पर्वतों के निर्माण प्रस्तावना "पर्वत हमारी पृथ्वी की सबसे भव्य और प्रभावशाली संरचनाओं में से एक हैं। ये न केवल हमारे भूगोल को तय करते हैं, बल्कि मौसम से लेकर हमारी नदियों तक सब कुछ बदलते हैं। लेकिन इनकी उत्पत्ति के पीछे की कहानी उतनी ही जटिल और दिलचस्प है। इस अध्याय में हम बेहद आसान भाषा में समझेंगे कि प्लेटों के टकराने, ज़मीन के फटने और ज्वालामुखी के विस्फोट से इन पर्वतों का जन्म कैसे होता है।" पर्वतों के निर्माण पर्वतों के निर्माण का मुख्य आधार टेक्टोनिक प्लेटों की गति है। हमारी पृथ्वी का सबसे ऊपरी हिस्सा (स्थलमंडल) कई टुकड़ों में टूटा हुआ है जिन्हें 'टेक्टोनिक प्लेट्स' कहते हैं। ये प्लेटें मेंटल की अर्ध-तरल परत (एस्थेनोस्फीयर) पर बहुत धीमी गति (सालाना 1 से 10 सेमी) से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें एक-दूसरे की ओर बढ़ती हैं, दूर जाती हैं या आपस में रगड़ खाती हैं, तो पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) पर भीषण तनाव और दबाव बनता है। इसी हलचल के कारण ज़मीन का हिस्सा या तो ऊपर उठ जाता है या फिर ज्वालामुखी के मैग्मा के जमाव से पहाड़ का रूप ले लेता है। पर्वतों के मुख्य प्रकार पर्...
उत्तराखंड प्रश्नोत्तरी -15 लेख में दिए गए अधिकांश प्रश्न समूह-ग की पुरानी परीक्षाओं में पूछे गए हैं। और कुछ प्रश्न वर्तमान परीक्षाओं को देखते हुए उत्तराखंड के हिन्दी साहित्य से संबंधित 25+ प्रश्न तैयार किए गए हैं। जो आगामी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। बता दें की उत्तराखंड के 20 प्रश्नों में से 3-4 प्रश्न उत्तराखंड की समूह-ग परीक्षण में हिन्दी साहित्य से पूछे जाते हैं। प्रत्येक वर्ष सिलेबस में कुछ बदलाव किए जाते हैं और यह लेख समूह-ग 2021 सिलेबस के अनुसार बनाया गया है। अतः लेख को ध्यानपूर्वक पढ़े। Uksssc 2021 syllabus - देखने के लिए यहां click करें हिन्दी साहित्य के प्रमुख लेखक व उनकी रचनाएं (According to syllabus) उत्तराखंड के हिन्दी साहित्य से संबंधित 25+ (1) उत्तराखंड का आंचलिक कथाकार किसे माना जाता है ? (a) शैलेश मटियानी (b) मंगलेश डबराल (c) सुमित्रानंदन पंत (d) राहुल सांकृत्यायन व्याख्या :- उत्तराखंड का कथाकार शैलेश मटियानी को माना जाता है। शैलेश मटियानी का जन्म 14 अक्टूबर 1931 को बाढछीना (अल्मोड़ा) में हुआ था। ये प्रसिद्ध हिंदी रचनाकार, कवि ...