उत्तराखंड का प्रागैतिहासिक काल उत्तराखंड का प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Era) अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली है। इस काल का कोई लिखित प्रमाण नहीं है, इसलिए इसका इतिहास गुफाओं में मिले शैल-चित्रों (Rock Paintings), पत्थरों के औजारों और प्राचीन कंकालों के आधार पर लिखा गया है। आइए जानते हैं विस्तार से - “धूल से भरी राहें और तपता हुआ सूरज... उत्तर भारत के एक गुमनाम गाँव के किनारे एक ऊँचा सा मिट्टी का टीला था। लोग वहाँ से ईंटें उखाड़ रहे थे, कोई अपने घर की दीवार बना रहा था, तो कोई उन पत्थरों को कचरा समझकर फेंक रहा था। वहीं दूर खड़ा एक अंग्रेज अफसर, जिसका नाम अलेक्जेंडर कनिंघम था, यह सब बड़े गौर से देख रहा था। उसके पास एक पुरानी किताब थी—चीनी यात्री ह्वेनसांग की डायरी। कनिंघम को यकीन था कि जिस टीले को लोग 'कचरा' समझ रहे हैं, उसके नीचे सम्राट अशोक का कोई महान शहर या बुद्ध का कोई पवित्र मठ दफन है। वो बेचैनी और वो खत कनिंघम रात भर सो नहीं पाए। उन्हें लग रहा था जैसे वो दफन शहर उन्हें पुकार रहे हों। उन्होंने सोचा, "अगर आज मैंने इन पत्थरों को नहीं बचाया, तो आने वाली पीढ़ियाँ कभी नहीं...
उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग आबकारी परीक्षा 2024 देवभूमि उत्तराखंड द्वारा एक बार पुनः आगामी परीक्षा उत्तराखंड आबकारी परीक्षा 2024 की तैयारी हेतु नये पैटर्न पर आधारित मात्र ₹49 में 10+ टेस्ट की सीरीज लेकर आया है। जहां सभी टेस्ट आपको pdf file में WhatsApp द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे पूर्व 2021 से 2023 तक 120 टेस्ट पूर्ण हो चुके हैं। वर्तमान परीक्षा के पैटर्न को देखते हुए 7-8 प्रश्न कुमाऊनी और गढ़वाली भाषा और संस्कृति से लिए गए हैं तथा अधिकतर तार्किक प्रश्नों को रखा गया है। अतः टेस्ट सीरीज से जुड़ने के लिए 9568166280 पर मैसेज करें। नीचे दिए गए टेस्ट के अनुसार ही सारे प्रश्न शामिल किए गए हैं। Join telegram channel - click here उत्तराखंड आबकारी परीक्षा हेतु स्पेशल टेस्ट सीरीज Uksssc mock test - 121 (1) निम्न में से कौन सा एक संज्ञा का प्रकार नहीं है (a) जातिवाचक संज्ञा (b) प्रश्नवाचक संज्ञा (c) द्रव्यवाचक संज्ञा (d) समूहवाचक संज्ञा (2) निम्न लोकोक्ति का सही अर्थ चुनिए - "उम्र छाई सी साठ अकल मति गे नाट" (a) बुढ़ापे में बुद्धि का सठिया जाना (b) बुढ़ापे में बुद्धि का आना (c)...