेंगे।
Happy new year 2022
इन्हींं पंक्तियों के साथ आप सभी को देवभूमि उत्तराखंड की ओर से अंग्रेजी कलेंडर के अनुसार नये साल 2022 की दिल से हार्दिक शुभकामनाएं । हम आशा करते हैं इस वर्ष जितनी भी विज्ञप्ति निकाली गयी हैं। वो समय से पूर्ण हो जाए और दिल से तैयारी करने वाले आप सभी साहसियों का सिलेक्शन हो जाए।
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दोस्तों मैं न तो कोई शायर हूं न ही कोई कवि। बस जो करता हूं दिल से करता हूं। जो दिल से पढ़ाई करते हैं तो उनके मन में विचार आना तो लाजिमी बस फर्क इतना है। कुछ शब्दों में पिरों लेते हैं। कुछ दिलों में रख लेते हैं। ऐसे ही मैंने भी एक कविता लिखने का प्रयास किया हैं। कविता बहुत ही साधारण शब्दों में हैं। यदि आपको मेरे द्वारा स्वरचित कविता पसंद आए तो अपनी राय जरुर व्यक्त करना।
यादों का घर
सुनो.........
चलो धड़कते दिल को
और धडकाते है
कुछ लम्हे प्यार के,
कुछ सपनों से सजाते हैं।
कुछ बातें अपनी करना,
कुछ मेरी सुनना
किस्सा-ए-जिंदगी का
रात-भर बतकाते हैं।
चलो जिंदगी के नग्में गाते हैं।
सुनहरे पलों से भरा,
यादों का एक घर बनाते हैं।
मैंने पहली बार देखा था तुम्हें जहां
वो बात आज बतलाते हैं।
चोर नज़र से देख रहा था
जुल्फों से घिरी अदाओं को।
वो होंठों की मुस्कान देखकर
आज भी हम मुस्कराते हैं।
धन्यवाद
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इन्हें भी पढ़ें।
शीर्षक - मन की बात (कविता)
शीर्षक - बादल (कविता)
उपवनन में मयूर देखकर.......
..........
शीर्षक - नसीब (कविता)
जिसे नसीब कहते हैं.......
Awesome
जवाब देंहटाएंHappy new year aapko bhi
जवाब देंहटाएंHappy new year apko v nd thank you so much itni achche kvita krne k liy
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