लोककथा : खरिया और भरिया नमस्कार दोस्तों आज हम थारू जनजाति कि संस्कृति के संरक्षण के लिए सदियों से प्रचलित लोककथाओं और लोकगीतों को शुरू करने जा रहे हैं। यूं तो थारू जनजाति के लोगों की अपनी कोई भाषा नहीं है। लेकिन सर्वाधिक प्रभाव ब्रजभाषा का देखने को मिलता है। किंतु समय परिर्वतन के साथ पहाड़ी, खड़ी बोली और हिन्दी का प्रभाव देखने को मिलता है। यदि हमारे द्वारा लिखी यह कहानी आपने कभी सुनी हो तो कमेंट अवश्य करें। खरिया और भरिया : लोककथा यह कहानी दो भाइयों की है - खरिया और भरिया। इस कहानी में खरिया बड़ा भाई और थोड़ा चालक था वहीं बढ़िया छोटा भाई और बहुत सीधा साधा था। यह कथा थारू समाज के उसे समय की है जब उनके पास धन के रूप में केवल खेती और मवेशी हुआ करते थे। एक गांव में दो भाई रहा करते थे। दोनों भाई बहुत मेहनती थे लेकिन अक्सर वे आपस के छोटे छोटे विवादों में फंस जाया करते थे। एक दिन अचानक पिता की मृत्यु जाती है। उनके पिता की मृत्यु के बाद, खरिया ने चालाकी से घर की संपत्तियों का बंटवारा कुछ इस तरह किया : कंबल का बंटवारा : खरिया ने कहा, "भाई, यह कंबल दिन में मेरा रहेगा और रात में तुम्...
म्यूचल फंड क्या है ? यदि आपके पास पैसा है तो "पैसा निवेश करने का सर्वोत्तम विकल्प - म्यूच्यूअल फंड"। म्यूच्यूअल फंड शब्द आप सब ने सुना होगा। जिसका टीवी पर बार-बार ads आता है। पैसा निवेश करना है तो म्यूच्यूअल फंड पर करो। शायद ही कोई आम नागरिक इस पर गौर करता है। और ना तो जानने की इच्छा रखता है। लेकिन यदि आप एक समझदार और सुशिक्षित व्यक्ति हैं। तो मेरे ख्याल से आपको Mutual fund के बारे में अवश्य ही जानना चाहिए। मैंने अक्सर देखा है- पैसा कमाकर लोग जल्दी और ज्यादा पैसा कमाने के इरादे से फर्जी लोगों की स्कीम में पैसा लगा देते हैं । पैसा डूब देते हैं। और ठगी का शिकार हो जाते हैं। या फिर बैंक में फिक्स डिपॉजिट जमा करके पैसो को डबल करते हैं। जिसमें कम से कम 20 साल लग जाते हैं। और मैं यहीं पर कहूं कि केवल 5 से 10 सालों में पूरी सुरक्षा के साथ इससे अधिक पैसा कमाया जा सकता है तो कैसे? ज्यादा जानकारी के लिए पूरा आर्टिकल पढ़ें। वर्तमान समय में मार्केटिंग कंपनियां आसमान छू रही है। लेकिन यह जरूरी नहीं कि प्रत...