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शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act 2009)

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (Right to Education Act, 2009), भारतीय संसद द्वारा पारित एक कानून है, जिसका उद्देश्य 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करना है। यह अधिनियम संविधान के 86वें संशोधन 2002 के तहत अनुच्छेद 21A के रूप में सम्मिलित किया गया था, जो बच्चों के लिए शिक्षा के मौलिक अधिकार की स्थापना करता है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 को 11 अगस्त 2009 को भारत की संसद में पारित किया गया था। और 1 अप्रैल 2010 को पूरे भारत में लागू हुआ था। (जम्मू कश्मीर छोड़कर) उद्देश्य : सार्वजनिक शिक्षा का सार्वभौमीकरण : सभी बच्चों के लिए शिक्षा को अनिवार्य और निशुल्क बनाना। गुणवत्ता शिक्षा सुनिश्चित करना : शिक्षा की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए मानक स्थापित करना। समान अवसर प्रदान करना : समाज के सभी वर्गों, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित समूहों के बच्चों को समान शैक्षिक अवसर प्रदान करना। इस अधिनियम की धाराओं और उपधाराओं का विस्तार से विवरण निम्नलिखित है: अध्याय I : प्रारंभिक धारा 1 : संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्र

नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 (106वां संविधान संशोधन अधिनियम)

नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023

पुराने संसद भवन में कार्यवाही का अंतिम दिन 19 सितंबर था। नई संसद भवन में स्थानांतरित होने से पहले लोकसभा व राज्यसभा के पुराने संसद भवन में सामूहिक तस्वीर खिंचवाई। और पुराने संसद भवन को 'संविधान सदन' नाम दिया गया। 18 से 22 सितंबर 2023 को राष्ट्रपति द्वारा विशेष सत्र आहूत किया गया। इस विशेष सत्र के शुरू होने से एक दिन पूर्व 17 सितंबर को उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने पुराने संसद भवन में तिरंगा फहराया।

*विशेष सत्र क्या है?

भारत में सामान्यतः प्रतिवर्ष संसद में तीन सत्र होते हैं - बजट सत्र, ग्रीष्मकालीन सत्र, मानसून सत्र। किसी विशेष परिस्थितियों या विशेष मुद्दों का आयोजन किया जाता है। स्वतंत्रता के पश्चात अब तक 8 बार विशेष सत्र का आयोजन किया जा चुका है। संविधान में 'विशेष सत्र' शब्द उल्लेख नहीं किया गया है। किंतु अनुच्छेद 87 (1) में राष्ट्रपति लोकसभा के साधारण निर्वाचन के पश्चात प्रथम सत्र के आरंभ में एक साथ समवेत दोनों सदनों में अभिभाषण करेगा। इसके अलावा संसद के संयुक्त अधिवेशन का प्रावधान अनुच्छेद 108 के तहत किया गया है।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023

19 सितंबर को ही नए संसद भवन में विधेयक कार्यों की शुरुआत वर्षों से लंबित महिला आरक्षण विधेयक नारी शक्ति वंदन विधेयक से शुरू किया गया। 27 वर्ष की प्रतीक्षा के पश्चात महिला आरक्षण विधेयक संसद में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के कार्यकाल में 29 सितंबर को पारित हो गया है। 

यह संसद भवन में पेश होने वाला 128वां संविधान संशोधन विधेयक था। तथा अधिनियमित होने के पश्चात् 106वां संविधान संशोधन अधिनियम बना । लोकसभा सभा में विधेयक चर्चा के बाद 454-2 के भारी बहुमत से 20 सितंबर को पारित हो गया। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ही इसके विरोध में रही। और इसके पश्चात 21 सितंबर को यह विधेयक राज्यसभा में सर्वसम्मति से पारित होने के बाद राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा 29 सितंबर को विधेयक पर हस्ताक्षर किए जिसके साथ ही विधेयक ने कानून का रुप ले लिया। नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक लोकसभा एवं राज्य विधानसभा (दिल्ली विधानसभा सहित) में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

महिला आरक्षण विधेयक का सफर

महिलाओं को 33% आरक्षण दिलाने के लिए सर्वप्रथम एच.डी. देवगौड़ा के नेतृत्व वाली यूनाइटेड फ्रंट सरकार ने 81वां संविधान संशोधन विधेयक 12 सितंबर 1996 को प्रस्तुत किया था किंतु बहुमत नहीं मिला। इसके बाद 1998, 1999, 2002, 2003 व मनमोहन सरकार के समय 2010 में 108वां संविधान संशोधन विधेयक के तहत् लाया गया। किंतु बहुमत न मिलने के कारण यह अधिनियम नहीं बन सका। अंततः 27 वर्ष पश्चात संसद के दोनों सदनों में यह संशोधन विधेयक सितंबर 2023 में नए संसद भवन में पहले ही सत्र में पारित किया जा सका। इस विधेयक का नाम बदलकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम नाम दिया गया।

