पर्वतों के निर्माण प्रस्तावना "पर्वत हमारी पृथ्वी की सबसे भव्य और प्रभावशाली संरचनाओं में से एक हैं। ये न केवल हमारे भूगोल को तय करते हैं, बल्कि मौसम से लेकर हमारी नदियों तक सब कुछ बदलते हैं। लेकिन इनकी उत्पत्ति के पीछे की कहानी उतनी ही जटिल और दिलचस्प है। इस अध्याय में हम बेहद आसान भाषा में समझेंगे कि प्लेटों के टकराने, ज़मीन के फटने और ज्वालामुखी के विस्फोट से इन पर्वतों का जन्म कैसे होता है।" पर्वतों के निर्माण पर्वतों के निर्माण का मुख्य आधार टेक्टोनिक प्लेटों की गति है। हमारी पृथ्वी का सबसे ऊपरी हिस्सा (स्थलमंडल) कई टुकड़ों में टूटा हुआ है जिन्हें 'टेक्टोनिक प्लेट्स' कहते हैं। ये प्लेटें मेंटल की अर्ध-तरल परत (एस्थेनोस्फीयर) पर बहुत धीमी गति (सालाना 1 से 10 सेमी) से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें एक-दूसरे की ओर बढ़ती हैं, दूर जाती हैं या आपस में रगड़ खाती हैं, तो पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) पर भीषण तनाव और दबाव बनता है। इसी हलचल के कारण ज़मीन का हिस्सा या तो ऊपर उठ जाता है या फिर ज्वालामुखी के मैग्मा के जमाव से पहाड़ का रूप ले लेता है। पर्वतों के मुख्य प्रकार पर्...
भारतीय हस्तकला भारतीय शिल्पकार वो मूरत है खुदा की ! बेजान धातु में भी जान डाल दे, हम कद्र करें तो, कला की। भारत के शिल्पकारों के हाथों में जादू होता है जब भी किसी लकड़ी, मिट्टी, पीतल, तांबा या हाथी के दांत को उकेरते हैं तो एक अदभुत कलाकृति बना देते हैं । जिसकी चमक को विश्व में भी लोहा माना जाता हैै । आइए दोस्तों हम जाने अपने हस्तकलाओं की दुनिया और भारत में उसका योगदान कितना है । और भारतीय हस्तकला का भविष्य । जब भारत में आत्मनिर्भरता की बात आ ही गई है तो क्यों ना हस्तशिल्प कलाओं का उपयोग जान ले ताकि चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने में देश को सक्षम बना सकें और एक नए भारत का निर्माण करने में मदद कर सकें यदि आपके पास भी कोई हुनर है तो आप भी अपना भारत निर्माण में सहयोग दे सकते हैं हाथों से निर्मित भारतीय उत्पादों की विदेशी बाजारों में अत्यधिक मांग रहती और यह उत्पाद इतिहा...