उत्तराखंड का प्रागैतिहासिक काल उत्तराखंड का प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Era) अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली है। इस काल का कोई लिखित प्रमाण नहीं है, इसलिए इसका इतिहास गुफाओं में मिले शैल-चित्रों (Rock Paintings), पत्थरों के औजारों और प्राचीन कंकालों के आधार पर लिखा गया है। आइए जानते हैं विस्तार से - “धूल से भरी राहें और तपता हुआ सूरज... उत्तर भारत के एक गुमनाम गाँव के किनारे एक ऊँचा सा मिट्टी का टीला था। लोग वहाँ से ईंटें उखाड़ रहे थे, कोई अपने घर की दीवार बना रहा था, तो कोई उन पत्थरों को कचरा समझकर फेंक रहा था। वहीं दूर खड़ा एक अंग्रेज अफसर, जिसका नाम अलेक्जेंडर कनिंघम था, यह सब बड़े गौर से देख रहा था। उसके पास एक पुरानी किताब थी—चीनी यात्री ह्वेनसांग की डायरी। कनिंघम को यकीन था कि जिस टीले को लोग 'कचरा' समझ रहे हैं, उसके नीचे सम्राट अशोक का कोई महान शहर या बुद्ध का कोई पवित्र मठ दफन है। वो बेचैनी और वो खत कनिंघम रात भर सो नहीं पाए। उन्हें लग रहा था जैसे वो दफन शहर उन्हें पुकार रहे हों। उन्होंने सोचा, "अगर आज मैंने इन पत्थरों को नहीं बचाया, तो आने वाली पीढ़ियाँ कभी नहीं...
आर्थिक व्यवस्था (उत्तराखंड) उत्तराखंड राज्य का सकल घरेलू उत्पाद -(GSDP) आज हम उत्तराखंड के सकल घरेलू उत्पाद के बारे में जानेंगे कि राज्य सकल घरेलू उत्पाद क्या है। वित्तीय वर्ष 2019-20 राज्य के विभिन्न क्षेत्र प्राथमिक क्षेत्र , द्वितीयक क्षेत्र एवं तृतीय क्षेत्र में योगदान कितना है। साथ ही जानेंगे जीईपी (GEP) क्या है? उत्तराखंड जीईपी लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है। वर्ष 2017-2018 में उत्तराखंड राज्य को खाद्यान्न उत्पादन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए केंद्रीय कृषि विभाग द्वारा ' कृषि कर्मण पुरस्कार' दिया गया था। राज्य सकल घरेलू उत्पाद क्या है ? राज्य सकल घरेलू उत्पाद को अंग्रेजी में Gross State Domestic Product (GSDP) कहते हैं। जिस प्रकार किसी देश में एक वित्तीय वर्ष में देश की भौगोलिक सीमा के भीतर उत्पादित समस्त अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का कुल मौद्रिक मूल्य का योग सकल घरेलू उत्पाद कहलाता है। ठीक उसी प्रकार किसी राज्य में एक वित्तीय वर्ष में देश की भौगोलिक सीमा के भीतर उत्पादित समस्त अंतिम वस...