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उत्तराखंड का प्रागैतिहासिक काल (प्री history of uttrakhand)

उत्तराखंड का प्रागैतिहासिक काल उत्तराखंड का प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Era) अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली है। इस काल का कोई लिखित प्रमाण नहीं है, इसलिए इसका इतिहास गुफाओं में मिले शैल-चित्रों (Rock Paintings), पत्थरों के औजारों और प्राचीन कंकालों के आधार पर लिखा गया है। आइए जानते हैं विस्तार से - “धूल से भरी राहें और तपता हुआ सूरज... उत्तर भारत के एक गुमनाम गाँव के किनारे एक ऊँचा सा मिट्टी का टीला था। लोग वहाँ से ईंटें उखाड़ रहे थे, कोई अपने घर की दीवार बना रहा था, तो कोई उन पत्थरों को कचरा समझकर फेंक रहा था। वहीं दूर खड़ा एक अंग्रेज अफसर, जिसका नाम अलेक्जेंडर कनिंघम था, यह सब बड़े गौर से देख रहा था। उसके पास एक पुरानी किताब थी—चीनी यात्री ह्वेनसांग की डायरी। कनिंघम को यकीन था कि जिस टीले को लोग 'कचरा' समझ रहे हैं, उसके नीचे सम्राट अशोक का कोई महान शहर या बुद्ध का कोई पवित्र मठ दफन है। वो बेचैनी और वो खत  कनिंघम रात भर सो नहीं पाए। उन्हें लग रहा था जैसे वो दफन शहर उन्हें पुकार रहे हों। उन्होंने सोचा, "अगर आज मैंने इन पत्थरों को नहीं बचाया, तो आने वाली पीढ़ियाँ कभी नहीं...

UKSSSC MOCK TEST - 162

UKSSSC MOCK TEST - 162 देवभूमि उत्तराखंड द्वारा उत्तराखंड समूह ग की सभी परीक्षाओं हेतु टेस्ट सीरीज उपलब्ध कराई जा रही है। सभी टेस्ट नये पैटर्न पर आधारित हैं। टेस्ट सीरीज से जुड़ने के लिए संपर्क करें। 9568166280 (1) सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियां के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।              सूची-I.                            सूची-II  A. कृत्वाचक कृदंत प्रत्यय        1. भुलक्कड़ B. कर्मवाचक कृदंत प्रत्यय       2. चटनी C. करण वाचक कृदंत प्रत्यय    3. कतरनी D. भाववाचक कृदंत प्रत्यय       4. पढ़ाई  कूट :        A    B   C    D  (a)  1     2    3    4  (b)  2     1    4    3 (c)  3     1    2 ...