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थारू जनजाति में प्रचलित लोककथा : खरिया और भरिया

लोककथा : खरिया और भरिया  नमस्कार दोस्तों आज हम थारू जनजाति कि संस्कृति के संरक्षण के लिए सदियों से प्रचलित लोककथाओं और लोकगीतों को शुरू करने जा रहे हैं। यूं तो थारू जनजाति के लोगों की अपनी कोई भाषा नहीं है। लेकिन सर्वाधिक प्रभाव ब्रजभाषा का देखने को मिलता है। किंतु समय परिर्वतन के साथ पहाड़ी, खड़ी बोली और हिन्दी का प्रभाव देखने को मिलता है। यदि हमारे द्वारा लिखी यह कहानी आपने कभी सुनी हो तो कमेंट अवश्य करें। खरिया और भरिया : लोककथा  यह कहानी दो भाइयों की है - खरिया और भरिया। इस कहानी में खरिया बड़ा भाई और थोड़ा चालक था वहीं बढ़िया छोटा भाई और बहुत सीधा साधा था। यह कथा थारू समाज के उसे समय की है जब उनके पास धन के रूप में केवल खेती और मवेशी हुआ करते थे। एक गांव में दो भाई रहा करते थे। दोनों भाई बहुत मेहनती थे लेकिन अक्सर वे आपस के छोटे छोटे विवादों में फंस जाया करते थे। एक दिन अचानक पिता की मृत्यु जाती है। उनके पिता की मृत्यु के बाद, खरिया ने चालाकी से घर की संपत्तियों का बंटवारा कुछ इस तरह किया : कंबल का बंटवारा : खरिया ने कहा, "भाई, यह कंबल दिन में मेरा रहेगा और रात में तुम्...

उत्तराखंड करेंट अफेयर्स 2023 (जनवरी-फरवरी माह )

उत्तराखंड करेंट अफेयर्स 2023 जनवरी-फरवरी माह करेंट अफेयर्स 2023 देवभूमि उत्तराखंड द्वारा वर्ष 2023 के सभी आगामी परीक्षाओं के लिए जनवरी-फरवरी माह के अति महत्वपूर्ण करट अफेयर्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अतः सभी प्रश्नों को ध्यान पूर्वक पढ़ें। इसके पश्चात भाग -02 में जनवरी-फरवरी माह के राष्ट्रीय स्तर और अंतरराष्ट्रीय स्तर के करंट अफेयर दिए जाएंगे। Most important current affairs भाग -01 उत्तराखंड करेंट अफेयर्स -2023 (1) गणतंत्र दिवस 2023 की झांकी में किस राज्य ने पहला पुरस्कार जीता है? (a) उत्तर प्रदेश  (b) केरल (c) उत्तराखण्ड (d) मेघालय व्याख्या :- 74 वें गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्तव्य पथ पर पहली आदिवासी राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू ने परेड की सलामी ली । इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सिसी मुख्य अतिथि रहे। उत्तराखंड की मानसखंड पर आधारित झांकी को गणतंत्र दिवस परेड की झांकियों में पहला स्थान मिला।  मानसखंड झांकी (उत्तराखंड) -2023 उत्तराखंड की झांकी में मुख्य भूमिका गढ़वाल की चार धाम यात्रा, प्रसिद्ध पौराणिक जागेश्वर धाम, कुमाऊं में मंदिर माला मिशन जिसक...

कनिष्ठ सहायक परीक्षा -2023 (UKPSC 2023)

