भारती चंद की अमर गाथा आज हम इस लेख में चंद राजाओं के बारे में विस्तार से पढ़ने वाले हैं। हालांकि चंद राजवंश केवल उत्तराखंड तक ही सीमित था और बहुत बड़ा साम्राज्य नहीं था लेकिन चंद राजवंश का सम्पूर्ण इतिहास रोचकमय है और यह हमें सिखाता है जिंदगी में उतार चढ़ाव आते हैं लेकिन उस उतार चढ़ाव में संतुलन किस प्रकार स्थापित करना होता है। इतने उतार चढ़ाव के बाद भी चंद राजवंश 700 वर्ष शासन किया। तीन राजाओं की तिकड़ी भारती चंद - रत्न चंद - कीर्ति चंद चंद वंश की स्थापना के 400 साल बीत चुके थे लेकिन चंद शासक फिर भी पूर्ण रूप से आजाद नहीं थे वो अभी डोटी (नेपाल) के राजा को कर दे रहे थे, हालांकि इससे पूर्व 26वें चंद शासक ने थोहर चंद स्वयं को स्वतंत्र राजा घोषित कर दिया और 31वें चंद शासक गरुड़ ज्ञान चंद ने सोर और सीरा क्षेत्रों को जीत लिया था फिर भी चंद वंश अधीन था डोटी राजाओं के, कितने राजा आए और गये लेकिन किसी ने डोटी पर आक्रमण करने का दुस्साहस नहीं किया। ऐसे में जन्म होता है एक वीर का जिसका नाम भारती चंद होता है और वह चंद वंश का 35वां शासक बनता है और वो डोटी पर आक्रमण करने वाला पहला र...
आर्थिक व्यवस्था (उत्तराखंड) उत्तराखंड राज्य का सकल घरेलू उत्पाद -(GSDP) आज हम उत्तराखंड के सकल घरेलू उत्पाद के बारे में जानेंगे कि राज्य सकल घरेलू उत्पाद क्या है। वित्तीय वर्ष 2019-20 राज्य के विभिन्न क्षेत्र प्राथमिक क्षेत्र , द्वितीयक क्षेत्र एवं तृतीय क्षेत्र में योगदान कितना है। साथ ही जानेंगे जीईपी (GEP) क्या है? उत्तराखंड जीईपी लागू करने वाला पहला राज्य बन गया है। वर्ष 2017-2018 में उत्तराखंड राज्य को खाद्यान्न उत्पादन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए केंद्रीय कृषि विभाग द्वारा ' कृषि कर्मण पुरस्कार' दिया गया था। राज्य सकल घरेलू उत्पाद क्या है ? राज्य सकल घरेलू उत्पाद को अंग्रेजी में Gross State Domestic Product (GSDP) कहते हैं। जिस प्रकार किसी देश में एक वित्तीय वर्ष में देश की भौगोलिक सीमा के भीतर उत्पादित समस्त अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का कुल मौद्रिक मूल्य का योग सकल घरेलू उत्पाद कहलाता है। ठीक उसी प्रकार किसी राज्य में एक वित्तीय वर्ष में देश की भौगोलिक सीमा के भीतर उत्पादित समस्त अंतिम वस...