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पृथ्वी की आंतरिक संरचना (Part - 05)

पृथ्वी की आंतरिक संरचना  "नमस्कार साथियों/छात्रों,   आज के इस लेख में हम पृथ्वी की आंतरिक संरचना पढ़ने वाले हैं। यह अध्याय परीक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है प्रत्येक परीक्षा में 2-3 प्रश्न यहां से अवश्य पूछे जाते हैं। देवभूमि उत्तराखंड द्वारा यह प्रयास किया गया है कि सभी तथ्यों को आसान भाषा में परिभाषित किया जा सके। इस लेख में दिए गए सभी तथ्य 6-12 तक की एनसीईआरटी पुस्तक और माजिद हुसैन की भूगोल से लिए गए हैं।  प्रस्तावना, जिस पृथ्वी पर हम रहते हैं, उसके बाहरी रूप—जैसे ऊंचे पर्वत, गहरी नदियाँ, विशाल महासागर और हरे-भरे मैदानों से तो हम भली-भांति परिचित हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस ठोस जमीन पर हम खड़े हैं, उसके हजारों किलोमीटर नीचे पैर पसारकर बैठी दुनिया कैसी दिखती होगी? जैसे एक पके हुए आम का सबसे बाहरी हिस्सा उसका पतला छिलका होता है, बीच में उसका रसदार गूदा और सबसे अंदर एक ठोस गुठली होती है; या जैसे एक उबले हुए अंडे में सबसे बाहर एक पतला सफेद छिलका, फिर सफेद भाग और केंद्र में पीला भाग (Yolk) होता है—ठीक वैसे ही हमारी पृथ्वी भी परतों में बंटी हुई है। भले ...

तीलू रौतेली पुरस्कार 2024

उत्तराखंड करेंट अफेयर्स 2024 

देवभूमि उत्तराखंड द्वारा प्रत्येक माह के सभी महत्वपूर्ण करेंट अफेयर्स तैयार किए जाते हैं। सभी करेंट अफेयर्स पीडीएफ फाइल में प्राप्त करने के लिए 9568166280 पर संपर्क करें। 



तीलू रौतेली पुरस्कार 2024

हाल ही में उत्तराखंड सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियों के लिये 13 उत्कृष्ट महिलाओं को देहरादून में राज्य शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित किया। यह पुरस्कार महिलाओं को विभिन्न खेलों, कला, संस्कृति, साहित्य, पर्यावरण, साहस और समाजसेवा आदि के क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं योगदान के लिए दिया जाता है। 

तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित महिलाऐ :-

  • खेलों में उत्कृष्ट योगदान के लिए - अल्मोड़ा की पैरा-तैराक और एथलीट प्रीति गोस्वामी, बागेश्वर की ताइक्वांडो खिलाड़ी नेहा देवली, हरिद्वार की पावरलिफ्टर संगीता राणा और उधम सिंह नगर की पैरा-बैडमिंटन खिलाड़ी मंदीप कौर तथा गढ़वाल मंडल में पौड़ी की एथलेटिक्स खिलाड़ी अंकिता ध्यानी को दिया गया। (बता दें कि अंकिता ध्यानी ने पेरिस ओलंपिक 2024 में 3000 मीटर की रेस में प्रतिभाग किया था।)
  • लोक गायन के लिये पद्मश्री से सम्मानित - माधुरी बर्थवाल (पौड़ी गढ़वाल)
  • हिंदी साहित्य को बढ़ावा देने के लिये - चंपावत की सोनिया आर्य (सोनम आर्या)
  • साहस एवं जीवन रक्षा के लिए (इन्होंने जून में जंगली जानवर के हमले से अपनी सास को बचाया था) - रुद्रप्रयाग की विनीता देवी (रुद्रप्रयाग)
  • हस्तशिल्प और हथकरघा को आगे बढ़ाने के लिये - नर्मदा रावत (चमोली)
  • समाजिक क्षेत्र में योगदान के लिए - शकुंतला दताल (पिथौरागढ़), रीना उनियाल (टिहरी गढ़वाल) और गीता गैरोला (उत्तरकाशी)
  • विज्ञान में योगदान के लिये - नैनीताल की सुधा पाल (नैनीताल)

राज्य शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार

यह पुरस्कार उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रतिवर्ष वीरबाला तीलू रौतेली के नाम पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को दिया जाता है।

राज्य सरकार ने उत्तराखंड की वीरांगना तीलू रौतेली की जयंती पर वर्ष 2006 से महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं एवं किशोरियों के लिये तीलू रौतेली पुरस्कार की शुरुआत की थी। इसके तहत राज्य सरकार 51 हजार रुपए और प्रशस्ति-पत्र दिया जाता है।

तीलू रौतेली कौन थीं?

तीलू रौतेली का जन्म पौड़ी गढ़वाल के अन्तर्गत चौंदकोट पट्टी के गुराड़ तल्ला गांव में हुआ था। इनका का वास्तविक नाम तिलोत्तमा देवी था। तीलू रौतेली एक ऐसी वीरांगना है जो केवल 15 वर्ष की उम्र में रणभूमि में कूद पड़ी थी और सात साल तक जिसने अपने दुश्मन राजाओं को कड़ी चुनौती दी थी। 22 वर्ष की आयु में सात युद्ध लड़ने वाली तीलू रौतेली एक वीरांगना है।

तीलू रौतेली भारत की रानी लक्ष्‍मीबाई, चांद बीबी, झलकारी बाई, बेगम हजरत महल के समान ही देश विदेश में ख्‍याति प्राप्‍त हैं।

 

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