हिन्दी भाषा के प्रमुख साहित्यकार नमस्कार दोस्तों आज हम हिंदी साहित्य के सिलेबस के अनुसार बाहरी राज्यों में जन्म लेने वाले साहित्यकारों का अध्ययन करेंगे। जो उत्तराखंड की परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं आज के लेख में गजानन माधव मुक्तिबोध के जीवन परिचय और उनकी प्रमुख सभी रचनाओं के बारे में विस्तार से जानेंगे । इससे पूर्व हम सुमित्रानंदन पंत, राहुल सांकृत्यायन, महादेवी वर्मा, शैलेश मटियानी और मंगलेश डबराल के बारे में विस्तार से पढ़ चुके हैं। जिनके लिंक लेख के अंत में नीचे दिए गए हैं। तो आईए जानते हैं गजानन मुक्तिबोध के बारे में विस्तार से - गजानन माधव मुक्तिबोध हिंदी साहित्य में 'अंधेरे के कवि' और फेंटेसी के बेजोड़ शिल्पी के रूप में विख्यात गजानन माधव मुक्तिबोध का नाम आधुनिक हिंदी काव्य के इतिहास में सबसे अलग और चमकीला है । वे प्रगतिशील चेतना और प्रयोगवाद के एक ऐसे अनूठे सेतु थे, जिन्होंने कविता को आत्म संघर्ष, आत्मा खोज और व्यवस्था के खिलाफ एक तीव्र बौद्धिक हथियार बनाया। जीवन परिचय गजानन माधव मुक्तिबोध का जन्म 13 नवंबर, 1917 को मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के 'श्...
उत्तराखंड करेंट अफेयर्स 2024 देवभूमि उत्तराखंड द्वारा जून 2023 से जून 2024 तक के करेंट अफेयर्स तैयार किए गए हैं। जिसमें उत्तराखंड बजट 2024-25, उत्तराखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24, उत्तराखंड की प्रमुख योजनाऐं, पुरस्कार, खेल आदि बहुविकल्पीय प्रश्नों के साथ व्याख्या के साथ तैयार किए गए हैं। जो उत्तराखंड के लोक सेवा आयोग और उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे। (1) जनवरी 2024 में उत्तराखंड में किसका नाम बदलकर सीतावनी कंजर्वेशन रिजर्व रखा गया है ? (a) गौरा देवी कंजर्वेशन रिजर्व (b) पावलगढ़ संरक्षण आरक्षित (c) नैनादेवी हिमालयी बर्ड कंजर्वेशन रिजर्व (d) सोना वन्यजीव संरक्षण आरक्षित व्याख्या :- अयोध्या मंदिर में राम लला की मूर्ति की प्रतिष्ठा से पहले पावलगढ़ कंजर्वेशन रिजर्व का नाम बदलकर सीतावनी कंजर्वेशन रिजर्व रखा गया । रिजर्व के अंदर माता सीता को समर्पित एक प्राचीन मंदिर तथा महर्षि वाल्मिकी आश्रम है, मान्यता है कि अयोध्या छोड़ने के बाद वह अपने बेटों लव और कुश के साथ यहीं रुकी थीं। पावलगढ़ कंज़र्वेशन रिज़र्व उत्तराखंड के नै...