सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

मार्च, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

पर्वतों के निर्माण (Geography Notes - part 06)

पर्वतों के निर्माण  प्रस्तावना "पर्वत हमारी पृथ्वी की सबसे भव्य और प्रभावशाली संरचनाओं में से एक हैं। ये न केवल हमारे भूगोल को तय करते हैं, बल्कि मौसम से लेकर हमारी नदियों तक सब कुछ बदलते हैं। लेकिन इनकी उत्पत्ति के पीछे की कहानी उतनी ही जटिल और दिलचस्प है। इस अध्याय में हम बेहद आसान भाषा में समझेंगे कि प्लेटों के टकराने, ज़मीन के फटने और ज्वालामुखी के विस्फोट से इन पर्वतों का जन्म कैसे होता है।" पर्वतों के निर्माण पर्वतों के निर्माण का मुख्य आधार टेक्टोनिक प्लेटों की गति है। हमारी पृथ्वी का सबसे ऊपरी हिस्सा (स्थलमंडल) कई टुकड़ों में टूटा हुआ है जिन्हें 'टेक्टोनिक प्लेट्स' कहते हैं। ये प्लेटें मेंटल की अर्ध-तरल परत (एस्थेनोस्फीयर) पर बहुत धीमी गति (सालाना 1 से 10 सेमी) से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें एक-दूसरे की ओर बढ़ती हैं, दूर जाती हैं या आपस में रगड़ खाती हैं, तो पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) पर भीषण तनाव और दबाव बनता है। इसी हलचल के कारण ज़मीन का हिस्सा या तो ऊपर उठ जाता है या फिर ज्वालामुखी के मैग्मा के जमाव से पहाड़ का रूप ले लेता है। पर्वतों के मुख्य प्रकार पर्...

हर्षिल का इतिहास (उत्तरकाशी)

        हर्षिल का इतिहास                     उत्तरकाशी हिमाच्छादित पर्वत, निर्झर झरने दूर तक फैले देवदार उत्तराखंड की भूमि में नजर आता हर्षिल का किरदार चिनार के घने जंगल , जोर-जोर से बहती, भागीरथी की अविरल धारा सांप-सी बलखाती टेढ़ी-मेढ़ी राहें, नैनों से बातें करती, हर्षिल की हवाऐं By - देवभूमिउत्तराखंड.com          नमस्कार मित्रों इन्हीं पंक्तियों के साथ आज हम देवभूमि उत्तराखंड में हर्षिल के बारे में चर्चा करेंगे । मित्रों आप सभी देवभूमि उत्तराखंड के प्राकृतिक सौंदर्य से भलीभांति परिचित हैं। उन्हीं में से एक पर्यटक स्थल है हर्षिल। हर्षिल शहर की सुंदरता के बारे में जितना कहा जाए कम है। क्योंकि हर्षिल सुंदर बगानों, राहों और प्राकृतिक दृश्यों का वह स्थल है जिसकी तुलना यूरोप में स्थित स्विजरलैंड से की जाती है। इसलिए हर्षिल को "उत्तराखंड का स्विजरलैंड" कहा जाता है ।  (* हर्षिल को भारत का "मिनी स्विट्जरलैंड लैंड" व "उत्तराखंड का स्विट्जरलैंड"  कहा जाता है। और चोपता को "उत्तराखंड का मिनी ...

Uksssc mock test -20

 Uksssc Mock test-20 उत्तराखंड समूह-ग मॉडल पेपर Total practice set - 20+ देवभूमि उत्तराखंड द्वारा प्रत्येक सप्ताह 2-3 मॉक टेस्ट सीरीज उपलब्ध करायी जा रही है। पटवारी/लेखपाल , उत्तराखंड पुलिस, बंदीरक्षक, फोरेस्ट गार्ड तथा उत्तराखंड ग्रुप -C के सम्पूर्ण नोट्स एवं मॉक टेस्ट सीरीज से जुड़ने के लिए whatsapp group (6396956412) से जुड़े। जहां आपको उत्तराखंड की सभी परीक्षाओं की जानकारी सहित उत्तराखंड का अपटेडट मटेरियल मिलता रहेगा.  Join telegram channel - click here Uksssc mock test -20 (1) "छांग्लेश की प्रशस्ति" प्राप्त हुई। (a) तालेश्वर से (b) लाखामण्डल से (c) बाड़ाहाट से (d) उपरोक्त मे से कोई नहीं (2) उत्तराखंड उच्च न्यायालय, नैनीताल ने निम्न में से किस ग्लेशियर को जीवित प्राणी का दर्जा दिया है ? (a) गंगोत्री ग्लेशियर को (b) खतलिंग ग्लेशियर को (c) पिंडारी ग्लेशियर को (d) कफनी ग्लेशियर को (3) इनमें से किस भाषा में राय बहादुर डॉ पातिराम ने पहली बार गढ़वाल का इतिहास प्रकाशित किया (a) गढ़वाली (b) कुमाऊँनी (c) हिंदी (d) अंग्रेजी (4) ब्रिटिश शासनकाल में उत्तराखंड में 'प्रधान' का म...

उत्तराखंड समूह-ग मॉडल पेपर -18

 उत्तराखंड समूह-ग 2022 Total practice set - 15+ देवभूमि उत्तराखंड द्वारा प्रत्येक सप्ताह 2-3 मॉक टेस्ट सीरीज उपलब्ध करायी जा रही है। पटवारी/लेखपाल , उत्तराखंड पुलिस, बंदीरक्षक, फोरेस्ट गार्ड तथा उत्तराखंड ग्रुप -C के सम्पूर्ण नोट्स एवं मॉक टेस्ट सीरीज से जुड़ने के लिए whatsapp group (6396956412) से जुड़े। जहां आपको उत्तराखंड की सभी परीक्षाओं की जानकारी सहित उत्तराखंड का अपटेडट मटेरियल मिलता रहेगा।  Join telegram channel - click here Uksssc mock test -18 (1) संचार की वह स्थिति क्या कहलाती है जिसमें व्यक्ति एकाकी खुद से बात करता है (a) अंतर वैयक्तिक संचार (b) अभ्यंतर संचार (c) समूह संचार (d) जनसमूह संचार (2) 'गोसाई दत्त' निम्न में से किस रचनाकार का मूल नाम है? (a) हजारी प्रसाद द्विवेदी (b) राहुल सांकृत्यायन (c) सुमित्रानंदन पंत (d) शैलेश मटियानी (3) जिसके रूप में कोई विकार ना आए, जो सदैव एकसा रहे वह .............शब्द कहलाता है- (a) अव्यय (b) रूढ (c) यौगिक (d) निपात (4) निम्नलिखित में से 'अन्न' का पर्यायवाची शब्द नहीं है (a) शस्य (b) धान्य (c) नाज (d) गव...