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Uttarakhand Current Affairs 2026 (January month)

उत्तराखंड करेंट अफेयर्स 2026 जनवरी माह के सभी महत्वपूर्ण करेंट अफेयर्स  देवभूमि उत्तराखंड द्वारा सभी महत्वपूर्ण करेंट अफेयर्स व्याख्या सहित तैयार किए जाते हैं। जो उत्तराखंड में होने वाली सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। उत्तराखंड करेंट अफेयर्स  प्रश्न 1. नीति आयोग द्वारा जारी 'निर्यात तैयारी सूचकांक 2024' (जनवरी 2026 में रिपोर्ट) के अनुसार, 'छोटे राज्यों' की श्रेणी में उत्तराखंड का कौन सा स्थान रहा? (A) द्वितीय (B) तृतीय (C) प्रथम (D) चतुर्थ उत्तर: (C) प्रथम व्याख्या: नीति आयोग की इस रिपोर्ट में उत्तराखंड ने 52.07 स्कोर के साथ छोटे राज्यों में पहला स्थान प्राप्त किया। यदि सभी राज्यों (ओवरऑल) की बात करें, तो उत्तराखंड 13वें स्थान पर रहा। इस सूचकांक का आधार निर्यात ढांचा और व्यापारिक वातावरण है। सूचकांक का मुख्य उद्देश्य निर्यात तैयारी सूचकांक का लक्ष्य राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है ताकि वे अपनी नीतियों, बुनियादी ढांचे और व्यापारिक वातावरण में सुधार कर सकें। यह मुख्य रूप से 4 स्तंभों (Pillars) पर आधारित होता है: नीति (Policy): राज्य में निर्यात को बढ़ावा देने ...

मेरे सपनों का भारत

       मेरे सपनों का भारत सकारात्मक सोच का नजरिया "भारत की खोज पुस्तक" सबने पड़ी होगी। उस पुस्तक के लेखक भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जी हैं। उन्होंने आजादी के बाद मेरे सपनों का भारत की कल्पना की थी और अपनी इच्छा अनुसार रखने की कोशिश भी की थी , इसलिए तो  और पाकिस्तान दो भागों में बंट गए । उस समय की परिस्थितियों के अनुसार उनको जैसा ठीक लगा  ।  उन्होंने किए जिनके कुछ परिणाम काफी महत्वपूर्ण साबित हुए। वहीं कुछ कदमों के चलते जम्मू-कश्मीर हाथों से आधा निकल गया। लेकिन फिर भी सब कुछ ठीक रहा उसके बाद मिसाइल मैन के नाम से कुख्यात डॉ एपीजे अब्दुल कलाम । उन्होंने भी अपनी खुली आंखों से भारत को सजाया । अब्दुल कलाम जी 2002 से 2007 के बीच भारत के राष्ट्रपति रहे और उन्होंने 2020 तक एक सक्षम भारत होने की कल्पना की थी। यूं तो सभी आज़ादी के परवानोंं- क्या महात्मा गांधी, क्या वल्लभभई पटेल और क्या विवेकानंद जी सभी ने एक महान भारत की कल्पना की और अनेकों कदम उठाएं। भारत की विकास प्रक्रिया भारत को विदेशी शक्तियों ने इतना अधिक कमजोर कर दिया था। कि 70 साल लग गए भ...

RCEP : मेगा मुक्त व्यापार समझौता

  क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी(RCEP)  क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी से भारत के बाहर रहने के कारण और निहितार्थ का विश्लेषण कीजिए.  क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी वैश्विक स्तर पर मेगा मुक्त व्यापार समझौता है। जिसका प्रारंभ 21 वें आसियान शिखर सम्मेलन में कंबोडिया की राजधानी नोमपेन्ह   में 2012 में हुआ था। वैश्विक स्तर में कुल जीडीपी का 30 % का योगदान करता है। एक प्रकार से यह कहा जा सकता है कि दुनिया का सबसे बड़ा व्यापार समझौता है। अगर इसके सदस्य देशों की बात करें तो 10 आसियान देशों तथा 5 देशों का समूह है। आस्ट्रेलिया, चीन, जापान,दक्षिण कोरिया और न्यूजीलैंड इन सभी देशों का मानना था कि वस्तुओं एवं सेवाओं बौद्धिक संपदा ई-कॉमर्स और कम्युनिकेशन के साथ-साथ छोटे और मध्य व्यापार को बढ़ावा मिले। जिससे सभी देश आपस में एक दूसरे के बाजार में सरलता से प्रवेश कर सकें। इसीलिए प्रत्येक वर्ष सभी सदस्य दे  देश और आरसीएपी में हस्ताक्षर करते हैं।  वर्तमान समय में 15 नवंबर को 15 देशों ने वियतनाम के हनोई शहर में RCEP में हस्ताक्षर किए हैं । लेकिन भारत ने इस समझ...