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पर्वतों के निर्माण (Geography Notes - part 06)

पर्वतों के निर्माण  प्रस्तावना "पर्वत हमारी पृथ्वी की सबसे भव्य और प्रभावशाली संरचनाओं में से एक हैं। ये न केवल हमारे भूगोल को तय करते हैं, बल्कि मौसम से लेकर हमारी नदियों तक सब कुछ बदलते हैं। लेकिन इनकी उत्पत्ति के पीछे की कहानी उतनी ही जटिल और दिलचस्प है। इस अध्याय में हम बेहद आसान भाषा में समझेंगे कि प्लेटों के टकराने, ज़मीन के फटने और ज्वालामुखी के विस्फोट से इन पर्वतों का जन्म कैसे होता है।" पर्वतों के निर्माण पर्वतों के निर्माण का मुख्य आधार टेक्टोनिक प्लेटों की गति है। हमारी पृथ्वी का सबसे ऊपरी हिस्सा (स्थलमंडल) कई टुकड़ों में टूटा हुआ है जिन्हें 'टेक्टोनिक प्लेट्स' कहते हैं। ये प्लेटें मेंटल की अर्ध-तरल परत (एस्थेनोस्फीयर) पर बहुत धीमी गति (सालाना 1 से 10 सेमी) से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें एक-दूसरे की ओर बढ़ती हैं, दूर जाती हैं या आपस में रगड़ खाती हैं, तो पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) पर भीषण तनाव और दबाव बनता है। इसी हलचल के कारण ज़मीन का हिस्सा या तो ऊपर उठ जाता है या फिर ज्वालामुखी के मैग्मा के जमाव से पहाड़ का रूप ले लेता है। पर्वतों के मुख्य प्रकार पर्...

भारत के गर्वनर जनरल (भाग -02)

भारत के गवर्नर जनरल (1833 - 1858 ई.)

बंगाल के गवर्नर जनरल के बाद भारत के गवर्नर जनरल के रूप में 7 ब्रिटिश गवर्नर जनरल ने 1833 से 1858 तक शासन किया। जिसमें सर्वाधिक प्रमुख थे - लार्ड विलियम बेंटिक, लॉर्ड चार्ल्स मैटकॉफ, लार्ड हार्डिंग, लॉर्ड डलहौजी और लॉर्ड कैनिंग थे।

लार्ड विलियम बेंटिक (1828 - 1835)

  • भारत का प्रथम गवर्नर जनरल लॉर्ड विलियम बेंटिक था (चार्टर एक्ट 1833 के अनुसार)
  • चार्टर एक्ट 1833 के अनुसार ब्रिटिश सरकार द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी के चीन से चाय और चीनी पर एकाधिकार समाप्त कर दिया ।
  • लॉर्ड विलियम बेंटिक के शासनकाल में ईसाई मिशनरियों के बसने लिए लाइसेंस व्यवस्था समाप्त करने के साथ ही किसी भी भाग में बसने रहने खरीदने का अधिकार दिया गया
  • केंद्रीय सरकार की शक्ति में वृद्धि तथा प्रांतीय सरकार की शक्ति को घटा दिया गया।
  • इनके शासनकाल में लॉर्ड मैकाले को प्रथम विधि आयोग नियुक्त किया गया तदुपरांत मैकाले ने भारत में अंग्रेजी शिक्षा की शुरुआत की।
  • भारत का गवर्नर जनरल बनने के बाद बैंटिक 1835 ईसवी में कोलकाता मेडिकल कॉलेज की स्थापना की।

चार्ल्स मैटकॉफ (1835-1836)

  • चार्ल्स मैटकॉफ को भारतीय प्रेस का मुक्तिदाता कहा जाता है क्योंकि मैटकॉफ ने मात्र 1 वर्ष के कार्यकाल में प्रेस पर से नियंत्रण हटाया था। इससे पहले 1823 में लॉर्ड एडम्स द्वारा भारतीय प्रेस को प्रतिबंधित कर दिया गया था।

लार्ड ऑकलैंड (1836 - 1842)

  • प्रथम आंग्ल अफगान युद्ध (1839-42)
  • 1833 में राजा राममोहन राय की मृत्यु के पश्चात ब्रह्म समाज सभा का संचालन 1836 से देवेंद्रनाथ टैगोर करते हैं।

लॉर्ड एलिनरो (1842 - 1844)

  • प्रथम आंग्ल अफगान युद्ध का समापन 
  • सिंध को अगस्त 1843 ईसवी में पूर्ण रूप से ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया जाता है।
  • दास प्रथा का पूर्ण रूप से अंत - 1843 एक्ट -v
  • रविवार की छुट्टी की शुरुआत भी 1843 ईसवी में हुई थी

लॉर्ड हार्डिंग (1844-1848)

