पर्वतों के निर्माण प्रस्तावना "पर्वत हमारी पृथ्वी की सबसे भव्य और प्रभावशाली संरचनाओं में से एक हैं। ये न केवल हमारे भूगोल को तय करते हैं, बल्कि मौसम से लेकर हमारी नदियों तक सब कुछ बदलते हैं। लेकिन इनकी उत्पत्ति के पीछे की कहानी उतनी ही जटिल और दिलचस्प है। इस अध्याय में हम बेहद आसान भाषा में समझेंगे कि प्लेटों के टकराने, ज़मीन के फटने और ज्वालामुखी के विस्फोट से इन पर्वतों का जन्म कैसे होता है।" पर्वतों के निर्माण पर्वतों के निर्माण का मुख्य आधार टेक्टोनिक प्लेटों की गति है। हमारी पृथ्वी का सबसे ऊपरी हिस्सा (स्थलमंडल) कई टुकड़ों में टूटा हुआ है जिन्हें 'टेक्टोनिक प्लेट्स' कहते हैं। ये प्लेटें मेंटल की अर्ध-तरल परत (एस्थेनोस्फीयर) पर बहुत धीमी गति (सालाना 1 से 10 सेमी) से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें एक-दूसरे की ओर बढ़ती हैं, दूर जाती हैं या आपस में रगड़ खाती हैं, तो पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) पर भीषण तनाव और दबाव बनता है। इसी हलचल के कारण ज़मीन का हिस्सा या तो ऊपर उठ जाता है या फिर ज्वालामुखी के मैग्मा के जमाव से पहाड़ का रूप ले लेता है। पर्वतों के मुख्य प्रकार पर्...
उत्तराखंड समूह ग मॉडल पेपर 2023 Uksssc Mock test series 2023 देवभूमि उत्तराखंड का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित समूह की सभी परीक्षाओं के लिए बेसिक प्रश्नों और वर्तमान करंट अफेयर्स को ध्यान में रखा गया है। जिसके आधार पर प्रत्येक मॉक टेस्ट में 15 करंट अफेयर्स के प्रश्न अवश्य शामिल किए जाते हैं तथा 30 से 40 प्रश्न पिछले 10 वर्षों में आयोजित प्रश्न पत्रों को ध्यान में रखकर तैयार किए जाते हैं। Contact us - 6396956412 Uksssc Mock test - 76 (1) ‘अनल’ शब्द का समानार्थी है (a) अनिल (b) मरुत (c) वैश्वानर (d) तिमिर (2) किस विकल्प में केवल पुल्लिंग शब्द है (a) चीता, भेड़िया, गीदड़ (b) गिलहरी, तितली, मैना (c) दूध, चीनी, पानी (d) कबूतर, लड़के, इमली (3) वर्तनी की दृष्टि से एक विकल्प ठीक है (a) पूज्यनीय (b) पूजनीय (c) पुज्यनीय (d) पुज्यनिय (4) ‘अपना अपना राग अलापना’ मुहावरे का उपयुक्त अर्थ है (a) अपने ही स्वार्थ की बात करना (b) स्वावलम्बी होना (c) लज्जित होना (d) किसी के इशारे पर चलना (5) निम्नलिखित में से एक वाक्य भाववाच्य में है (a) वे अब चलेंगे ...