लोककथा : खरिया और भरिया नमस्कार दोस्तों आज हम थारू जनजाति कि संस्कृति के संरक्षण के लिए सदियों से प्रचलित लोककथाओं और लोकगीतों को शुरू करने जा रहे हैं। यूं तो थारू जनजाति के लोगों की अपनी कोई भाषा नहीं है। लेकिन सर्वाधिक प्रभाव ब्रजभाषा का देखने को मिलता है। किंतु समय परिर्वतन के साथ पहाड़ी, खड़ी बोली और हिन्दी का प्रभाव देखने को मिलता है। यदि हमारे द्वारा लिखी यह कहानी आपने कभी सुनी हो तो कमेंट अवश्य करें। खरिया और भरिया : लोककथा यह कहानी दो भाइयों की है - खरिया और भरिया। इस कहानी में खरिया बड़ा भाई और थोड़ा चालक था वहीं बढ़िया छोटा भाई और बहुत सीधा साधा था। यह कथा थारू समाज के उसे समय की है जब उनके पास धन के रूप में केवल खेती और मवेशी हुआ करते थे। एक गांव में दो भाई रहा करते थे। दोनों भाई बहुत मेहनती थे लेकिन अक्सर वे आपस के छोटे छोटे विवादों में फंस जाया करते थे। एक दिन अचानक पिता की मृत्यु जाती है। उनके पिता की मृत्यु के बाद, खरिया ने चालाकी से घर की संपत्तियों का बंटवारा कुछ इस तरह किया : कंबल का बंटवारा : खरिया ने कहा, "भाई, यह कंबल दिन में मेरा रहेगा और रात में तुम्...
Latest Uksssc Mock Test 2024 देवभूमि उत्तराखंड द्वारा उत्तराखंड स्नातक स्तरीय परीक्षा एवं आबकारी परीक्षा हेतु 10 मॉक टेस्ट की सीरीज प्रारंभ की गई है । जिसमें तार्किक और कूट वाले प्रश्नों का मिश्रण करके uksssc के वर्तमान पैटर्न को फॉलो करते हुए तैयार किए गए हैं। जो आपके लिए उत्तराखंड की आयोजित सभी आगामी परीक्षाओं में लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं। उत्तराखंड स्नातक स्तरीय परीक्षा एवं आबकारी 2024 (1) सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियां के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए। सूची-I. सूची-II A. लखुउडियार 1. डॉक्टर यशोधर पाठक B. फड़कानोली 2. एमपी जोशी C. देवीधुरा 3. राकेश भ...