पर्वतों के निर्माण प्रस्तावना "पर्वत हमारी पृथ्वी की सबसे भव्य और प्रभावशाली संरचनाओं में से एक हैं। ये न केवल हमारे भूगोल को तय करते हैं, बल्कि मौसम से लेकर हमारी नदियों तक सब कुछ बदलते हैं। लेकिन इनकी उत्पत्ति के पीछे की कहानी उतनी ही जटिल और दिलचस्प है। इस अध्याय में हम बेहद आसान भाषा में समझेंगे कि प्लेटों के टकराने, ज़मीन के फटने और ज्वालामुखी के विस्फोट से इन पर्वतों का जन्म कैसे होता है।" पर्वतों के निर्माण पर्वतों के निर्माण का मुख्य आधार टेक्टोनिक प्लेटों की गति है। हमारी पृथ्वी का सबसे ऊपरी हिस्सा (स्थलमंडल) कई टुकड़ों में टूटा हुआ है जिन्हें 'टेक्टोनिक प्लेट्स' कहते हैं। ये प्लेटें मेंटल की अर्ध-तरल परत (एस्थेनोस्फीयर) पर बहुत धीमी गति (सालाना 1 से 10 सेमी) से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें एक-दूसरे की ओर बढ़ती हैं, दूर जाती हैं या आपस में रगड़ खाती हैं, तो पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) पर भीषण तनाव और दबाव बनता है। इसी हलचल के कारण ज़मीन का हिस्सा या तो ऊपर उठ जाता है या फिर ज्वालामुखी के मैग्मा के जमाव से पहाड़ का रूप ले लेता है। पर्वतों के मुख्य प्रकार पर्...
भाग -02 केन्द्रीय बजट 2023-24 केंद्रीय बजट 2023-24 की प्रमुख विशेषताएं बजट में प्रत्येक वर्ष नई योजनाओं की घोषणा की जाती है और टैक्स में संशोधन किया जाता है जिसका सीधा प्रभाव जनता पर पड़ता है। केंद्रीय बजट 2023-24 के वित्तीय वर्ष में सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में कुल जीडीपी का 2.1% खर्च करेगी तथा शिक्षा के क्षेत्र में कुल जीडीपी का 2.9% खर्च करेगी। बजट में सात प्राथमिकताओं को चिन्हित किया गया है जिन्हें सप्त ऋषि का नाम दिया गया है। समावेशी विकास अंतिम व्यक्ति तक पहुंच अवसंरचना विकास एवं निवेश सामर्थ्य को प्रकट करना हरित विकास युवा शक्ति वित्तीय श्रेत्र 1. समावेशी विकास (कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा) किसानों के लिए सुलभ समावेशी और शिक्षाप्रद समाधान के लिए " डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना " का निर्माण किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में नवाचार स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि गतिवर्धक कोष की स्थापना की जाएगी। उच्च मूल्य की बागवानी फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए "आत्मनिर्भर बागवानी स्वच्छ पौध कार्यक्रम" की शुरुआत की जाएगी जिसके लिए बजट में ₹2200 करोड़ रुपए का प्रावधा...