विशेष तथ्य

  • वर्तमान समय में लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं। 106वां संविधान संशोधन के प्रभावी होने के बाद लोकसभा में 543 सीटों में से 33% अर्थात् 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी। 
  • इसमें SC, ST और OBC के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया है। जबकि देश की कुल विधानसभाओं 4123 सीटों (पुदुचेरी विधानसभा छोड़कर) में से 1374 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएंगी।
  • 106वां संविधान संशोधन अधिनियम ने परिसीमन तथा नई जनगणना के पश्चात ही लागू होगा। नए परिसीमन में सीटों की संख्या में वृद्धि होने पर महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की संख्या में वृद्धि होगी।
  • राज्यसभा तथा केंद्र शासित पुडुचेरी विधानसभा के लिए यह आरक्षण लागू नहीं होगा।
संविधान संशोधन अधिनियम

103वां संविधान संशोधन - 
14 जनवरी 2019 को 103वां संशोधन लागू हुआ। इस संशोधन अधिनियम केंद्र सरकार द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10% आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

104वां संविधान संशोधन.  
104वां संविधान संशोधन अधिनियम के अनुसार लोकसभा और राज्य में विधानसभा में एंग्लो इंडियन के लिए सीटों के आरक्षण को खत्म कर दिया गया है और वहीं SC/ST जाति के लिए आरक्षण को 10 साल तक बढ़ा दिया है।

105वां संविधान संशोधन
राज्य सरकारों को सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछले वर्गों (OBC) की सूची बनाने का अधिकार वापस दे दिया।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न 

(1) पुराने संसद भवन में कार्यवाही का अंतिम दिन कौन सा था ?
(a) 21 सितंबर
(b) 17 सितंबर
(c) 18 सितंबर
(d) 19 सितंबर

(2) नारी शक्ति वंदन अधिनियम में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा कब हस्ताक्षर किए गए ।
(a) 21 सितंबर
(b) 29 सितंबर
(c) 02 अक्टूबर 
(d) 21 अक्टूबर 

(3) पुराने संसद भवन को क्या नाम दिया गया है?
(a) नेहरू सदन
(b) संविधान सदन
(c) अंबेडकर सदन
(d) आर्यावर्त सदन

(4) नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण अधिनियम) भारतीय संविधान कौन-सा संशोधित अधिनियम है?
(a) 101वां संविधान संशोधन 
(b) 102वां संविधान संशोधन 
(c) 106वां संविधान संशोधन 
(d) 108वां संविधान संशोधन

(5) नारी शक्ति वंदन अधिनियम में लोकसभा एवं राज्य विधानसभा (दिल्ली विधानसभा सहित) में महिलाओं के लिए कितने प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है ?
(a) 30%
(b) 33%
(c) 43%
(d) 50%

(6) किस प्रधानमंत्री के कार्यकाल में महिलाओं को 33% आरक्षण दिलाने के लिए सर्वप्रथम 81वां संविधान संशोधन प्रस्तुत किया ?
(a) अटल बिहारी वाजपेयी 
(b) पी.वी नरसिम्हा राव 
(c) डॉ मनमोहन सिंह 
(d) एच.डी. देवगौड़ा 

(7) नारी शक्ति वंदन अधिनियम के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है ।
1. 106वां संविधान संशोधन अधिनियम लोकसभा चुनाव 2024 से लागू होगा।
2. राज्यसभा तथा केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी विधानसभा के लिए यह आरक्षण लागू नहीं होगा।

(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों 
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

(8) निम्नलिखित में से कौन कथन सही है 
1. संविधान में 'विशेष सत्र' का प्रावधान अनुच्छेद 108 में किया गया है। 
2. संविधान में 'विशेष सत्र' का आयोजन राष्ट्रपति द्वारा आहूत किया जाता है 

(a) केवल 1
(b) केवल 2
(c) 1 और 2 दोनों 
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं 

(9) निम्नलिखित में कौन-सा सही है
               सूची (1) 
A. 103वां संविधान संशोधन    
B. 104वां संविधान संशोधन.
C. 105वां संविधान संशोधन.    
D. 106वां संविधान संशोधन
               सूची (2)
(1) पिछड़े वर्गों के (OBC) के अधिकार वापिस
(2) नारी शक्ति वंदन अधिनियम 
(3) एंग्लो इंडियन के लिए सीटों का आरक्षण समाप्त 
(4) आर्थिक स्थिति (EWS) के आधार पर आरक्षण की शुरुआत 

कूटों की सहायता से उत्तर दीजिए 
       A    B     C    D
(a)  1     3     2    4          
(b)  2     1     3    4               
(c)  4     1     3    2     
(d)  4     3     2    1        

Answer 

(1)d, (2)b, (3)b, (4)c, (5)b, (6)d, (7)b, (8)b, (9)c

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