Ukpcs Paper - 2023 Junior Assistant Examination 2023 उत्तराखंड जूनियर असिस्टेंट परीक्षा 2023 (कनिष्क सहायक) व्याख्या सहित उत्तर उपलब्ध कराए गए हैं। जो उत्तराखंड के आगामी परीक्षाओं के लिए अति महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। अतः सभी प्रश्नों को अंत तक अवश्य देखें। कनिष्ठ सहायक परीक्षा पेपर -2023 (1) विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम में कंप्यूटर से किसी फाइल को स्थाई रूप से हटाने के लिए निम्न में से कौन सी कुंजी दबानी चाहिए ? (a) Ctrl + Delete  (b) Alt + Delete  (c) Delete + Delete  (d) Shift + Delete  Answer (d) (2) निम्नलिखित में से किस शासक को 'शकारी' कहा जाता था ? (a) समुद्रगुप्त (b) चंद्रगुप्त विक्रमादित्य (c) चंद्रगुप्त मौर्य (d) कनिष्क Answer (b) व्याख्या :- गुप्त वंश के तीसरे सर्वाधिक शक्तिशाली शासक चंद्रगुप्त विक्रमादित्य को "शकारी" कहा जाता था। चंद्रगुप्त विक्रमादित्य को चंद्रगुप्त द्वितीय के नाम से भी जाना जाता है।  इनके शासनकाल में चीनी यात्री फाह्यान भारत आया था। चंद्रगुप्त द्वितीय समुद्रगुप्त के पुत्र थे। चंद्रगुप्त द्वितीय ने मालवा, गुजरात और सौराष्ट्र से शकों क...

उत्तराखंड के आधुनिक इतिहास से सम्बंधित महत्त्वपूर्ण टॉप 50 प्रश्न

आधुनिक उत्तराखंड से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न  उत्तराखंड स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित 100 महत्वपूर्ण प्रश्न  उपर्युक्त प्रश्नोत्तरी आधुनिक इतिहास के सभी नोट्स (भाग -01 से भाग -04 तक) को ध्यान में रखकर अभ्यास के लिए तैयार की गई है। सभी प्रश्न परीक्षाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यदि आपने देवभूमि उत्तराखंड द्वारा तैयार किए गए सभी नोट्स का ध्यानपूर्वक अध्ययन किया है तो pdf file download करके अभ्यास करें। और नीचे दिए गए उत्तर सहित प्रश्नों का मिलान करें। उम्मीद करते हैं यह प्रश्नोत्तरी आपकी तैयारी में सर्वोत्तम सहायक सिद्ध हो। उत्तराखंड के आधुनिक इतिहास से 100 महत्वपूर्ण प्रश्नों को तैयार किया गया है जिसको दो भागों (भाग -01 और भाग -02) में विभाजित किया गया है इस लेख में भाग 1 के 50 प्रश्नों को दिया गया है। भाग -01 (1) "उत्तराखंड के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी" पुस्तक के लेखक हैं? (a) यशवंत सिंह कठौच (b) धर्मपाल सिंह मनराल (c) अजय रावत (d) हरिकृष्ण रतूड़ी Answer - (b) (2) "उत्तराखंड राज्य आंदोलन का इतिहास" पुस्तक के लेखक हैं? (a) खेमराज कृष्णदास (b) मदन चंद्र भट्ट (c) शेख...

उत्तराखंड का आधुनिक इतिहास (भाग - 04)

आधुनिक उत्तराखंड का इतिहास (1930-1947) भाग -04 क्योंकि आगे का इतिहास गांधीजी के आंदोलनों से जुड़ा है। इसलिए हम सर्वप्रथम गांधी जी के बारे में जानेंगे और फिर उत्तराखंड के इतिहास को पढ़ेंगे। मित्रों परीक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण टॉपिक है इसलिए अंत तक जरूर पढ़ें। गांधी जी का उत्तराखंड में आगमन यूं तो गांधीजी उत्तराखंड में प्रथम बार 5 अप्रैल 1915 ईस्वी को हरिद्वार के कुंभ मेले में आए थे। और दूसरी बार राजनीतिक उद्देश्य से सन् 1916 में देहरादून  आए थे। जहां उन्होंने राष्ट्रीय भावना से ओत प्रोत भाषण दिए जिससे वहां की जनता काफी प्रभावित हुई। किंतु उत्तराखंड की यात्रा के उद्देश्य से प्रथम बार जून 1929 में आए थे। जब उत्तराखंड में कुमाऊं परिषद का बोलबाला था उस दौरान देश का राष्ट्रीय आंदोलन गांधीजी के नेतृत्व में आ चुका था। 9 जनवरी 1915 को दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने के बाद सर्वप्रथम उन्होंने वर्ष 1917 में बिहार के चंपारण में नील की खेती की दमनकारी प्रणाली के लिए भारत में सत्याग्रह आंदोलन चलाया। उसके बाद 1917 में ही खेड़ा सत्याग्रह और वर्ष 1918 में कपास मिल श्रमिकों के लिए अहमदाब...