उत्तराखंड का प्रागैतिहासिक काल उत्तराखंड का प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Era) अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली है। इस काल का कोई लिखित प्रमाण नहीं है, इसलिए इसका इतिहास गुफाओं में मिले शैल-चित्रों (Rock Paintings), पत्थरों के औजारों और प्राचीन कंकालों के आधार पर लिखा गया है। आइए जानते हैं विस्तार से - “धूल से भरी राहें और तपता हुआ सूरज... उत्तर भारत के एक गुमनाम गाँव के किनारे एक ऊँचा सा मिट्टी का टीला था। लोग वहाँ से ईंटें उखाड़ रहे थे, कोई अपने घर की दीवार बना रहा था, तो कोई उन पत्थरों को कचरा समझकर फेंक रहा था। वहीं दूर खड़ा एक अंग्रेज अफसर, जिसका नाम अलेक्जेंडर कनिंघम था, यह सब बड़े गौर से देख रहा था। उसके पास एक पुरानी किताब थी—चीनी यात्री ह्वेनसांग की डायरी। कनिंघम को यकीन था कि जिस टीले को लोग 'कचरा' समझ रहे हैं, उसके नीचे सम्राट अशोक का कोई महान शहर या बुद्ध का कोई पवित्र मठ दफन है। वो बेचैनी और वो खत कनिंघम रात भर सो नहीं पाए। उन्हें लग रहा था जैसे वो दफन शहर उन्हें पुकार रहे हों। उन्होंने सोचा, "अगर आज मैंने इन पत्थरों को नहीं बचाया, तो आने वाली पीढ़ियाँ कभी नहीं...
उत्तराखंड समूह ग मॉडल पेपर 2026 देवभूमि उत्तराखंड द्वारा वर्ष 2026 में एक बार पुनः टेस्ट सीरीज प्रारंभ कर रहा है। जिसमें सभी टेस्ट वर्तमान में होने वाली परीक्षाओं का अन्वेषण कर तैयार किए गये हैं। जो उत्तराखंड की आगामी सभी समूह ग की परीक्षाओं हेतु तैयार किए गये हैं। Uksssc Mock Test -234 (1) सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियां के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए। सूची-I सूची-II A. दो पंक्तियों के बीच 1. हजारी प्रसाद द्विवेदी B. आलोक पर्व 2. माखनलाल चतुर्वेदी C. हम जो देखते हैं 3. राजेश जोशी D. हिमतरंगिणी 4. मंगलेश डबराल कूट : A B C D (a) 1 2 3 4 (b) 2 1 4 3 (c) 3 1 4 2 (d) 3 2 4 1 (2) गढ़वाली मुहावरा “पितली गिच्ची करण” - का अर्थ है? (A) पीतल को पतला करना (B) पीत...