  • प्रथम आंग्ल सिख युद्ध - (1845-1846) - अंग्रेजों की विजय
  • नरबलि प्रथा पर प्रतिबंध

लार्ड डलहौजी (1848-1856)

  • लॉर्ड डलहौजी "व्यपगत सिद्धांत" अर्थात हड़प नीति के लिए विख्यात है। जिस प्रकार लॉर्ड वेलेजली ने साम्राज्य विस्तार करने के उद्देश्य से सहायक संधि की नीति लेकर आया था। ठीक उसी प्रकार डलहौजी व्यापक रूप से साम्राज्य का विस्तार करने के लिए हड़प नीति लेकर आया था। इसके अंतर्गत सर्वप्रथम सातरा (1848), शामिल किया गया। झांसी (1853 ई.) और अवध (1856 ई.) में शामिल किया गया।
  • इसके शासनकाल में 1853 ईसवी का चार्टर एक्ट पारित हुआ था। जिसके अंतर्गत संचालक मंडल से कंपनी के प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति का अधिकार वापस ले लिया गया।
  • लॉर्ड डलहौजी के गवर्नर जनरल बनते ही द्वितीय आंग्ल सिख युद्ध लड़ा गया तथा पंजाब का ब्रिटिश शासन में विलय 1849 ई. ईस्वी में कर लिया गया।
  • द्वितीय आंग्ल बर्मा युद्ध - (1852 ई.) - लोअर वर्मा एवं पीगू को अंग्रेजी राज्य में मिला लिया गया।
  • संथाल विद्रोह -1855-1856
  • भारत में रेलवे का जनक लॉर्ड डलहौजी को माना जाता है। क्योंकि इसके कार्यकाल में भारत में सर्वप्रथम 16 अप्रैल 1853 ईस्वी में मुंबई से थाणे के बीच 34 किलोमीटर पहली रेल चलाई गई थी।
  • इनाम कमीशन -1852 (उद्देश्य:  जिस भूमि से कर प्राप्त नहीं होता था उस भूमि का पता लगाना और भूस्वामी (जागीरदारों) से उन्हें छीनना)
  • बिजली से संचालित तार सेवा की शुरुआत - कलकत्ता एवं आगरा के बीच -(1853 ई.)
  • सर्वप्रथम डाक टिकट का प्रचलन शुरू किया - नया पोस्ट ऑफिस एक्ट (1854)
  • भारत में पहली बार सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की स्थापना करवाई।
  • लोक सेवा विभाग की स्थापना - (1854 ई.)
  • लॉर्ड डलहौजी का सबसे महत्वपूर्ण कार्य भारत की दृष्टि से शिक्षा में सुधार था। इसने अपने कार्यकाल सन् 1854 में वुड डिस्पैच नीति लागू की जिसका मुख्य उद्देश्य प्राथमिक से विश्वविद्यालय तक की शिक्षा के लिए योजनाएं लागू करना था। वुड डिस्पैच नीति को "भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा" कहा जाता है।
  • इससे पहले सन् 1853 ईस्वी में अधिकारियों की नियुक्ति के लिए प्रतियोगिता परीक्षा की व्यवस्था की गई जिसके लिए उम्र सीमा 18 से 30 वर्ष रखी गई।

लार्ड कैनिंग (1856 -1862 ई.)

  • लॉर्ड कैनिंग के समय भारतीय इतिहास की ऐतिहासिक घटना सन् "1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम" हुआ था। इसी विद्रोह के बाद प्रशासनिक सुधार के अंतर्गत भारत का शासन कंपनी के हाथों से सीधे ब्रिटिश सरकार के नियंत्रण में चला गया।
  • 1857 ईसवी में कैनिंग के समय ही महालेखा परीक्षक पद का सृजन किया गया जो सफलता के बाद नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक कहलाया।
  • विधवा पुनर्विवाह अधिनियम - 1856 ईस्वी
  • यह भारत में कंपनी द्वारा नियुक्त अंतिम गवर्नर जनरल था। भारत शासन अधिनियम - 1858 के एक्ट के बाद भारत का शासन ब्रिटिश सम्राट के अधीन आ जाता है। और लॉर्ड कैनिंग को "भारत का प्रथम वायसराय" नियुक्त किया जाता है।
  • भारत शासन अधिनियम 1828 ईस्वी के तहत मुगल सम्राट के पद को समाप्त कर दिया जाता है।
  • लार्ड कैनिंग ने डलहौजी द्वारा हड़प नीति के सिद्धांत को समाप्त कर दिया जाता है।
  • सन 1861 ईस्वी में इंडियन काउंसिल एक्ट पारित होता है तथा पोर्टफोलियो प्रणाली लागू की जाती है।

महत्वपूर्ण तथ्य

सत्येंद्र नाथ टैगोर पहले भारतीय थे जिन्होंने 1830 ईसवी में लंदन में हुई सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी।

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