हिन्दी भाषा के प्रमुख साहित्यकार नमस्कार दोस्तों आज हम हिंदी साहित्य के सिलेबस के अनुसार बाहरी राज्यों में जन्म लेने वाले साहित्यकारों का अध्ययन करेंगे। जो उत्तराखंड की परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं आज के लेख में गजानन माधव मुक्तिबोध के जीवन परिचय और उनकी प्रमुख सभी रचनाओं के बारे में विस्तार से जानेंगे । इससे पूर्व हम सुमित्रानंदन पंत, राहुल सांकृत्यायन, महादेवी वर्मा, शैलेश मटियानी और मंगलेश डबराल के बारे में विस्तार से पढ़ चुके हैं। जिनके लिंक लेख के अंत में नीचे दिए गए हैं। तो आईए जानते हैं गजानन मुक्तिबोध के बारे में विस्तार से - गजानन माधव मुक्तिबोध हिंदी साहित्य में 'अंधेरे के कवि' और फेंटेसी के बेजोड़ शिल्पी के रूप में विख्यात गजानन माधव मुक्तिबोध का नाम आधुनिक हिंदी काव्य के इतिहास में सबसे अलग और चमकीला है । वे प्रगतिशील चेतना और प्रयोगवाद के एक ऐसे अनूठे सेतु थे, जिन्होंने कविता को आत्म संघर्ष, आत्मा खोज और व्यवस्था के खिलाफ एक तीव्र बौद्धिक हथियार बनाया। जीवन परिचय गजानन माधव मुक्तिबोध का जन्म 13 नवंबर, 1917 को मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के 'श्...
चार धाम की यात्रा (उत्तराखंड) (1) गंगोत्री (2) यमुनोत्री (3) केदारनाथ (4) बद्रीनाथ आपने मेरा आर्टिकल तीर्थ स्थल और पर्यटक जरूर पढ़ा होगा। जिसमें तीर्थ स्थलों का निर्माण एवं उद्देश्यों का विस्तार पूर्वक वर्णन किया गया है । और देश की सांस्कृतिक व आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में किस प्रकार तीर्थ स्थल सहायक है? उसी को आगे बढ़ाते हुए हम बात करेंगे। उत्तराखंड के चार धाम की यात्रा कैसे करें? और कितना समय लग जाता है के बारे में जाने? यदि आपको अपने कार्य से 9 से 10 दिन का अवकाश मिलता है और आप तीर्थ यात्रा या फिर आंतरिक शांति प्राप्त करने के लिए कोई योजना बनाते हैं । तो मैं चाहूंगा कि आप जीवन में एक बार चार धाम की यात्रा जरूर करें। मैं यहां देवभूमि उत्तराखंड के चार धामों की यात्रा का वर्णन विस्तार पूर्वक करूंगा । वैसे तो चार धामों की यात्रा एक साथ कर सकते हैं। लेकिन एक साथ चार धाम की यात्रा करेंगे, तो समय ज्यादा लग सकता है और यदि आप एक व्यवसायी या फिर कोई कर्मचारी या फिर कोई अधिकारी हैं तो आपको नुकसान भी हो सकता है । इसलिए मैं पहले ही बताना चाहूंग...